नेपाल में बवाल: कुर्सी संभालते ही मुश्किल में बालेन शाह, विरोध तेज

Nepal Protests : नेपाल में विरोध की वजह कई फैसले बने हैं. जैसे छात्र यूनियन खत्म करना, भारत से आने वाले सामान पर नया कस्टम ड्यूटी लगाना और गृहमंत्री सुदान गुरंग के इस्तीफे की मांग.

Nepal Protests : नेपाल में काठमांडू के मेयर से राष्ट्रीय नेता बने बालेन शाह की सरकार के खिलाफ लोगों का गुस्सा तेजी से बढ़ रहा है. सरकार बने अभी एक महीना भी नहीं हुआ, लेकिन दो-तिहाई बहुमत के बावजूद हालात बिगड़ते दिख रहे हैं. विरोध सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के प्रशासनिक केंद्र सिंहदरबार तक पहुंच गया है. काठमांडू समेत कई शहरों में छात्र, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और आम लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं. लोग सरकार के फैसलों से नाराज हैं और लगातार विरोध तेज होता जा रहा है.

नेपाल में 27 मार्च 2026 को बालेन्द्र (बालेन) शाह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. 35 साल के बालेन देश के सबसे कम उम्र के पीएम हैं.

नेपाल में भारत से लाए जाने वाले सामान पर कस्टम ड्यूटी

प्रदर्शनों की एक बड़ी वजह यह है कि सरकार ने भारत से लाए जाने वाले 100 रुपये से ज्यादा के सामान पर अनिवार्य कस्टम ड्यूटी लगा दी है. इस फैसले से आम लोग नाराज हैं और इसी कारण विरोध तेजी से बढ़ रहा है. सीमा इलाकों के लोग कह रहे हैं कि इस फैसले का सीधा असर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है, क्योंकि वे जरूरी सामान के लिए भारत से खरीदारी पर निर्भर रहते हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह नियम आम लोगों पर बेवजह आर्थिक बोझ डाल रहा है.

छात्र संघ विवाद से युवाओं में भारी नाराजगी

सरकार द्वारा राजनीतिक दलों से जुड़े छात्र संगठनों को नजरअंदाज करने या हटाने की कोशिश भी गुस्से की बड़ी वजह बनी है. छात्र नेताओं का कहना है कि सरकार बातचीत करने के बजाय दबाव वाली नीति अपना रही है, जिससे युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है. हजारों छात्र देशभर में सड़कों पर उतर आए हैं और कई प्रदर्शन स्कूल-कॉलेज के छात्रों के नेतृत्व में हो रहे हैं.

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गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग तेज

विरोध प्रदर्शन गृहमंत्री सुदान गुरंग पर लगे आरोपों के इर्द-गिर्द भी घूम रहा है. उन पर आय से ज्यादा संपत्ति और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन (Financial Transactions) के आरोप हैं. प्रदर्शनकारियों और विपक्ष का कहना है कि उनका नाम कुछ संदिग्ध कारोबारी सौदों और वित्तीय मामलों से जुड़ा है. मीडिया रिपोर्ट्स में भी विवादित निवेश और शेयरहोल्डिंग की बातें सामने आई हैं, जिससे इस्तीफे की मांग और तेज हो गई है.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

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