Nepal Flood Alert : 26 अगस्त की तबाही के बाद फिर मची आफत, गोरखा में बाढ़ से बहे 4 घर; इस इलाके में हाई अलर्ट

नेपाल में बाढ़ का खतरा टला नहीं है. गोरखा जिले में फिर से आई बाढ़ ने तबाही मचाई है, जिसमें 4 घर बह गए हैं. मनासलु ट्रैक पर फंसे विदेशी ट्रैकरों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं.

Nepal Flood Alert : नेपाल अभी 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ से उबरा भी नहीं था कि फिर से बाढ़ ने लोगों को डराना शुरू कर दिया है. गोरखा जिले के ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में रविवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने फिर से तबाही मचाई है. गोरखा के चुमनुबरी ग्रामीण नगरपालिका क्षेत्र से होकर बहने वाली थेरांग नदी के उफान पर आने से निचले इलाकों में पानी और मलबा भर गया. सहायत मुख्य जिला अधिकारी नेत्र प्रसाद शर्मा के अनुसार, बाढ़ के साथ भारी मात्रा में मिट्टी और मलबा बहकर आया, जिससे नदी का मुहाना कुछ समय के लिए बंद हो गया और आसपास के इलाके जलमग्न हो गए.

4000 से ज्यादा लोग अब भी लापता

नेपाल पुलिस के अनुसार, अब तक 1,341 से शव बरामद हो चुके है, जबकि 4,044 लोग अब भी लापता हैं. ऐसे में साफ है कि जैसे-जैसे मलबा हटाया जा रहा है और शव बरामद हो रहे हैं, इस विनाशकारी त्रासदी का असली आंकड़ा और भयावह हो सकता है.

चार मकान और झूला पुल बहा, बाल-बाल बचीं जिंदगियां

जिला पुलिस कार्यालय के मुताबिक, रविवार तड़के चुमनुबरी ग्रामीण नगरपालिका-4 में आई तेज बाढ़ चार स्थानीय ग्रामीणों नामरुंगकनुरबु ओंग्याल, उरगेन छायोडेन, लकपा भूती और दोरजे ग्यालजेन के घरों को अपने साथ बहा ले गई. पुलिस उपाधीक्षक (DSP) और जिला पुलिस प्रमुख राजकुमार श्रेष्ठ ने बताया कि घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.

जलस्तर बढ़ते ही स्थानीय लोगों ने समय रहते सुरक्षित स्थानों की ओर भागकर अपनी जान बचा ली. हालांकि, इलाके को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण सस्पेंशन (झूला) पुल पूरी तरह टूटकर पानी में बह गया है.

मनासलु ट्रैक पर फंसे विदेशी ट्रैकर, संपर्क बहाल करने की कोशिश

झूला पुल बह जाने से विश्व प्रसिद्ध मनासलु सर्किट पर आने वाले विदेशी और स्थानीय ट्रैकर्स की मुश्किलें बढ़ गई हैं. यह इलाका अपनी तिब्बती संस्कृति, प्राचीन मठों (गोम्पा) और ग्लेशियरों के लिए ट्रैकिंग के शौकीनों के बीच काफी लोकप्रिय है. चुमनुबरी ग्रामीण नगरपालिका के अध्यक्ष निमा लामा ने बताया कि पैदल यात्रियों और ट्रैकर्स की आवाजाही को फिर से शुरू करने के लिए स्थानीय प्रशासन अस्थायी वैकल्पिक पुल या मार्ग बनाने के प्रयास में जुट गया है.

बूढ़ीगंडकी नदी बेसिन में हाई अलर्ट जारी

चूंकि थेरांग नदी का पानी आगे चलकर सीधे बूढ़ीगंडकी नदी में मिलता है, इसलिए प्रशासन ने बूढ़ीगंडकी नदी के पूरे बेसिन क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की कड़ी चेतावनी जारी की है. अधिकारियों ने नदी किनारे बसे गांवों को किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने और सुरक्षित ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने की सलाह दी है.


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By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

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