Myanmar Pakistan Relation: भारत के पड़ोसी क्षेत्र में बढ़ती कूटनीतिक हलचलों के बीच पाकिस्तान और म्यांमार ने अपने संबंधों को नई गति देने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं. दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के इस संपर्क को भारत भी क्षेत्रीय संतुलन और रणनीतिक समीकरणों के नजरिये से अहम मानता है. इसी परिप्रेक्ष्य में सोमवार, 26 जनवरी 2026 को पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और म्यांमार के विदेश मंत्री थान स्वे के बीच बातचीत हुई. इसे दोनों पक्षों ने ‘वेरी फ्रूटफुल’ बताया. दोनों देशों ने धार्मिक पर्यटन समेत कई क्षेत्रों में रिश्तों को आगे बढ़ाने की बात कही.
थान स्वे 24 जनवरी की रात चार दिन के आधिकारिक दौरे पर इस्लामाबाद पहुंचे. उन्होंने विदेश मंत्रालय में इशाक डार से मुलाकात की. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की और साझा समृद्धि को ध्यान में रखते हुए धार्मिक पर्यटन, लोगों के बीच संपर्क और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई. साथ ही, क्षेत्रीय और वैश्विक शांति व सुरक्षा के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ और पारस्परिक हितों के विषयों पर करीबी संपर्क बनाए रखने का निर्णय लिया गया.
बैठक के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस वार्ता में अपने संवाद के महत्व को रेखांकित किया और रिश्तों को और मजबूत बनाने की इच्छा जताई. इशाक डार ने कहा कि वार्ता व्यापक और उपयोगी रही तथा यह दौरा पाकिस्तान-म्यांमार संबंधों को फिर से सक्रिय और मजबूत करने की साझा इच्छा को दर्शाता है. उन्होंने बताया कि दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच राजनीतिक परामर्श की व्यवस्था बनाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए. उनके अनुसार, यह तंत्र द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर नियमित संवाद को संस्थागत रूप देगा.
किन मुद्दों पर दोनों देशों ने सहयोग बढ़ाया?
डार ने कहा कि बातचीत में सहयोग की बड़ी संभावनाओं को पहचाना गया और ठोस नतीजों वाली योजनाओं के जरिए जुड़ाव बढ़ाने पर जोर दिया गया. दोनों देशों ने क्षमता निर्माण, विकास कार्यों और मानवीय सहयोग के क्षेत्रों में भी साथ काम करने की सहमति जताई. उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्ष अपने नागरिकों को वाणिज्य दूतावास संबंधी सहायता बेहतर ढंग से उपलब्ध कराने पर सहमत हुए, खासकर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोहों के शिकार लोगों के मामलों में.
पाकिस्तान ने म्यांमार में शांति स्थापना की कामना की
इशाक डार ने पाकिस्तान की समृद्ध बौद्ध विरासत का जिक्र करते हुए धार्मिक पर्यटन को सांस्कृतिक रिश्ते मजबूत करने का जरिया बताया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध म्यांमार का समर्थन करता है. वहीं थान स्वे ने कहा कि उनका देश द्विपक्षीय और बहुपक्षीय स्तर पर सहयोग बढ़ाने को इच्छुक है. उन्होंने बताया कि रवाना होने से पहले उन्होंने अपने देश में कई मंत्रियों से चर्चा की थी ताकि साझेदारी के नए अवसर तलाशे जा सकें. उनके अनुसार, यह बैठक भविष्य में सहयोग के नए रास्ते खोलेगी.
म्यांमार ने अपने देश में निवेश के लिए किया आमंत्रित
थान स्वे ने यह भी कहा कि दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को आगे बढ़ाने और लोगों के बीच संपर्क मजबूत करने पर सहमत हुए हैं. उन्होंने म्यांमार को विदेशियों के लिए सुरक्षित बताते हुए निवेशकों को वहां आकर निवेश करने का निमंत्रण दिया. उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि पाकिस्तान और म्यांमार एक सदी से अधिक समय तक ब्रिटिश शासन के दौरान एक ही प्रशासनिक ढांचे का हिस्सा रहे और स्वतंत्रता आंदोलन में भी समान अनुभव साझा किए, जिसके बाद से दोनों देशों के संबंध मैत्रीपूर्ण रहे हैं.
अपने दौरे के दौरान थान स्वे अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात कर सकते हैं. हालांकि दोनों देशों के रिश्ते सामान्य रूप से सकारात्मक रहे हैं, लेकिन कई वर्षों से उच्च-स्तरीय यात्राएं नहीं हुई थीं. इशाक डार ने बताया कि म्यांमार के नेतृत्व की पिछली यात्रा मई 2015 में हुई थी, जबकि पाकिस्तान की ओर से आखिरी उच्च-स्तरीय दौरा 2012 में तत्कालीन राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने किया था.
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