Nancy Grewal Murder: भारतीय मूल की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नैंसी ग्रेवाल की कनाडा में चाकू मारकर हत्या कर दी गई है. यह घटना मंगलवार रात (3 मार्च) को हुई. घटना की पुष्टि ला साल्ले पुलिस ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर की है. 45 वर्षीय नैंसी कनाडा के ओंटारियो प्रांत में रहती थीं, उनका शव उनके घर से बरामद किया गया. अज्ञात हमलावर ने उन्हें चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था. नैंसी खालिस्तान के खिलाफ मुखर रहती थीं, उनकी हत्या के पीछे इन्हीं कट्टरपंथियों का हाथ होने की संभावना जताई जा रही है.
ला साल्ले पुलिस सर्विस के मुताबिक, 3 मार्च को रात करीब 9:30 बजे (स्थानीय समय) Todd Lane के 2400 ब्लॉक से चाकूबाजी की सूचना मिली. इसके बाद पुलिस और पैरामेडिक्स मौके पर पहुंचे. घटनास्थल पर पुलिस को नैंसी लहूलुहान मिली. उनको तुरंत एसेक्स-विंडसर आपातकालीन चिकित्सा सेवा के जरिए से अस्पताल ले जाया गया. लेकिन गंभीर चोट के कारण इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि परिजनों को सूचना देने तक उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई.
पुलिस आसपास के इलाकों के सीसीटीवी और अन्य निगरानी फुटेज की भी जांच कर रही है और स्थानीय निवासियों से जांच में सहयोग की अपील की है. पुलिस ने बताया कि यह मामला अभी जांच के अधीन है और इस वजह से टॉड लेन इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ी रहेगी. इस मामले में जानकारी रखने वाले लोगों से डिटेक्टिव सार्जेंट जैमी नेस्टर से संपर्क करने की अपील की गई है. इसके अलावा गुमनाम जानकारी क्राइम स्टॉपर्स के जरिए भी दी जा सकती है.
कौन थीं नैंसी ग्रेवाल?
नैन्सी ग्रेवाल का मूल संबंध पंजाब के लुधियाना से था. उनके पुराने सार्वजनिक पोस्ट के मुताबिक उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई सिरसा में की थी और बाद में सतलुज पब्लिक स्कूल में दाखिला लिया था. उन्होंने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर यह भी उल्लेख किया था कि उन्होंने आगे की पढ़ाई एक नेशनल कॉलेज से पूरी की. कनाडा के ओंटारियो प्रांत के विंडसर–लासेल इलाके में बसने से पहले वह अल्बर्टा के कैलगरी शहर में रहती थीं.
ग्रेवाल पंजाबी प्रवासी समुदाय में एक प्रमुख सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर थीं. उन्होंने पंजाब से जुड़े मुद्दों, भारतीय राजनीति और प्रवासी समुदाय के मामलों पर खुलकर अपनी राय रखने के कारण खास पहचान बनाई थी. वह अपने सोशल मीडिया चैनल्स पर खालिस्तानी और उसके समर्थकों की खुलकर आलोचना करती थीं. उन्होंने आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की कई बार आलोचना की, जो प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस का चीफ है
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हर मुद्दे पर अपनी राय रखती थीं नैंसी
उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व की भी आलोचना की थी. वह जेल में बंद सांसद अमृतपाल सिंह, अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और राधा स्वामी सत्संग ब्यास के प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लन के खिलाफ भी खुलकर बोलती रही थीं. नैन्सी ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर भाभी की कथित हत्या के मामले पर भी आवाज उठाई थी. कंचन का शव जून 2025 में भटिंडा में मिला था.
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उन्होंने खालिस्तानी विचारधारा से जुड़े नैरेटिव को खुलकर चुनौती दी और कहा कि अगर किसी को भारत से जुड़े मुद्दों पर आपत्ति है तो उन्हें विदेशों से बयानबाजी करने के बजाय भारत में आकर सीधे तरीके से बात करनी चाहिए. साथ ही उन्होंने गुरुद्वारों का इस्तेमाल अलगाववादी प्रचार के लिए किए जाने की भी कड़ी आलोचना की. हाल ही में उन्होंने अकाल तख्त के जत्थेदार पर भी टिप्पणी की थी. उनका अंतिम वीडियो इन्हीं के बारे में था.
