Lebanon PM America Visit: लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम जल्द ही अमेरिका के वाशिंगटन डीसी का दौरा करेंगे. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला इजरायल की उस मांग के बाद लिया गया है जिसमें उसने लेबनान से सीधी बातचीत करने को कहा है. यह हलचल ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो हफ्तों से युद्धविराम (सीजफायर) चल रहा है, हालांकि यह अब भी काफी नाजुक स्थिति में है. मिडिल ईस्ट दुनिया का वह हिस्सा है जहां एशिया, अफ्रीका और यूरोप मिलते हैं और यह इलाका अपने तेल के खजाने, पुराने इतिहास और अलग-अलग देशों के बीच आपसी तनाव के लिए हमेशा चर्चा में रहता है.
इजरायल का लेबनान पर हमला जारी
सीएनएन की रिपोर्ट बताती है कि युद्धविराम के बावजूद इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्ला के ठिकानों पर हमले बंद नहीं किए हैं. लेबनानी अधिकारियों के अनुसार, इस हफ्ते हुए बड़े हमलों में कम से कम 300 लोगों की मौत हो चुकी है. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि लेबनान में कोई युद्धविराम नहीं है और वे हिजबुल्ला पर पूरी ताकत से हमले जारी रखेंगे.
शांति समझौते के लिए नेतन्याहू की दो शर्तें
इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि नेतन्याहू ने कैबिनेट को लेबनान सरकार के साथ सीधी बातचीत शुरू करने के निर्देश दिए हैं. नेतन्याहू ने इसके लिए दो मुख्य लक्ष्य रखे हैं: पहला, हिजबुल्ला का निशस्त्रीकरण (हथियार डलवाना) और दूसरा, इजरायल-लेबनान के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौता. नेतन्याहू का दावा है कि लेबनान सरकार की ओर से बार-बार बातचीत की अपील की गई थी, जिसे इजरायल ने स्वीकार कर लिया है.
IDF ने हिजबुल्ला के लॉन्च साइट्स हमले शुरू कर दिए हैं
इजरायल डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने एक्स पर बताया कि उन्होंने लेबनान में हिजबुल्ला के लॉन्च साइट्स पर नए सिरे से हमले शुरू कर दिए हैं. वहीं, इजरायल ने लेबनान के प्रधानमंत्री की उस अपील का भी स्वागत किया है जिसमें उन्होंने बेरूत को सैन्य मुक्त करने की बात कही थी. इसे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों में बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
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अमेरिका-ईरान युद्धविराम पर संकट
इस पूरे घटनाक्रम ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते को मुश्किल में डाल दिया है. ईरान का कहना है कि इस युद्धविराम की शर्तों में लेबनान पर इजरायली हमलों को रोकना भी शामिल था. अभी यह बहस का विषय बना हुआ है कि क्या लेबनान में जारी हिंसा इस समझौते के दायरे में आती है या नहीं. शुक्रवार को आए इस अपडेट के बाद अब सभी की नजरें पीएम नवाफ सलाम की वाशिंगटन यात्रा पर टिकी हैं.
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