गर्मी में उड़ानों पर लगा ब्रेक, इस एयरलाइन ने कैंसिल किये 20 हजार फ्लाइट्स

Lufthansa Airlines: बढ़ती ईंधन लागत के बीच लुफ्थांसा एयरलाइंस ने बड़ा फैसला लेते हुए 20,000 उड़ानें रद्द करने की घोषणा की है. इसका असर यात्रियों पर पड़ सकता है. कंपनी का कहना है कि कम मुनाफे वाले मार्गों पर संचालित उड़ानों को रद्द करने से करीब 40,000 मीट्रिक टन विमान ईंधन की बचत होगी.

Lufthansa Airlines: यूरोप की प्रमुख विमानन कंपनी लुफ्थांसा एयरलाइंस (Lufthansa Group) ने वैश्विक हालात को देखते हुए कड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने घोषणा की है कि वह अक्टूबर तक अपनी करीब 20,000 छोटी दूरी की उड़ानों में कटौती करेगी. इस फैसले के पीछे सबसे बड़ी वजह ईरान युद्ध के कारण बढ़ती तेल कीमतें और कुछ क्षेत्रों में विमान ईंधन की संभावित कमी को बताया गया है. कंपनी के अनुसार, कम मुनाफे वाले मार्गों पर संचालित उड़ानों को रद्द करने से करीब 40,000 मीट्रिक टन विमान ईंधन की बचत होगी. यह कदम न केवल कॉस्ट कटिंग के लिए उठाया गया है, बल्कि अनिश्चित वैश्विक फ्यूल सप्लाई के बीच संचालन को बैलेंस रखने के लिए भी किया गया है.

विभिन्न परिचालन केंद्रों का किया जा रहा एकीकरण

हाल ही में लुफ्थांसा ग्रुप ने अपनी लागत (Cost) घटाने की दिशा में एक और बड़ा फैसला लेते हुए अपनी क्षेत्रीय सहायक कंपनी सिटीलाइन को बंद कर दिया. इसके साथ ही कंपनी ने अपने विभिन्न परिचालन केंद्रों का एकीकरण (Unification) भी शुरू कर दिया है. इस प्रक्रिया में लुफ्थांसा एयरलाइन, ऑस्ट्रियन एयरलाइन, ब्रसेल्स एयरलाइन, स्विस और आईटीए एयरवेज के साथ-साथ ब्रसेल्स, रोम, वियना और ज्यूरिख में स्थित केंद्र भी शामिल होंगे.

दोगुनी हो गई है विमान ईंधन की कीमत

28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद से कुछ बाजारों में विमान ईंधन की कीमतें दोगुनी से भी अधिक हो गई हैं. खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के आसपास जारी तनाव ने वैश्विक ईंधन आपूर्ति को प्रभावित किया है, जिससे एयरलाइंस के लिए संचालन महंगा हो गया है.

यात्रियों पर पड़ रहा दबाव

विमानों में बढ़े हुए किराये का असर यात्रियों पर भी साफ दिखाई देने लगा है. कई मार्गों पर उड़ानों के विकल्प कम हो गए हैं, जबकि गर्मियों के सीजन में टिकट किराए और अतिरिक्त शुल्क (Extra Cost) में इजाफा देखा जा रहा है. कुछ एयरलाइंस ने बैगेज शुल्क बढ़ा दिए हैं, वहीं कई जगह ईंधन अधिभार (Fuel Surcharge) भी जोड़ा जा रहा है.

लुफ्थांसा ग्रुप (Lufthansa Group) ने भरोसा जताया है कि उसने आने वाले हफ्तों के लिए पर्याप्त जेट ईंधन सुरक्षित कर लिया है और आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने के लिए विभिन्न उपायों पर काम किया जा रहा है. बता दें, परिचालन में कटौती करने वाली यह अकेली एयरलाइन नहीं है, बल्कि वैश्विक विमानन उद्योग इस समय इसी तरह की चुनौतियों का सामना कर रहा है.

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By Pritish Sahay

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