नेपाल की संसद में 77 दिनों से चल रहा विपक्ष का विरोध आखिरकार खत्म हो गया. क्योंकि हाउस स्पीकर डोल प्रसाद आर्याल ने प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह को संसद में उपस्थित होकर सांसदों के सवालों का जवाब देने का निर्देश दिया है? प्रधानमंत्री बनने के बाद यह पहली बार है जब स्पीकर ने शाह को सदन में आने का निर्देश दिया है.
स्पीकर ने नियमों के तहत दिया निर्देश
सोमवार ( 17 अगस्त ) को प्रतिनिधि सभा की बैठक में स्पीकर आर्याल ने कहा कि प्रधानमंत्री शाह को सदन में मौजूद होकर उन महत्वपूर्ण मुद्दों पर सांसदों के सवालों का जवाब देना होगा, जो सीधे पीएम या उनके अधिकार क्षेत्र से जुड़े हैं. यह निर्देश प्रतिनिधि सभा नियमावली 2083 बीएस के नियम 56 से 60 के तहत दिया गया है.
आदेश के बाद विपक्ष ने खत्म किया हंगामा
स्पीकर के निर्देश के बाद विपक्षी दलों ने संसद की कार्यवाही में अपना विरोध और बाधा खत्म कर दी. नेपाली कांग्रेस, UML, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी, श्रम संस्कृति पार्टी और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी लगातार प्रधानमंत्री के सवाल-जवाब सत्र में शामिल होने की मांग कर रहे थे.
भारत से जुड़े बयान पर भी विवाद
पीएम शाह के 31 मई के संसद में दिए गए बयान को लेकर भी विपक्ष नाराज था. विपक्षी सांसद शाह से उस बयान को वापस लेने या अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर रहे थे. हालांकि, सोमवार को स्पीकर ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को कोई अलग निर्देश नहीं दिया.
अब सदन में जवाब देंगे पीएम शाह
नेपाल की प्रतिनिधि सभा की नियमावली के अध्याय 9 में प्रधानमंत्री से सवाल-जवाब की व्यवस्था है. नियम 56 के मुताबिक हर महीने के पहले सप्ताह में एक बैठक का पहला घंटा पीएम से महत्वपूर्ण विषयों पर सवाल पूछने के लिए निर्धारित किया जाता है. अब बालेंद्र शाह के सदन में आने और सांसदों के सवालों का जवाब देने का रास्ता साफ हो गया है.
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