Nepal Flood: नेपाल त्रासदी में 1259 मौतें; 5053 लोग अब भी लापता, 12 हजार से ज्यादा का रेस्क्यू

Nepal Flood : नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है. इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 1,259 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 5,053 लोग अभी भी लापता हैं. हजारों परिवारों को गहरे सदमे में डाल चुकी इस त्रासदी में बचाव कार्य तेजी से चल रहा है.

Nepal Flood: नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही मची है. 26 अगस्त को आई इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 1,259 लोगों की मौत की खबर है. द काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, राहत और बचाव दलों ने 12,038 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है, जबकि 5,053 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. लगातार जारी रेस्क्यू अभियान के बीच मृतकों और लापता लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

तबाह हुए इलाके में जीवन रेखाओं का टूटना

आपदा के कारण नेपाल के कई इलाकों में सड़कें, पुल और दूसरी जरूरी सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. कई स्थानों पर मलबा जमा होने और संपर्क मार्ग टूटने से राहत टीमों को पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. प्रभावित इलाकों में लोगों तक भोजन, पानी और जरूरी सामान पहुंचाने का काम भी जारी है.

हजारों परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

इस त्रासदी ने हजारों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है. बड़ी संख्या में लोग अपने परिजनों की तलाश में जुटे हैं. लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रहे हैं. मलबे और दुर्गम इलाकों में खोज अभियान चलाना चुनौती बना हुआ है.

इस मानवीय संकट के बीच, सरकार और बचाव दल न केवल जीवन बचाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, बल्कि प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुँचाने के लिए भी पूरी जान लगा रहे हैं.

रेस्क्यू के साथ राहत पर भी जोर

प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां राहत एवं बचाव अभियान को तेज करने में जुटी हैं. सुरक्षित निकाले गए लोगों को राहत केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है. प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और जरूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है.

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लेखक के बारे में

By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

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