Nyepi 2027: बाली का अनोखा हिंदू त्यौहार, जब 24 घंटे के लिए मौन हो जाता है पूरा शहर; किवाड़ें बंद और सड़कें वीरान

बाली में हर साल एक ऐसा दिन आता है जब पूरा द्वीप 24 घंटे के लिए मौन हो जाता है. यह अनोखा हिंदू त्यौहार, न्येपी, नववर्ष का प्रतीक है. ‘Day of Silence’ के दौरान 24 घंटे तक रोशनी, यात्रा, काम और मनोरंजन पर रोक रहती है. यह दुनिया भर में अपने अनोखे नियमों के लिए काफी प्रसिद्ध है.

Nyepi 2027: बाली में हर साल ऐसा दिन आता है, जब पूरा द्वीप अचानक शांत हो जाता है. न सड़क पर आवाजाही, न रोशनी और न ही सामान्य कारोबार. ऐसा हिंदू त्यौहार, जिसमें 24 घंटे तक लोग घरों में रहकर ध्यान, प्रार्थना और आत्मचिंतन करते हैं. इस अनोखी परंपरा को न्येपी या ‘बाली डे ऑफ साइलेंस’ कहा जाता है.

यह बाली का नववर्ष भी है और इसकी जड़ें द्वीप की हिंदू परंपराओं में हैं. इसका उद्देश्य जीवन में संतुलन और सद्भाव बनाए रखने, अच्छे और बुरे के बीच संघर्ष की याद दिलाने तथा नकारात्मक शक्तियों से शुद्धिकरण से जुड़ा है.

न्येपी से पहले होती हैं भव्य रस्में

न्येपी से पहले बाली में माहौल बिल्कुल शांत नहीं होता. इसके करीब दो दिन पहले मेलास्ती समारोह होता है. इसमें लोग धार्मिक प्रतीकों को समुद्र तक ले जाते हैं और पवित्र जल से उनका शुद्धिकरण करते हैं. इसे इंसान और धरती से नकारात्मकता दूर करने की रस्म माना जाता है.

न्येपी से पहले वाली शाम को मेकारु और ओगोह-ओगोह परेड होती है. इसमें बड़ी पौराणिक आकृतियों को सड़कों पर घुमाया जाता है, जिसका उद्देश्य नकारात्मक ऊर्जा को दूर करना माना जाता है. इस दौरान पारंपरिक संगीत और नृत्य भी देखने को मिलते हैं.

बाली के हिंदू त्यौहार के दौरान इस तरह की पौराणिक आकृतियां निकाली जाती हैं. फोटो- कैनवा.

24 घंटे के लिए क्या-क्या बंद रहता है?

न्येपी के दिन रोशनी, यात्रा, काम और मनोरंजन से दूरी रखी जाती है. लोग मुख्य रूप से अपने घरों में रहते हैं, मौन धारण करते हैं, शांति बनाए रखते हैं, उपवास और ध्यान-प्रार्थना के साथ आत्मचिंतन करते हैं. इस त्यौहार के दिन लोग बिजली का उपयोग भी नहीं करते. कारोबार भी बंद रहता है और आम तौर पर सड़कें और पब्लिक प्लेस पूरी तरह सुनसान नजर आते हैं. हवाई अड्डे भी इस दिन बंद रहते हैं.

पर्यटकों को भी, चाहे वे किसी भी धर्म के हों, इन नियमों का पालन करना होता है. उन्हें अपने होटल या ठहरने की जगह से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होती. शोर और रोशनी कम रखना, काम और मनोरंजन से बचने के साथ-साथ स्थानीय धार्मिक परंपराओं का सम्मान करना जरूरी है.

बाली के हिंदू. फोटो- कैनवा.

त्यौहार के रीति रिवाज पर हो सकती है जेल

ये हम आपको क्यों बता रहे हैं कि इसका पालन करना जरूरी है? क्योंकि 20 अगस्त को स्विट्जरलैंड के एक नागरिक को इस नियम का उल्लंघन करने के आरोप में 1 साल जेल की सजा सुनाई गई है. उसने रात के अंधेरे में इस 'डे ऑफ साइलेंस' त्यौहार के बारे में अपमानजनक बातें कीं और उसे इंटरनेट पर शेयर कर दिया. फिर क्या था लुजियन एंड्रिन जग्रागेन नामक इस युवक को धर ले गई पुलिस. यह घटना 19 मार्च 2026 को हुई थी. पुलिस ने उसे लेगियां शहर से गिरफ्तार किया था.

कोर्ट में उसने बताया कि वह भूखा था और फ्रस्टेशन में उसके मुंह से यह बात निकल गई. उसका इरादा रीति रिवाज का अपमान करने का नहीं था. हालांकि, कोर्ट ने उसकी दलील खारिज कर दी. उसे 1 साल कैद की सजा सुनाई गई है.

बाली जाने वालों के लिए जरूरी बात

न्येपी के दौरान बाली के एयरपोर्ट बंद रहते हैं और टैक्सी या राइड-शेयर जैसी परिवहन सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हो सकतीं. इस दिन इंटरनेट भी बंद रहता है. इसलिए अगर आप भी इस दिन बाली पहुंचने या वहां से बाहर जाने की योजना बना रहे हैं, तो इससे बचना बेहतर है.

अगले दिन होती है नई शुरुआत

न्येपी खत्म होने के अगले दिन न्येंबाक गेनी मनाया जाता है. इसका भाव क्षमा, मेल-मिलाप और नई शुरुआत से जुड़ा है. लोग परिवार और दोस्तों से मिलते हैं, एक-दूसरे से माफी मांगते हैं और सामान्य जीवन की ओर लौटते हैं.

2027 में कब मनाया जाएगा न्येपी?

न्येपी बाली के साका कैलेंडर के अनुसार मनाया जाता है. 2027 में यह सोमवार, 8 मार्च को सुबह 5:59 बजे शुरू होगा और 9 मार्च की सुबह 6 बजे तक चलेगा. यानी करीब 24 घंटे तक बाली पूरी तरह अलग माहौल में रहेगा.

ये भी पढ़ें:- सिंधु जल संधि स्थगित होने का फायदा! लद्दाख के खेतों में पहुंचेगा ग्लेशियर का 9 करोड़ लीटर पानी

ये भी पढ़ें:- 26 साल का कार सेल्समैन बना राजकुमार, खुला बेल्जियम के शाही परिवार का पुराना राज


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अनन्त नारायण शुक्ल

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >