किम जोंग ने बहन को दिया प्रमोशन, पार्टी कांग्रेस में लिया गया फैसला

उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग को देश के अहम पद पर तैनात किया गया है. अपने पिता किम जोंग इल की मौत के बाद यो जोंग तेजी से सत्ता के पायदान चढ़ रही हैं.

उत्तर कोरिया की सत्ता में एक बार फिर किम परिवार की पकड़ मजबूत होती दिख रही है. सत्तारूढ़ पार्टी की अहम बैठक के बीच किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग को बड़ा पद दिया गया है. इसे देश की राजनीति में एक अहम संकेत माना जा रहा है. उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की ताकतवर बहन किम यो जोंग को सत्तारूढ़ पार्टी में पदोन्नति दी गई है. सरकारी मीडिया कोरियन सेंट्रल न्यूज एंजेंसी (KCNA) के मुताबिक, सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की केंद्रीय समिति ने सोमवार, 23 फरवरी को किम यो जोंग को डिप्टी डिपार्टमेंट डायरेक्टर से प्रमोट कर फुल डिपार्टमेंट डायरेक्टर बना दिया.

फिलहाल पार्टी की बड़ी कांग्रेस चल रही है, जो हर पांच साल में एक बार होती है. इस बैठक के लिए हजारों पार्टी नेता राजधानी प्योंगयांग में जुटे हैं. यहीं से देश की नीतियां तय होती है, यह चाहे विदेश नीति हो या युद्ध की तैयारी. इस कांग्रेस को किम जोंग उन की सत्ता को और मजबूत करने के मौके के तौर पर देखा जा रहा है. इस दौरान उनकी बहन किम जो योंग का कद बढ़ना काफी अहम माना जा रहा है. वह लंबे समय से अपने भाई की सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में शामिल रही हैं और उत्तर कोरिया की सबसे प्रभावशाली महिलाओं में गिनी जाती हैं.

पिता की मौत के बाद तेजी से आगे बढ़ीं किम यो जोंग

माना जाता है कि किम यो जोंग का जन्म 1980 के दशक के आखिर में हुआ था. वह किम जोंग उन के पिता और पूर्व नेता किम जोंग इल और उनकी तीसरी साथी को योंग हुई की बेटी हैं. उन्होंने अपने भाई के साथ स्विट्जरलैंड में पढ़ाई की और 2011 में पिता की मौत के बाद तेजी से सत्ता के गलियारों में आगे बढ़ीं. 2018 में जब उत्तर और दक्षिण कोरिया के रिश्तों में नरमी आई थी, तब किम यो जोंग प्योंगयांग विंटर ओलंपिक्स के दौरान दक्षिण कोरिया भी गई थीं. इसके अलावा, प्योंगयांग अक्सर दक्षिण कोरिया और अमेरिका पर बयान जारी करने के लिए उनके नाम का इस्तेमाल करता रहा है.

उत्तराधिकारी और परमाणु एजेंडा पर नजर

यह किम परिवार के लंबे शासन में वर्कर्स पार्टी की नौवीं कांग्रेस है. इस कांग्रेस के दौरान किम जोंग उन से उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार कार्यक्रम के अगले चरण का ऐलान करने की उम्मीद है.  इसके साथ ही इस बार किम की किशोर बेटी जू ए पर भी सबकी नजर है. इन्हें दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी किम जोंग उन की संभावित उत्तराधिकारी मानती है.

किम जोंग उन के शासन में देश का परमाणु कार्यक्रम दुनिया के लिए एक बड़ी चिंता बन चुका है. पिछली कांग्रेस में किम जोंग उन ने अमेरिका को देश का सबसे बड़ा दुश्मन बताया था. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वह अपने रुख में नरमी लाते हैं या इसे और सख्त करते हैं. 

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लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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