चारों तरफ तबाही, बालकनी में फंसा परिवार, नेपाल-तिब्बत सीमा से आया नया डरावना वीडियो

नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. सोशल मीडिया पर बालकनी में फंसे लोगों का वीडियो वायरल हो रहा है.

नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है. सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में बाढ़ के बीच एक मकान की बालकनी में कई लोग फंसे नजर आ रहे हैं. चारों तरफ मलबा और तेज बहाव वाला पानी दिखाई दे रहा है.

बालकनी में फंसे लोगों का वीडियो वायरल

नेपाल-चीन सीमा के पास आई विनाशकारी बाढ़ के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में हल्के नीले रंग की एक इमारत की बालकनी में कई लोग खड़े दिखाई देते हैं. नीचे तेज बहाव के साथ मिट्टी, पत्थर और मलबा बहता नजर आता है.

वीडियो में आसपास के इलाकों में भी भारी तबाही दिखाई दे रही है. कई जगह घरों और दूसरी इमारतों के आसपास मलबा जमा है.

बाढ़ के बाद भी नहीं थमी परिवार की मुश्किल

कुछ घंटे बाद उस यूजर ने एक और वीडियो शेयर किया, जो बाढ़ का पानी उतरने के बाद का है. इस वीडियो में वही हल्के नीले रंग का मकान दिखाई देता है. पानी उतर चुका है, लेकिन मकान की दीवारों, बालकनी और निचली मंजिलों पर मोटी कीचड़ की परत जमी हुई है.

वीडियो में कमरों के अंदर कुछ लोग बैठे नजर आते हैं. एक व्यक्ति बालकनी में खड़ा है, जबकि छत पर भी एक शख्स दिखाई देता है. मकान के आसपास का पूरा इलाका कीचड़ और मलबे से पटा हुआ है.

कैसे आई इतनी भयावह बाढ़?

  • यह आपदा 26 अगस्त को नेपाल के रासुवा जिले और चीन के तिब्बत क्षेत्र से लगे हिमालयी इलाके में शुरू हुई. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ऊंचाई वाले इलाके में ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिरा.
  • इसके साथ बर्फ और चट्टानों का मलबा नदी में पहुंचा, जिससे पानी का बहाव अचानक बेहद तेज हो गया.
  • बाढ़ का पानी ल्हेन्दे खोला से होते हुए भोटे कोशी और फिर त्रिशूली नदी की ओर बढ़ा. कुछ इलाकों में नदी का जलस्तर महज 30 मिनट में करीब 9 मीटर तक बढ़ गया.
  • रासुवा के अलावा नुवाकोट और धादिंग जैसे इलाकों में भी इसका असर पहुंचा. तिब्बत के ग्यिरोंग इलाके और सीमा के पास स्थित व्यापारिक क्षेत्र भी बुरी तरह प्रभावित हुए.

नेपाल में आपदा को बाद कैसी है वर्तमान स्थिति

  • 28 अगस्त की ताजा जानकारी के मुताबिक नेपाल में इस आपदा से मरने वालों की संख्या 469 पहुंच गई है. चीन की ओर से तिब्बत में भी मौतों की पुष्टि की गई है.
  • दोनों देशों में मिलाकर 1,400 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. इनमें बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक और पर्यटक भी शामिल हैं.
  • बाढ़ ने घरों के साथ-साथ सड़क, पुल और बिजली से जुड़ी परियोजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. कम से कम 19 पुल और करीब 40 किलोमीटर सड़क के बह जाने की रिपोर्ट सामने आई है.
  • इससे राहत और बचाव दलों के लिए प्रभावित इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है.

अभी टला नहीं है खतरा

  • तबाही के बाद अब एक और खतरे की चिंता बढ़ गई है. मलबे के कारण नदी के रास्ते में पानी जमा होकर एक झील जैसी स्थिति बन गई है. इसके बढ़ते पानी से दोबारा तेज बाढ़ आने का खतरा पैदा हो गया है.
  • चीन ने तिब्बत के प्रभावित इलाके में सुरक्षा कारणों से बचाव अभियान को अस्थायी रूप से रोककर टीमों को पीछे हटने का आदेश दिया है.
  • अधिकारियों को आशंका है कि जमा पानी और मलबे के कारण हालात और बिगड़ सकते हैं. नेपाल में भी नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है.
  • इस बीच राहत और बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं. लेकिन खराब मौसम, क्षतिग्रस्त सड़कें और दुर्गम पहाड़ी इलाका अभियान में बड़ी चुनौती बने हुए हैं.


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By गौतम कुमार

गौतम कुमार वर्तमान में प्रभात खबर से जुड़े पत्रकार हैं. वे राजनीति, इतिहास, साहित्य, खेल, कानून, लोक संस्कृति और मनोरंजन जैसे विविध विषयों पर लिखते हैं. किसी विषय पर रिपोर्टिंग या लेखन के दौरान उनका जोर केवल घटनाओं की जानकारी देने पर नहीं, बल्कि उसके पीछे की पृष्ठभूमि, सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ और उसके प्रभाव को समझाने पर रहता है.

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