मुख्य बातें
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल कई बम धमाकों से दहल उठा है. टीवी रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को काबुल हवाई अड्डे के पास कुल सात बम धमाके हुए जिसमें 12 अमेरिकी नौसैनिकों समेत अब तक 100 लोगों की मौत हो गई है.
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल कई बम धमाकों से दहल उठा है. टीवी रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को काबुल हवाई अड्डे के पास कुल सात बम धमाके हुए जिसमें 12 अमेरिकी नौसैनिकों समेत अब तक 100 लोगों की मौत हो गई है.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में हुए आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कहा है कि ये हमले आतंकवाद और आतंकवादियों को पनाहगाह मुहैया कराने वालों के खिलाफ विश्व के एकजुट होकर खड़े होने की आवश्यकता को प्रबल करते हैं.
अफगानिस्तान से अमेरिकी लोगों की वापसी के अभियान की निगरानी कर रहे जनरल फ्रैंक मैकेंजी ने कहा कि इन हमलों के बाद भी अमेरिका अपने नागरिकों एवं अन्य को अफगानिस्तान से निकालना जारी रखेगा.
अफगानिस्तान में इस्लामक स्टेट से संबद्ध ‘इस्लामिक स्टेट-खुरासान प्रांत’ (आईएसकेपी) ने काबुल हवाईअड्डे के बाहर हुए हमलों की जिम्मेदारी ली है. अफगान और अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, काबुल हवाईअड्डे के पास दो आत्मघाती हमलावरों और बंदूकधारियों ने अफगानों की भीड़ पर किए गए हमले में कम से कम 72 लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य के घायल होने की खबर है.
अफगानिस्तान के कार्यकारी राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने कहा है कि तालिबान ISIS के साथ अपने संबंधों से इनकार कर रहा है, यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे पाकिस्तान आतंकी संगठन क्वेटा को लेकर दावा करता आ रहा है.
राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि यह तालिबान के हित में है कि वह आईएसआईएस-के को अफगानिस्तान में और पैर ना पसारने दे. उन्होंने साथ ही कहा कि हवाईअड्डे पर हमले को अंजाम देने में तालिबान और आईएसआईएस की मिलीभगत का अब तक कोई सबूत नहीं मिला है.
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने काबुल हमले के लिए इस्लामी आतंकियों को जिम्मेदार ठहराया और हमले में मारे गए लागों की जान का बदला लेने का संकल्प लेते हुए कहा कि हम तुम्हें (हमलावरों को) पकड़कर इसकी सजा देंगे.’ बाइडन ने कहा कि काबुल से अमेरिका और अफगानिस्तान के लोगों को निकालने का हमारा अभियान जारी रहेगा.
अफगानिस्तान के कार्यकारी राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने कहा कि ISIS-K की जड़ों में तालिबान है. वही हमले के लिए जिम्मेदार भी है.
ब्रिटिश प्रधनमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि काबुल में धमाके के बाद भी लोगों को निकालना जारी रखेंगे.
व्हाइट हाउस ने कहा है कि काबुल हमले में मारे गए लोगों की याद में अमेरिकी झंडा आधा झुका रहेगा.
एक विदेशी अखबार के हवाले से बताया जा रहा है कि हमले में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है.
साइट मॉनिटरिंग की मानें तो, काबुल एयरपोर्ट के पर हुए हमलों की जिम्मेवारी आतंकी संगठन आईएसआईएस-के ने ली है. आतंकी संगठन ने टेलीग्राम अकाउंट के माध्यम से इसकी जानकारी दी है.
आगे काबुल हमले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने व्हाइट हाउस से आतंकियों को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि उन्हें इन मौतों की कीमत चुकानी होगी. हम न भूलेंगे और न तुम्हें माफ नहीं किया जाएगा… हम अफगानिस्तान में रह रहे अपने अमेरिकी नागरिकों को बचाएंगे, साथ ही अपने सहयोगियों को भी निकालेंगे। हमारा मिशन जारी रहेगा.
हमले को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि हम सैनिकों की मौत नहीं भूलेंगे. आतंकियों को ढूंढ-ढूंढ कर मारेंगे. हम अपनी जगह और अपने समय पर जवाब देंगे. जरूरत पड़ी तो अतिरिक्त सेना भेजेंगे.
अफगानिस्तान में काबुल हवाई अड्डे के पास आत्मघाती हमलावरों और बंदूकधारियों द्वारा भीड़ पर किए गए हमले में कम से कम 72 लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य के घायल होने की खबर है. एक अफगान अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि हवाई अड्डे पर हुए हमले में कम से कम 60 अफगान मारे गए तथा 143 अन्य घायल हुए हैं. वहीं अमेरिका के दो अधिकारियों के मुताबिक हमले में 11 अमेरिकी नौसैनिकों और नौसेना का एक चिकित्साकर्मी भी मारे गए हैं.
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक हमले में 12 और सेवारत कर्मी घायल हुए है और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. वहीं अफगानिस्तान से अमेरिकी लोगों की वापसी का काम देख रहे जनरल फ्रैंक मैकेंजी ने कहा कि अमेरिका काबुल हवाईअड्डे के साजिशकर्ताओं का पता लगाएगा.
माना जा रहा है कि यह हमला इस्लामिक स्टेट समूह से अफगानिस्तान में संबद्ध लोगों ने अंजाम दिया है. उन्होने आशंका जताई कि ऐसे और हमले हो सकते हैं. वहीं अफगानिस्तान में अस्पतालों का संचालन करने वाली इटली की एक संस्था ने कहा कि वे हवाईअड्डे पर हमले में घायल 60 लोगों का उपचार कर रहे हैं जबकि 10 घायल ऐसे थे जिन्होंने अस्पताल लाने के दौरान दम तोड़ दिया.
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल कई बम धमाकों से दहल उठा है. टीवी रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को काबुल हवाई अड्डे के पास कुल सात बम धमाके हुए जिसमें 12 अमेरिकी नौसैनिकों समेत अब तक 100 लोगों की मौत हो गई है.