मगरमच्छों की नदी में ओलंपिक, 2032 में इसी खतरनाक पानी में उतरेंगे रोइंग के खिलाड़ी

2032 ब्रिस्बेन ओलंपिक में जल क्रीड़ा के मुकाबले फिट्जरॉय नदी में आयोजित होंगे, जो मगरमच्छों का घर है. जानिए कैसे आयोजक खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे.

साल 2032 में ब्रिस्बेन ओलंपिक होने वाले हैं. कुछ मुकाबले ऐसी जगहों पर होंगे, जिन्हें जानकर आप हैरान रह जाएंगे. बीबीसी के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड राज्य के रॉकहैम्प्टन शहर की फिट्जरॉय नदी को ओलंपिक और पैरालंपिक के कुछ वाटर स्पोर्ट्स मुकाबलों के लिए चुना गया है. खास बात यह है कि इस नदी में 500 से ज्यादा मगरमच्छ पाए जाते हैं.

रोइंग और कैनोइंग के मुकाबले होंगे आयोजित

फिट्जरॉय नदी में ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों के दौरान रोइंग और कैनोइंग (कैनो स्प्रिंट) प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी. इन खेलों में खिलाड़ी नदी के पानी पर तेज रफ्तार से मुकाबला करते नजर आएंगे. ऐसे में खिलाड़ियों की सुरक्षा आयोजकों के लिए बड़ी जिम्मेदारी होगी.

नदी में पाए जाते हैं खतरनाक खारे पानी के मगरमच्छ

फिट्जरॉय नदी में सॉल्टवॉटर क्रोकोडाइल यानी खारे पानी के मगरमच्छ पाए जाते हैं. ये मगरमच्छ काफी बड़े आकार के हो सकते हैं और कुछ की लंबाई 4 से 6 मीटर तक बताई जाती है. यही वजह है कि इस नदी में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित करने को लेकर सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

तकनीकी आकलन के बाद मिली प्रतियोगिता की मंजूरी

'वर्ल्ड रोइंग' और अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों ने फिट्ज़रॉय नदी का तकनीकी आकलन करने के बाद इसे प्रतियोगिताओं के लिए उपयुक्त माना है. अधिकारियों के मुताबिक यह नदी लंबे समय से स्थानीय खिलाड़ियों की ट्रेनिंग और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए इस्तेमाल होती रही है.

40 साल में मगरमच्छ के हमले का रिकॉर्ड नहीं

अधिकारियों के अनुसार फिट्जरॉय नदी में पिछले करीब 40 वर्षों में मगरमच्छ के हमले का कोई रिकॉर्ड सामने नहीं आया है. इसी सुरक्षा रिकॉर्ड और नदी के तकनीकी आकलन को ध्यान में रखते हुए यहां ओलंपिक और पैरालंपिक प्रतियोगिताएं आयोजित करने की योजना को मंजूरी दी गई है.

मगरमच्छ दिखा तो तुरंत रोक दी जाएगी रेस

खेलों के दौरान खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए विशेष नियम और इमरजेंसी बैकअप प्लान तैयार रखा जाएगा. प्रतियोगिता के दौरान अगर कोई मगरमच्छ रेसिंग क्षेत्र के आसपास दिखाई देता है, तो रेस को तुरंत रोक दिया जाएगा. इसके बाद खिलाड़ियों को सुरक्षित तरीके से नदी से बाहर लाया जाएगा.

रोमांच और खतरे के बीच होगा ओलंपिक मुकाबला

फिट्जरॉय नदी में होने वाले मुकाबले 2032 ओलंपिक के सबसे अलग आयोजनों में शामिल हो सकते हैं. एक तरफ दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी रोइंग और कैनोइंग में पदक के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे, वहीं दूसरी तरफ नदी में मौजूद मगरमच्छों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर आयोजकों की नजर रहेगी.

ये भी पढ़ें: Watch Video: मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान में क्यों बनवाई सड़कें? मौत पर क्यों रोने लगे चकवाल के लोग, जानिए पूरा मामला

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >