Nepal Floods : बाढ़ की तबाही के बीच ट्रेजर हंटिंग, उफनती नदी में सामान तलाशते दिखे लोग

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें सैकड़ों जानें गईं और हज़ारों लापता हैं. तबाही के इस मंज़र के बीच, कुछ लोग बाढ़ में बहकर आए कीमती सामानों की तलाश करते नज़र आ रहे हैं.

बुधवार (26 अगस्त) को नेपाल नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. इस हादसे में अब तक 359 लोगों की मौत हुई है, जबकि 900 से ज्यादा लोग लापता हैं. इस त्रासदी के बाद सामने आई तस्वीरें और वीडियो इसकी भयावहता बयां कर रहे हैं.

तस्वीरों में बाढ़ की तबाही का मंजर

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में बाढ़ के बाद का मंजर बेहद खौफनाक नजर आ रहा है. पूरा इलाका कीचड़ और मलबे से पटा हुआ है. चारों तरफ तबाही मची है. कहीं तेज बहाव में घर और दुकानें बहती नजर आ रही हैं, तो कहीं लोग अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करते दिख रहे हैं.

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हालांकि, इस खौफनाक मंजर के बीच कुछ ऐसे वीडियो भी सामने आए हैं, जिन्हें देखकर आप भी सोचने पर मजबूर हो जाएंगे. सोशल मीडिया पर इसे ट्रेजर हंटिंग कहा जा रहा है, जो आपदा के वक्त इंसानियत और संवेदनशीलता को लेकर सवाल खड़े कर रहा है.

क्या होता है ट्रेजर हंटिंग

नेपाल में बाढ़ के बाद वायरल हो रहे कुछ वीडियो को सोशल मीडिया पर ट्रेजर हंटिंग कहा जा रहा है. इन वीडियो में कुछ लोग बाढ़ से प्रभावित इलाकों और मलबे के बीच कथित तौर पर कीमती सामान तलाशते नजर आ रहे हैं.

ट्रेजर हंटिंग का मतलब होता है खजाने या कीमती चीजों की तलाश करना.

दरअसल, सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो वायरल हैं, जिनमें लोग तेज बहाव के बीच बाढ़ में बहकर आए सामानों को निकालने के लिए नदी में उतरते दिखाई दे रहे हैं. एक वीडियो में एक महिला के शव से आभूषण निकालने का वीडियो भी वायरल हो रहा.

उफनती नदी में सामान बटोरने की होड़

  • पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर, बगहा और मधुबनी इलाके में गंडक नदी के किनारे लोगों की भीड़ लगी है.
  • स्थानीय लोगों के मुताबिक, नेपाल में आई बाढ़ के बाद नदी के तेज बहाव के साथ बड़ी मात्रा में लकड़ी, गैस सिलेंडर और दूसरे सामान बहकर आ रहे हैं.
  • रिपोर्टों के मुताबिक, कई लोग नाव और ट्यूब के सहारे नदी में उतरकर लकड़ियां और दूसरे सामान किनारे ला रहे हैं.
  • कुछ लोग नदी के किनारे पानी कम होने वाले हिस्सों में उतरकर बाढ़ में बहकर आए सामान की तलाश कर रहे हैं.
  • स्थानीय लोगों का दावा है कि अलग-अलग घाटों से अब तक 100 से ज्यादा एलपीजी सिलेंडर निकाले जा चुके हैं.

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By गौतम कुमार

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