साल 2032 में ब्रिस्बेन ओलंपिक होने वाले हैं. कुछ मुकाबले ऐसी जगहों पर होंगे, जिन्हें जानकर आप हैरान रह जाएंगे. बीबीसी के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड राज्य के रॉकहैम्प्टन शहर की फिट्जरॉय नदी को ओलंपिक और पैरालंपिक के कुछ वाटर स्पोर्ट्स मुकाबलों के लिए चुना गया है. खास बात यह है कि इस नदी में 500 से ज्यादा मगरमच्छ पाए जाते हैं.
रोइंग और कैनोइंग के मुकाबले होंगे आयोजित
फिट्जरॉय नदी में ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों के दौरान रोइंग और कैनोइंग (कैनो स्प्रिंट) प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी. इन खेलों में खिलाड़ी नदी के पानी पर तेज रफ्तार से मुकाबला करते नजर आएंगे. ऐसे में खिलाड़ियों की सुरक्षा आयोजकों के लिए बड़ी जिम्मेदारी होगी.
नदी में पाए जाते हैं खतरनाक खारे पानी के मगरमच्छ
फिट्जरॉय नदी में सॉल्टवॉटर क्रोकोडाइल यानी खारे पानी के मगरमच्छ पाए जाते हैं. ये मगरमच्छ काफी बड़े आकार के हो सकते हैं और कुछ की लंबाई 4 से 6 मीटर तक बताई जाती है. यही वजह है कि इस नदी में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित करने को लेकर सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
तकनीकी आकलन के बाद मिली प्रतियोगिता की मंजूरी
'वर्ल्ड रोइंग' और अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों ने फिट्ज़रॉय नदी का तकनीकी आकलन करने के बाद इसे प्रतियोगिताओं के लिए उपयुक्त माना है. अधिकारियों के मुताबिक यह नदी लंबे समय से स्थानीय खिलाड़ियों की ट्रेनिंग और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए इस्तेमाल होती रही है.
40 साल में मगरमच्छ के हमले का रिकॉर्ड नहीं
अधिकारियों के अनुसार फिट्जरॉय नदी में पिछले करीब 40 वर्षों में मगरमच्छ के हमले का कोई रिकॉर्ड सामने नहीं आया है. इसी सुरक्षा रिकॉर्ड और नदी के तकनीकी आकलन को ध्यान में रखते हुए यहां ओलंपिक और पैरालंपिक प्रतियोगिताएं आयोजित करने की योजना को मंजूरी दी गई है.
मगरमच्छ दिखा तो तुरंत रोक दी जाएगी रेस
खेलों के दौरान खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए विशेष नियम और इमरजेंसी बैकअप प्लान तैयार रखा जाएगा. प्रतियोगिता के दौरान अगर कोई मगरमच्छ रेसिंग क्षेत्र के आसपास दिखाई देता है, तो रेस को तुरंत रोक दिया जाएगा. इसके बाद खिलाड़ियों को सुरक्षित तरीके से नदी से बाहर लाया जाएगा.
रोमांच और खतरे के बीच होगा ओलंपिक मुकाबला
फिट्जरॉय नदी में होने वाले मुकाबले 2032 ओलंपिक के सबसे अलग आयोजनों में शामिल हो सकते हैं. एक तरफ दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी रोइंग और कैनोइंग में पदक के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे, वहीं दूसरी तरफ नदी में मौजूद मगरमच्छों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर आयोजकों की नजर रहेगी.
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