सऊदी अरब बस हादसे में केवल शोएब कैसे बचे? ‘अहमदाबाद प्लेन हादसे’ जैसा हुआ चमत्कार

Mohd Abdul Shoiab lone survivor of Saudi Arabia Bus accident: सऊदी अरब में सोमवार को सुबह एक भयानक बस हादसे में 42 भारतीयों की मौत हो गई. इस दुर्घटना में केवल एक मोहम्मद शोएब की जान बची. लेकिन जहां सभी आग का गोला बनी बस में जल गए, वहां शोएब कैसे बच गए?

Mohd Abdul Shoiab lone survivor of Saudi Arabia Bus accident: सऊदी अरब में सोमवार को तड़के एक भयानक हादसे में 42 भारतीयों की मौत हो गई. उमराह करने गए इन भारतीय यात्रियों में करीब 20 महिलाएँ और 11 बच्चे शामिल थे. ये सभी हैदराबाद के निवासी थे. ये दुर्घटना मक्का मदीना हाईवे पर हुई, जहां बस की टक्कर एक डीजल टैंकर से हो गई. जब टक्कर हुई, तो सभी नींद में थे और सभी की मौके पर ही मौत हो गई. लेकिन एक शख्स इस हादसे में जीवित बच गया. 24 वर्षीय मोहम्मद अब्दुल शोएब की जान बच गई. यह बिल्कुल उसी तरह है, जैसा अहमदाबाद में हुए प्लेन एक्सीडेंट में हुआ था, जहां सभी लोग मारे गए, लेकिन 11A सीट पर बैठे विश्वकुमार बच गए थे. प्लेन एक्सीडेंट में तो वे उछलकर बाहर आ गए थे, लेकिन शोएब कैसे बचे?  

सभी यात्री मक्का के अपने अनुष्ठान पूरा कर मदीना जा रहे थे. रात का समय था तो बाकी यात्री गहरी नींद में थे, लेकिन शोएब को नींद नहीं आ रही थी. इसी वजह से वे ड्राइवर के पास वाली सीट पर आ गए और संभवतः उससे बातचीत करते हुए सफर काट रहे थे. उनकी यही जागरूकता उनके लिए जीवनदान साबित हुई. जब  मफरिहात के पास बस और टैंकर की टक्कर हुई, तो शोएब और ड्राइवर तुरंत बस से कूद गए. लेकिन बस में सो रहे 42 भारतीय यात्री और दो विदेशी सहायक आग की लपटों में घिर गए और जान नहीं बचा सके. आग इतनी तेज थी कि कुछ ही क्षणों में पूरी बस जलकर राख हो गई. हाईवे पर वैसे भी गाड़ियां तेज चलती हैं और यहां भी यही हुआ हो सकता है.  

शोएब ने रिश्तेदार को दी जानकारी

हादसा होते ही तेल टैंकर से टकराने के बाद बस में आग भड़क उठी. फिलहाल घटना की असल वजह सामने नहीं आई है. हैदराबाद स्थित नामपल्ली हज हाउस में बैठे शोएब के रिश्तेदार मोहम्मद तहसीन ने बताया, “सुबह करीब 5:30 बजे शोएब का फोन आया था. उसने हांफते हुए कहा कि वह किसी तरह बच गया है, लेकिन बाकी लोग आग में फंस गए. बाद में हमें पता चला कि उसे अस्पताल ले जाया गया है, इसलिए फिर संपर्क नहीं हो पाया.”

शोएब के परिवार के कई सदस्य भी नहीं बचे

इस हादसे के बाद हैदराबाद में मृत परिवार के सदस्य मीडिया के सामने आए. उन्होंने बताया कि परिवार और रिश्तेदार की मौत हुई. उन्होंने बताया कि शोएब जिंदा है. वे हैदराबाद के झिर्राह इलाके की नटराजनगर कॉलोनी में रहते हैं. वे अपने पिता अब्दुल कादिर (56), मां गौसिया बेगम (46), दादा मोहम्मद मौलाना और चाचा के परिवार के तीन अन्य सदस्यों सहित कुल आठ लोग उमरा के लिए सऊदी अरब गए थे. हादसे के बाद जब शोएब ने अपने इलाके में मौजूद परिचितों को इस घटना के बारे में बताया तो सब सदमे में आ गए. उनके रिश्तेदार तहसीन ने बताया कि शोएब के बस से कूदने पर उन्हें कई चोटें आई हैं और फिलहाल उन्हें मदीना के एक जर्मन अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

हादसे की खबर लगते ही हज हाउस में भारी भीड़ उमड़ पड़ी. परिजन अपने प्रियजनों के बारे में जानकारी पाने के लिए ट्रैवल एजेंटों और अधिकारियों के दफ्तरों में भागदौड़ करते दिखाई दिए. उम्मीद के बावजूद, 45 यात्रियों में से सिर्फ शोएब ही जीवित बच सके. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इसे बेहद दुखद बताया और अधिकारियों को हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा में भारतीय वाणिज्य दूतावास पीड़ितों और उनके परिवारों की सहायता कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक्स पर पोस्ट कर अपनी संवेदना व्यक्त की. भारतीय मिशन सऊदी अधिकारियों के साथ मिलकर विस्तृत जानकारी जुटा रहा है और प्रभावित परिवारों को समय-समय पर अपडेट दे रहा है.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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