ईरान में अचानक बाल काटने लगीं महिलाएं तो सरकार के उड़ गए होश, मामला जानकर आप भी हो जाएंगे अचंभित

तेहरान की महसा अमीनी को मंगलवार को धार्मिक मामलों की पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उन पर आरोप था कि उन्होंने सिर को ढंकने के एक सख्त ड्रेस कोड का पालन नहीं किया था. तेहरान में महसा अमीनी की गिरफ्तारी के बाद वैन में उनकी पिटाई की गई थी.

नई दिल्ली : इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान, पर्सिया या ईरान में महिलाएं अचानक अपने बाल काटने लगीं. महिलाओं के बाल कटाने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर इतनी तेजी वायरल होने लगा कि ईरानी सरकार के होश ही उड़ गए. मीडिया की रिपोर्ट की मानें, तो ईरान की महिलाएं हिजाब को लेकर पुलिस की हिरासत में हुई एक लड़की की मौत के बाद विरोध-प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. ईरान में महिलाओं के हिजाब पहनने को लेकर कानून सख्त है. हिजाब को लेकर पुलिस हिरासत में एक लड़की की मौत के बाद वहां की महिलाओं का गुस्सा सड़कों और गलियों से होते हुए सोशल मीडिया तक पहुंच गया. ईरान की महिलाओं ने अपने विरोधस्वरूप न केवल हिजाब को उतार फेंका, बल्कि खुद ही अपने बाल भी काट डाले.

हिजाब न पहनने पर पुलिस ने महसा अमीनी को किया था गिरफ्तार

बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान की महसा अमीनी को मंगलवार को धार्मिक मामलों की पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उन पर आरोप था कि उन्होंने सिर को ढंकने के एक सख्त ड्रेस कोड का पालन नहीं किया था. तेहरान में महसा अमीनी की गिरफ्तारी के बाद वैन में उनकी पिटाई की गई थी. हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों का खंडन किया है. अमीनी के अंतिम संस्कार के समय कथित तौर पर कुछ महिलाओं ने विरोधस्वरूप अपने हिजाब उतार दिए, जबकि ईरान में हिजाब पहनना जरूरी है. सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें प्रदर्शनकारी ‘तानाशाह मुर्दाबाद’ के नारे लगा रहे हैं और बाद में पुलिस भीड़ पर गोलियां चला रही है. अमीनी के शव को पश्चिमी कुर्दिस्तान के साकेज में उनके गृहनगर में दफनाया गया है.

महिलाएं खुद ही काट रही हैं बाल

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी लड़की महसा की मौत के बाद मचे बवाल से ईरानी सरकार का भी होश उड़ा हुआ है. महसा अमीनी के समर्थन में काफी तादाद में महिलाएं सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रही हैं. ईरान की राजधानी तेहरान में महिलाओं ने महसा की मौत का जोरदार विरोध करते हुए जमकर विरोध-प्रदर्शन किया. सोशल मीडिया पर भी कई ऐसे वीडियो वायरल हुई, जिनमें महिलाएं प्रदर्शन करती हुई नजर आ रही हैं. काफी महिलाओं ने विरोध को अनोखा रूप देते हुए अपने बालों को काटते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर की हैं, जो काफी वायरल हो रही हैं.


महिलाओं ने सरेआम जलाए हिजाब

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में हिजाब को लेकर पुलिस की हिरासत में एक लड़की की मौत के बाद बवाल लगातार बढ़ता ही जा रहा है. इस घटना के बाद ईरान की महिलाएं और लड़कियां सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रही हैं. कई जगहों पर महिलाओं ने हिजाब जलाकर अपना विरोध-प्रदर्शन किया. रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि ईरान में पुलिस की हिरासत में 22 साल की एक लड़की महसा अमीनी की पिछले शुक्रवार को मौत हो गई थी. इसके बाद से ही वहां की महिलाओं में आक्रोश व्याप्त है.

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प्रदर्शनकारियों ने निकाली रैली

मीडिया की रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि पुलिस की हिरासत में मसा अमीनी की मौत के बाद विरोध जताने के लिए कुछ प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय गवर्नर के दफ्तर तक रैलियां भी निकालीं. बीबीसी के अनुसार, सुरक्षाबल प्रदर्शनकारियों के ऊपर गोली चला रहे हैं. लोगों के घायल होने और गिरफ्तार किए जाने की भी खबर है. ट्विटर पर जारी किए गए वीडियो में सुरक्षाबलों को गवर्नर के दफ्तर की सुरक्षा करते और इमारत के नजदीक जाने वाले प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करते देखा जा सकता है. उधर, महसा अमीनी के परिजनों का आरोप है कि गिरफ्तारी के समय वह पूरी तरह से स्वस्थ थीं. उनका दावा है कि पुलिस हिरासत में ही कुछ ऐसा हुआ है, जिससे उनकी मौत हो गई.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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