Karachi Attack Pakistan: पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची शनिवार को एक बड़े हमले से दहल उठा. यहां एक आत्मघाती हमलावर ने शनिवार रात करीब 8.30 बजे विस्फोटकों से भरे वाहन को पाकिस्तान रेंजर्स के प्रांतीय मुख्यालय के गेट से भिड़ा दिया. इसके बाद सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच लगभग 90 मिनट तक भीषण मुठभेड़ चली. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में कम से कम 3 पाकिस्तान रेंजर्स कर्मियों की मौत हो गई. वहीं स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गोलीबारी में कम से कम 6 हमलावर भी मारे गए हैं, वहीं एक को हिरासत में लिया गया है. हालांकि, अधिकारियों की ओर से अभी तक अंतिम आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है.
यूनिवर्सिटी रोड के पास हुआ हमला
यह हमला कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में यूनिवर्सिटी रोड के पास हुआ. यह क्षेत्र कई विश्वविद्यालयों और पाकिस्तान रेंजर्स के मुख्यालय के करीब है. प्रत्यक्षदर्शियों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरुआती धमाके के बाद इलाके में भारी गोलीबारी शुरू हो गई, जो कई घंटों तक जारी रही. सूचना मिलते ही पुलिस, रेंजर्स, बम निरोधक दस्ते और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को घेर लिया.
स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट (SSU) कमांडो, एंटी टेररिस्ट फोर्स (ATF) और रेंजर्स के जवानों ने मिलकर इलाके को सील कर दिया. सिंध पुलिस प्रमुख जावेद आलम ओधो के मुताबिक, हमले के बाद ‘मॉपिंग-अप ऑपरेशन’ यानी इलाके में बचे हुए आतंकियों की तलाश और सुरक्षा जांच अभियान चलाया गया. ओधो ने समाचार पत्र डॉन को बताया कि आतंकियों ने अपने वाहन को रेंजर्स मुख्यालय के मुख्य गेट से टकरा दिया. शुरुआती समय में यह स्पष्ट नहीं हो पाया था कि वाहन टकराने के बाद विस्फोट भी हुआ था या नहीं.
जमात-उल-अहरार से जुड़े गुट ने ली जिम्मेदारी
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) यानी पाकिस्तानी तालिबान से अलग हुए संगठन जमात-उल-अहरार से जुड़े एक गुट ने शनिवार देर रात हमले की जिम्मेदारी ली. इस संगठन ने दावा किया कि हमले में उसके नौ आतंकियों ने हिस्सा लिया था. यह उग्रवादी गुट मुख्य रूप से पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में सक्रिय है, जो अफगानिस्तान की सीमा से लगता है. हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
सुरक्षा बलों ने संभाला मोर्चा
हमले के बाद पाकिस्तान रेंजर्स ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की. इसके अलावा पुलिस, स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट (SSU), एंटी टेररिस्ट फोर्स (ATF), बम निरोधक दस्ते और बचाव टीमें भी मौके पर पहुंचीं. इंटरनेशनल न्यूज एजेंसी के पत्रकारों ने घटनास्थल पर लगातार गोलीबारी की आवाजें सुनीं और मोसामियात चौक के आसपास भारी हथियारों से लैस सुरक्षा कर्मियों की तैनाती देखी. सिंध के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह ने तत्काल जांच के आदेश दिए और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
अस्पताल पहुंचाया गया घायल जवान
पुलिस सर्जन सुमैया सैयद ने डॉन को बताया कि एक घायल अर्धसैनिक जवान को अस्पताल लाया गया था. उसके पैर में गोली लगी थी. इससे पहले रेस्क्यू 1122 सिंध ने बताया था कि उसे गुलिस्तान-ए-जौहर ब्लॉक-5 के पास धमाके की सूचना मिली थी. इसके बाद केंद्रीय कमांड और कंट्रोल सेंटर से तुरंत बचाव दलों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया.
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कराची में फिर बढ़ी सुरक्षा चिंता
कराची पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी है. पिछले एक दशक में यहां कई बड़े आतंकी हमले हो चुके हैं, हालांकि हाल के वर्षों में हिंसा में काफी कमी आई थी. यह अक्तूबर 2024 के बाद पहला बड़ा अटैक है, जब प्रतिबंधित बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी द्वारा किए गए आत्मघाती बम विस्फोट में कराची हवाई अड्डे के पास दो चीनी इंजीनियर मारे गए थे. इस हमले के बाद शहर में सुरक्षा को लेकर चिंता फिर बढ़ गई है. अधिकारी लंबे समय से कराची में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं.
पाकिस्तान में बढ़ रहे आतंकी हमले
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान में पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों को निशाना बनाकर किए जाने वाले आतंकी हमलों में बढ़ोतरी देखी गई है. पाकिस्तानी अधिकारी इन हमलों के लिए अक्सर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और उससे जुड़े संगठनों को जिम्मेदार ठहराते रहे हैं. टीटीपी अफगानिस्तान के तालिबान से अलग संगठन है, हालांकि दोनों समूहों के बीच संबंध होने की बात कही जाती है.
