Nepal Flood Updates : मौत का आंकड़ा 475 पहुंचा,1000 से अधिक लापता ; नदी किनारे और डाउनस्ट्रीम इलाकों में सर्च ऑपरेशन जारी

नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है। पुलिस के अनुसार, बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 475 हो गई है, जबकि 1000 से अधिक लोग अब भी लापता हैं.

नेपाल में बुधवार( 26 अगस्त ) को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. पुलिस के अनुसार, बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 475 हो गई है, जबकि 1000 से अधिक लोग अब भी लापता हैं. बचाव दल बाढ़ प्रभावित इलाकों के साथ-साथ नदियों के बहाव वाले क्षेत्रों में भी लोगों की तलाश कर रहे हैं.

भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में आया तेज सैलाब

बुधवार सुबह उत्तरी नेपाल के रसुवा और आसपास के जिलों में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई. भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में पानी और मलबे का तेज बहाव आया, जिसकी चपेट में घर, पुल, सड़कें और दूसरी बुनियादी सुविधाएं बह गईं. कई इलाकों का संपर्क देश के बाकी हिस्सों से कट गया.

अब भी साफ नहीं तबाही का पूरा आंकड़ा

अधिकारियों के मुताबिक, अलग-अलग जिलों से सामने आ रहे मौत और लापता लोगों के आंकड़ों का मिलान किया जा रहा है. इसलिए आपदा से हुए नुकसान और जनहानि की पूरी तस्वीर अभी साफ नहीं हो पाई है.

667 पर्यटक और यात्री लापता

नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, बाढ़ प्रभावित इलाकों में 667 पर्यटक और यात्री अब भी लापता बताए जा रहे हैं. इनमें 127 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं. बोर्ड रसुवा, नुवाकोट और धादिंग में मौजूद या वहां से गुजर रहे यात्रियों की जानकारी जुटाकर उनके ठिकाने की पुष्टि कर रहा है.

विदेशी नागरिक भी लापता

बाढ़ के बाद कई विदेशी नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है. पर्यटन बोर्ड के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों से 31 विदेशी नागरिकों को बचाया गया है. इनमें एक भारतीय, चार दक्षिण कोरियाई, दो अमेरिकी, दो रूसी, दो इतालवी, एक बुल्गारियाई और एक स्विस नागरिक शामिल हैं। बचाए गए अन्य 18 लोगों की राष्ट्रीयता की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है.

सेना और सुरक्षा बलों ने संभाला मोर्चा

नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल को बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान में लगाया गया है। हेलीकॉप्टरों की मदद से दुर्गम और कटे हुए इलाकों तक पहुंचकर लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है. वहीं, जमीनी टीमें नदी के किनारों और डाउनस्ट्रीम बस्तियों में लगातार तलाश अभियान चला रही हैं.

सड़क-पुल तबाह, राहत अभियान में बढ़ी मुश्किल

बाढ़ ने क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था और अन्य बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त होने से राहत एवं बचाव टीमों के लिए प्रभावित इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है. इसके बावजूद बचाव अभियान को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है.


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By सत्येन्द्र गिरि

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पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

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