भारतीयों के खिलाफ चाइनीज प्रोपेगेंडा! ‘प्रेगनेंट महिला’ के फर्जी वीडियो पर आए 1.90 करोड़ व्यूज; खुली पोल

Fake Video China Propaganda: भारत से जोड़कर वायरल किए गए एक वीडियो की पोल खुल गई है. करीब 1.90 करोड़ व्यूज पाने वाला यह वीडियो दरअसल बांग्लादेश का है. कंटेंट क्रिएटर ने खुद सामने आकर दावा किया कि उनकी वीडियो का इस्तेमाल भारत के खिलाफ भ्रामक नैरेटिव फैलाने के लिए किया गया. वहीं यूजर्स ने कहा कि इसी तरह चीन का प्रोपगैंडा चलता है.

Fake Video China Propaganda: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वायरल वीडियो को लेकर तीखी बहस चल रही है. लाखों लोगों तक पहुंच चुके इस वीडियो को भारत से जोड़कर साझा किया गया और दावा किया गया कि यह भारतीय समाज की एक तस्वीर दिखाता है. लेकिन बाद में जांच और वीडियो बनाने वाले कंटेंट क्रिएटर के बयान ने पूरे दावे की सच्चाई सामने ला दी. करीब 1.90 करोड़ बार देखे गए इस वीडियो को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या सोशल मीडिया के जरिए भारत के खिलाफ भ्रामक नैरेटिव तैयार किए जा रहे हैं.

5 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स वाले अकाउंट से हुआ वायरल

यह वीडियो सबसे पहले एक्स पर therealbuni नाम के एक यूजर द्वारा 6 जून को साझा किया गया था. उसके इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 5 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं. पोस्ट के साथ दावा किया गया कि एक कोरियाई युवक ने गर्भवती महिला का वेश धारण कर यह साबित करने की कोशिश की कि भारत में महिलाएं सुरक्षित हैं, लेकिन कथित तौर पर लोगों ने उसके साथ आक्रामक व्यवहार किया. यह दावा तेजी से वायरल हुआ और वीडियो को करोड़ों व्यूज मिलने लगे. इसके बाद सोशल मीडिया पर भारत को लेकर कई तरह की टिप्पणियां और बहस शुरू हो गई.

फैक्ट-चेक में सामने आई अलग कहानी

वीडियो वायरल होने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स और स्वतंत्र फैक्ट-चेकर्स ने इसकी जांच शुरू की. जांच के दौरान पता चला कि वीडियो का भारत से कोई संबंध नहीं है. फैक्ट-चेक करने वाले लोगों ने वीडियो की लोकेशन, पृष्ठभूमि और अन्य संकेतों की पड़ताल की और बताया कि यह फुटेज वास्तव में बांग्लादेश में रिकॉर्ड की गई थी. इसके बाद भारत से जुड़े वायरल दावे पर सवाल खड़े होने लगे.

JMUSPatriot नाम के यूजर ने लिखा, ‘चीनी दुष्प्रचार इसी तरह काम करता है. यह वीडियो बांग्लादेश का है, भारत का नहीं. चीन ने भारत के साथ क्षेत्रीय विवाद के चलते सरकारी फंडिंग वाले बॉट्स और दुष्प्रचार तंत्र को तैनात किया है. आप सब चीन के हाथों बेवकूफ बन रहे हैं – दुष्प्रचार के उस्ताद.’

वीडियो बनाने वाले सुमिन ने दी सफाई

विवाद बढ़ने पर वीडियो के मूल निर्माता youtube.sumin ने इंस्टाग्राम पर संभवतः इसी वायरल वीडियो पर कमेंट करके एक विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया. हालांकि, इस वीडियो को अब इंस्टाग्राम से डिलीट कर दिया गया है. लेकिन उसके कमेंट का स्क्रीशॉट लोगों ने साझा किया. इसमें youtube.sumin ने कहा कि उनकी सामग्री को संदर्भ से काटकर और एडिट करके गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है. सुमिन के मुताबिक, जिस वीडियो को भारत का बताकर शेयर किया गया, उसकी शूटिंग बांग्लादेश में हुई थी. 

