अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का दावा: ईरान ने चैटजीपीटी से लिखकर भेजा था सीजफायर प्लान

JD Vance Claims: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक हैरान करने वाला दावा किया है. उन्होंने बुधवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर से पहले ईरान ने 10 पॉइंट्स वाले तीन अलग-अलग प्लान दिए थे. वेंस के मुताबिक, इनमें से पहला प्लान तो 'चैटजीपीटी' से लिखा गया था.

JD Vance Claims: सीएनएन की रिपोर्ट में वेंस के हवाले से बताया गया कि यह प्रस्ताव स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर को भेजा गया था, जिसे बेकार मानकर तुरंत रिजेक्ट कर दिया गया. वेंस ने कहा कि तीसरा प्लान, जो उन्होंने सोशल मीडिया पर देखा, वह पहले वाले से भी ज्यादा सख्त था. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शुरुआती प्रस्ताव ईरान के किसी मामूली व्यक्ति ने तैयार किया था.

इस्लामाबाद में 10 अप्रैल को होगी बातचीत 

ईरान के इन अलग-अलग प्रस्तावों की वजह से यह उलझन पैदा हो गई है कि आखिर बातचीत का आधार कौन सा प्लान बनेगा. यह चर्चा 10 अप्रैल को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होनी है. ईरान के राजदूत रजा अमिरी मोघदाम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि ईरान का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार रात इस्लामाबाद पहुंचेगा. उन्होंने कहा कि हालांकि ईरानी जनता को इजरायल द्वारा बार-बार सीजफायर तोड़ने की वजह से शक है, फिर भी प्रतिनिधिमंडल 10 पॉइंट्स के आधार पर गंभीर बातचीत के लिए पहुंच रहा है. यह बातचीत अमेरिका के दो हफ्ते के सीजफायर पर राजी होने के बाद हो रही है.

ट्रंप ने दी सीजफायर को मंजूरी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को ईरान द्वारा प्रस्तावित दो हफ्ते के सीजफायर प्लान पर सहमत हो गए. तेहरान का दावा है कि अमेरिका न सिर्फ ईरान के 10 पॉइंट्स वाला प्लान पर राजी हुआ है, बल्कि युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए भी तैयार है. हालांकि, अमेरिका ने ईरान के जीत के इन दावों को खारिज कर दिया है. दोनों देश अपनी जीत बता रहे हैं, जबकि दुनिया भर के नेताओं ने इस समझौते पर राहत महसूस की है. इसी बीच, ईरान और खाड़ी देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले जारी रहने की खबरें भी आ रही हैं.

लेबनान पर छिड़ा नया विवाद

सीजफायर समझौते को लेकर नया विवाद लेबनान को लेकर शुरू हो गया है. एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले तेज कर दिए, जिसमें कम से कम 182 लोग मारे गए. इसके जवाब में ईरान ने फिर से होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को बंद कर दिया है, जिससे समझौता खतरे में दिख रहा है. न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, जेडी वेंस ने साफ किया कि सीजफायर में लेबनान शामिल नहीं है. वेंस ने कहा कि ईरान को शायद गलतफहमी हुई है, क्योंकि अमेरिका ने कभी लेबनान को इस डील का हिस्सा बनाने का वादा नहीं किया था.

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पाकिस्तान की मध्यस्थता (मीडिएशन) पर उठे सवाल 

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया पर ‘तत्काल सीजफायर’ की घोषणा की थी, जिसमें लेबनान समेत सभी सहयोगियों के शामिल होने की बात कही गई थी. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि व्हाइट हाउस ने शरीफ की इस पोस्ट को पब्लिश होने से पहले चेक किया था. इससे पता चलता है कि अमेरिका, पाकिस्तान और ईरान के बीच काफी तालमेल था. हालांकि, इजरायल ने सीजफायर का स्वागत तो किया लेकिन तुरंत कह दिया कि लेबनान इसमें शामिल नहीं है. इसके कुछ ही घंटों बाद इजरायल ने लेबनान पर फिर हमला कर दिया, जिससे समझौते की शर्तों को लेकर बड़ी उलझन पैदा हो गई है.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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