Video: कार्यवाहक पीएम पर सांसद ने फेंके कई अंडे, यूरोपीय देश की संसद में मचा हंगामा

कोसोवो की संसद में शनिवार को उस समय हंगामा हो गया, जब विपक्षी सांसद ने कार्यवाहक प्रधानमंत्री अल्बिन कुर्ती पर अंडे फेंक दिए. यह घटना देश में राजनीतिक गतिरोध के बीच हुई है.

कोसोवो की संसद में शनिवार को उस समय हंगामा हो गया, जब विपक्षी सांसद टाइम काद्रियाज ने कार्यवाहक प्रधानमंत्री अल्बिन कुर्ती पर अंडे फेंक गए. घटना के बाद संसद की कार्यवाही रोक दी गई और सुरक्षा कर्मियों ने प्रधानमंत्री को घेर लिया. यह घटना उस समय हुई, जब कुर्ती की पार्टी वेटवेंडोसे (Vetevendosje) नई सरकार बनाने के लिए विपक्षी दलों के साथ बातचीत कर रही है.

सांसद ने प्रधानमंत्री पर फेंके अंडे

विपक्षी एलायंस फॉर द फ्यूचर ऑफ कोसोवो की सांसद टाइम काद्रियाज कुर्ती के पास पहुंचीं और उन पर कई अंडे फेंके. सुरक्षाकर्मियों और दूसरे सांसदों ने तुरंत बीच-बचाव किया. इस दौरान काद्रियाज ने कुर्ती को निशाना बनाते हुए कहा, ‘आपको शर्म आनी चाहिए.’

हंगामे के बाद संसद की कार्यवाही स्थगित कर दी गई. संसद अध्यक्ष ने लाइव प्रसारण बंद करने का निर्देश दिया. बाद में काद्रियाज ने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किया. कुर्ती ने घटना पर ज्यादा नाराजगी नहीं जताई. उन्होंने कहा कि अगर राजनीतिक बातचीत जारी रखने की कीमत अंडे खाना है, तो वे यह कीमत चुकाने के लिए तैयार हैं.

सरकार बनाने को लेकर फंसा मामला

यह विवाद ऐसे समय हुआ है जब कुर्ती नई सरकार बनाने और देश के नए राष्ट्रपति के चुनाव को लेकर विपक्षी दलों से बातचीत कर रहे हैं. 7 जून को हुए संसदीय चुनाव में कुर्ती की पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई. उसे 120 में से 53 सीटें मिलीं. हालांकि सरकार बनाने के लिए उसे जरूरी दो तिहाई बहुमत नहीं मिला है. इसलिए उसे विपक्षी दलों के समर्थन की जरूरत है.

विपक्षी डेमोक्रेटिक लीग ऑफ कोसोवो के पास 18 सीटें हैं, जबकि कोसोवो डेमोक्रेटिक पार्टी को 22 सीटें मिली हैं. एलडीके के नेता लुमिर अब्दिक्सहिकु के साथ कुर्ती की बातचीत अभी तक किसी समझौते तक नहीं पहुंच पाई है.

संसद गठन की समय सीमा भी खत्म

कोसोवो के नियमों के अनुसार चुनाव के अंतिम नतीजे घोषित होने के बाद 30 दिनों के भीतर संसद का गठन होना चाहिए. यह समय सीमा शुक्रवार को खत्म हो गई. हालांकि, संविधान में यह स्पष्ट नहीं है कि तय समय के भीतर संसद का गठन नहीं होने पर आगे क्या होगा. इसी वजह से राजनीतिक स्थिति और ज्यादा असमंजस में है. इसके अलावा राष्ट्रपति के चुनाव के लिए दो महीने की समय सीमा है. अगर इस अवधि में राष्ट्रपति का चुनाव नहीं हो पाता है, तो संसद भंग हो सकती है और देश में फिर से संसदीय चुनाव कराने पड़ सकते हैं.

इसीलिए कुर्ती ने संसद अध्यक्ष के चुनाव के लिए उम्मीदवार पेश करने के बजाय राष्ट्रपति के चुनाव पर बातचीत के लिए और समय मांगा. उनका कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि राजनीतिक दलों के बीच समझौता हो सके और देश को एक और चुनाव में न जाना पड़े. लेकिन विपक्षी दल इस मांग का विरोध कर रहे हैं और इसे अदालत में चुनौती देने की बात कह रहे हैं.

दो साल से भी कम समय में तीन चुनाव

राजनीतिक दलों के बीच लगातार मतभेदों के कारण संसद का कामकाज सामान्य रूप से नहीं चल पा रहा है. कोसोवो पिछले दो साल में तीन बार चुनाव हो चुके हैं. फिलहाल कुर्ती की पार्टी सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद अकेले सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है. विपक्ष के साथ समझौता नहीं हुआ तो कोसोवो एक बार फिर राजनीतिक संकट और नए चुनाव की ओर बढ़ सकता है.

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लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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