उन्होंने कहा कि उस फुटेज को भारत से जोड़ना पूरी तरह गलत और भ्रामक है. उनका कहना था कि कुछ लोगों ने वीडियो को एक विशेष देश के खिलाफ नकारात्मक माहौल बनाने और गलत जानकारी फैलाने के उद्देश्य से इस्तेमाल किया.

होली वाले वीडियो को लेकर भी फैलाई गई गलत जानकारी

सुमिन ने एक वायरल दावे का भी खंडन किया. सोशल मीडिया पर यह भी कहा जा रहा था कि उन्होंने भारत में होली के दौरान गर्भवती महिला का रूप धारण किया था. इस पर सुमिन ने कहा कि होली से जुड़े वीडियो में वह अपने वास्तविक स्वरूप में मौजूद थे. उन्होंने बताया कि लंबे बाल होने के कारण कुछ लोगों ने उन्हें महिला बताना शुरू कर दिया, जबकि ऐसा कोई तथ्य नहीं था.

उनके अनुसार, गर्भवती महिला वाला दावा पूरी तरह निराधार है. इंस्टाग्राम पर जारी बयान में सुमिन ने कहा कि उनका कंटेंट केवल सांस्कृतिक अनुभवों, यात्राओं और मनोरंजन से जुड़ा होता है. उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य कभी भी किसी देश, समाज या संस्कृति का अपमान करना नहीं रहा.

therealbuni- भारतीयों के खिलाफ प्रपंचकारी यूजर

therealbuni के सोशल मीडिया प्रोफाइल को खंगालने पर कुछ अन्य जानकारी भी सामने आई. उसके सभी पोस्ट स्पैनिश भाषा में हैं, जबकि उसने रहने का स्थान पत्रिकी बताया है. यह रूस की राजधानी मॉस्को में एक Patriarshiye Prudy जिले का छोटा नाम है. उसके ज्यादातर कंटेंट वीडियो वाले ही होते हैं. इनमें से कुछ अन्य वीडियो में भी उसने बिना कांटेक्स्ट के भारतीयों को घुसाने की कोशिश की है. इससे साफ पता चलता है कि शायद यह झूठा नैरेटिव बढ़ाने के लिए ही बनाया गया होगा.  

भारत-विरोधी नैरेटिव फैलाने के आरोप

सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं में दावा किया जा रहा है कि कुछ डिजिटल नेटवर्क और संगठित ऑनलाइन समूह भारत के खिलाफ नकारात्मक धारणा बनाने के लिए संदर्भ से हटाकर वीडियो और तस्वीरें प्रसारित करते हैं. कई पोस्टों में आरोप लगाया गया कि ऐसे अभियान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भ्रामक कंटेंट को बढ़ावा देकर लोगों तक गलत जानकारी पहुंचाते हैं. 

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सिंगापुर की कार्रवाई के बाद फिर चर्चा में आया डिजिटल प्रोपेगेंडा

इस पूरे विवाद के बीच हाल ही में सिंगापुर सरकार द्वारा उठाया गया कदम भी सामने आया है. सिंगापुर ने भारतीय समुदाय और बहुसांस्कृतिक समाज को लेकर भड़काऊ सामग्री फैलाने वाले 14 सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो को ब्लॉक करने का आदेश दिया था.

सरकार का कहना था कि यह सामग्री सामाजिक विभाजन पैदा कर सकती है. अधिकारियों के अनुसार, इन पोस्टों की शुरुआत चीन के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर हुई थी और बाद में उन्हें अन्य सोशल मीडिया नेटवर्क के जरिए फैलाया गया.

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वायरल कंटेंट पर तुरंत भरोसा न करें

सोशल मीडिया के दौर में किसी भी वीडियो या दावे को सच मानने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूरी है. गलत संदर्भ में पेश की गई सामग्री बहुत तेजी से फैलती है और कई बार समाज, देशों और समुदायों के बारे में गलत धारणाएं बना सकती है.

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By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

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अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

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