JF-17 डील पर भारत को दखल का हक नहीं! बांग्लादेश के साथ मिलकर पाकिस्तान रच रहा कौन-सा बड़ा सैन्य खेल?

JF-17 Deal: पाकिस्तान ने भारत से कहा है कि उसे बांग्लादेश के साथ अपने डिफेंस कोऑपरेशन और JF-17 एयरक्राफ्ट डील पर कमेंट करने का कोई हक नहीं है. शहबाज शरीफ सरकार ने भारत को चेतावनी दी कि दोनों देशों के रिश्ते भारत की मंजूरी पर निर्भर नहीं करते. दोनों देशों ने ट्रेनिंग, एयरक्राफ्ट सपोर्ट और एयर डिफेंस में कोऑपरेशन बढ़ाने पर चर्चा की. भारत ने कहा है कि वह स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है.

By Govind Jee | January 12, 2026 3:36 PM

JF-17 Deal: दुनिया में अक्सर छोटे देशों के बीच होने वाले रक्षा समझौते और विमान डील्स बड़ी खबर बन जाती हैं, खासकर जब इसमें भारत-पाकिस्तान-बांग्लादेश जैसे पड़ोसी शामिल हों. अभी इसी कड़ी में पाकिस्तान ने भारत की आपत्ति पर जवाब दिया है, जिसमें भारत ने बांग्लादेश के साथ पाकिस्तान के बढ़ते रक्षा संबंधों और JF-17 लड़ाकू विमान की संभावित खरीद को लेकर चिंता जताई थी. पाकिस्तान ने इसे पूरी तरह बेसबुनियाद और अनावश्यक बताया है और कहा है कि भारत को इस मामले में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है.

JF-17 Deal in Hindi: पाकिस्तान ने बोला भारत को बोलने का हक नहीं

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने जियो टीवी से बात करते हुए कहा कि भारत का यह दावा कि बांग्लादेश पाकिस्तान से JF-17 फाइटर जेट खरीद सकता है, गलत और बेबुनियाद है. पाकिस्तान के अनुसार, ऐसे बयान द्विपक्षीय मामलों में बेवजह का दखल हैं. पाकिस्तान ने यह भी कहा कि निर्माण और अन्य अहम क्षेत्रों में भारत के विचार पूरी तरह स्थानहीन और अनुचित हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को इस संबंध की प्रकृति या सीमा पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है. (Jf-17 Deal Pakistan Bangladesh in Hindi)

द्विपक्षीय सहयोग पाकिस्तान-बांग्लादेश का निजी मामला

पाकिस्तान का रुख साफ है कि बांग्लादेश के साथ उसकी सैन्य और निर्माण सहयोग पूरी तरह सार्वभौमिक (सौवरिन) मामला है और किसी तीसरे देश की मंजूरी की जरूरत नहीं है. यह बयान भारत के विदेश मंत्रालय प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के कुछ दिन पहले दिए गए बयानों के जवाब में आया, जिनमें उन्होंने कहा था कि नई दिल्ली JF-17 लड़ाकू विमानों की संभावित खरीद पर चर्चा को नजदीकी से देख रही है.

जब जायसवाल से पूछा गया कि 29 जनवरी से ढाका और कराची के बीच प्रत्यक्ष उड़ानें शुरू करने के लिए क्या भारत की अनुमति जरूरी होगी, तो उन्होंने कहा कि ऐसी बातें मौजूदा एयर सर्विस एग्रीमेंट के तहत ही संभाली जाएंगी. यह टिप्पणी पाकिस्तान और बांग्लादेश की वायु सेनाओं की हालिया बैठक से जुड़ी है. इस बैठक में PAF एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू और BAF एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान ने JF-17 लड़ाकू विमानों की संभावित खरीद पर विस्तार से चर्चा की.

पाकिस्तान की सैन्य मदद और प्रशिक्षण प्रस्ताव

बैठक में PAF प्रमुख सिद्धू ने बांग्लादेशी अधिकारी को पाकिस्तान एयर फोर्स की हाल की उन्नत तकनीक और प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बांग्लादेश एयर फोर्स को संपूर्ण प्रशिक्षण सहायता देगा, जिसमें बेसिक से एडवांस फ्लाइंग और विशेषज्ञ कोर्स शामिल हैं. साथ ही, सुपर मुशशक ट्रेनर एयरक्राफ्ट की तेज डिलीवरी और लंबी अवधि का समर्थन भी दिया जाएगा. वहीं BAF प्रमुख हसन महमूद खान ने अपने पुराने बेड़े के रख-रखाव में मदद और एयर डिफेंस राडार सिस्टम को इंटीग्रेट करने में पाकिस्तान की विशेषज्ञता से लाभ उठाने में रुचि दिखाई.

भारत की सुरक्षा और मानवाधिकार चिंता

भारत ने कहा है कि वह इन चर्चाओं को नजदीकी से देख रहा है क्योंकि इसका असर भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है. MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि हम उन सभी घटनाओं पर करीबी नजर रखते हैं जो हमारी सुरक्षा को प्रभावित कर सकती हैं. साथ ही उन्होंने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों की चिंता जताई. उन्होंने कहा कि चरमपंथियों द्वारा अल्पसंख्यक समुदायों के घर और व्यवसायों पर हमला लगातार बढ़ रहा है. कई बार इन घटनाओं को व्यक्तिगत दुश्मनी, राजनीतिक मतभेद या अन्य कारणों से जोड़कर देखा जाता है, जो केवल चरमपंथियों को प्रोत्साहित करता है और अल्पसंख्यकों में डर पैदा करता है.

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