Pakistan Airstrike Kandahar: पाकिस्तान वायु सेना (PAF) ने अफगानिस्तान के कंधार में तालिबान के सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुंदजादा को निशाना बनाकर एक बड़ा हमला किया है. रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला शुक्रवार की सुबह कंधार के कैंप गेको (Camp Gecko) स्थित एक हाई-सिक्योरिटी कंपाउंड पर किया गया. यह जगह तालिबान नेतृत्व का गढ़ मानी जाती है. सुरक्षा सूत्रों का दावा है कि यह फरवरी में पाकिस्तान द्वारा ओपन वॉर घोषित किए जाने के बाद से अब तक का सबसे घातक सैन्य एक्शन है.
22 लोगों की मौत, 50 से ज्यादा घायल
‘सीएनएन-न्यूज 18’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, हमले में शुरुआती जानकारी के मुताबिक, 22 लोग मारे गए हैं और 50 से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं. रिपोर्ट्स बताती हैं कि मारे गए लोग तालिबान की ‘रेड यूनिट’ के सदस्य थे, जो इस कंपाउंड की सुरक्षा में तैनात थे. पिछले 48 घंटों से कंधार के आसमान में पाकिस्तानी विमानों की हलचल देखी जा रही थी. हालांकि, कंपाउंड के ऊपरी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, लेकिन सुप्रीम लीडर अखुंदजादा की स्थिति पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है.
तालिबान प्रमुख को निशाना बनाना आसान नहीं
सुरक्षा जानकारों का मानना है कि तालिबान प्रमुख को निशाना बनाना आसान नहीं है. अखुंदजादा के लिए विशेष रूप से गहरे अंडरग्राउंड बंकर बनाए गए हैं, जो हवाई हमलों को झेलने में सक्षम हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि ऊपर की इमारतें भले ही तबाह हो गई हों, लेकिन जमीन के नीचे के बंकर शायद सुरक्षित रहे हों. यह हमला पाकिस्तान के ऑपरेशन गजब-ए-हक का हिस्सा है, जिसे सीमा पार से हो रहे हमलों के जवाब में शुरू किया गया था.
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तालिबान ने दावों को किया खारिज
वहीं, काबुल में बैठी तालिबान सरकार ने इन रिपोर्टों को पूरी तरह से गलत बताया है. तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे खुली आक्रामकता कहा है और जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है. तालिबान का कहना है कि अल्हम्दुलिल्लाह, कुछ नहीं हुआ है. तालिबान ने पाकिस्तानी मीडिया पर झूठ फैलाने और मनोवैज्ञानिक युद्ध (psychological warfare) का आरोप लगाया है. उन्होंने याद दिलाया कि पहले भी पाकिस्तानी मीडिया ने टीटीपी नेता नूर वली महसूद के मारे जाने का दावा किया था, जो गलत साबित हुआ था.
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