Israel-Lebanon Peace Talks: नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने अपनी सरकार को निर्देश दिया है कि लेबनान के साथ जल्द से जल्द सीधी बात शुरू की जाए. नेतन्याहू के मुताबिक, लेबनान की तरफ से बार-बार आ रहे शांति के प्रस्तावों को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया है. उन्होंने साफ किया कि इस बातचीत का मुख्य मकसद हिजबुल्ला को निहत्था करना और दोनों देशों के बीच शांति बनाना होगा.
सीजफायर के लिए लेबनान ने रखी शर्त
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने एक सीनियर लेबनानी अधिकारी के हवाले से बताया कि लेबनान सरकार फिलहाल कुछ समय के लिए जंग रोकने (सीजफायर) की कोशिश कर रही है ताकि बातचीत का माहौल बन सके. अधिकारी ने कहा कि यह बातचीत उसी मॉडल पर होगी, जिस तरह पाकिस्तान की मदद से ईरान और अमेरिका के बीच समझौता हुआ था. लेबनान चाहता है कि इस पूरे समझौते में अमेरिका गारंटी लेने वाला देश बने. फिलहाल इस बातचीत के लिए कोई तारीख या जगह तय नहीं हुई है, क्योंकि मामला अभी शुरुआती दौर में है.
राष्ट्रपति बोले- पहले गोलीबारी बंद हो
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने साफ कर दिया है कि जब तक हिंसा नहीं रुकती, तब तक बात आगे नहीं बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि इजरायल और लेबनान के बीच पहले सीजफायर होना चाहिए, उसके बाद ही सीधी बातचीत मुमकिन है. राष्ट्रपति औन के मुताबिक, डिप्लोमेटिक लेवल पर कोशिशें जारी हैं और इंटरनेशनल स्टेकहोल्डर्स की तरफ से इस पर पॉजिटिव रिस्पॉन्स भी मिल रहा है.
जंग में अब तक का नुकसान
यह डिप्लोमेटिक बदलाव तब आया है जब जंग सबसे खतरनाक दौर में है. इजरायल ने 2 मार्च से हिजबुल्ला के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया था. लेबनान के आंकड़ों के मुताबिक, इजरायली हमलों में अब तक करीब 1700 लोग मारे गए हैं और 10 लाख से ज्यादा लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है. वहीं, स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, हिजबुल्ला के कम से कम 400 लड़ाके मारे गए हैं. इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने दावा किया कि बीते एक दिन में ही उन्होंने 200 लड़ाकों को खत्म कर दिया है, जिससे मरने वाले लड़ाकों की कुल संख्या 1400 के पार पहुंच गई है. हालांकि, इन दावों की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
ईरान ने इजरायल को दी चेतावनी
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इजरायल की आलोचना की. उन्होंने कहा कि वेस्ट एशिया में दो हफ्ते के सीजफायर समझौते के बावजूद इजरायल का लेबनान पर हमला करना धोखेबाजी है. पेजेशक्यान ने चेतावनी दी कि इजरायल की इन हरकतों से समझौता टूट सकता है और ईरान लेबनान के साथ खड़ा है. उनका कहना है कि अगर हमले नहीं रुके तो ईरान सख्त कदम उठाएगा.
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समझौते को लेकर असमंजस
ईरान और अमेरिका के बीच हुआ सीजफायर समझौता खतरे में नजर आ रहा है. ईरान का मानना है कि इस समझौते में इजरायल और लेबनान की जंग रोकना भी शामिल था. लेकिन अमेरिका और इजरायल का कहना है कि यह सीजफायर हिजबुल्ला पर होने वाले हमलों पर लागू नहीं होता. इसी बीच नेतन्याहू ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए साफ कर दिया है कि इजरायल पूरी ताकत और सटीकता के साथ हिजबुल्ला के खिलाफ अपना सैन्य ऑपरेशन जारी रखेगा.
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