Israel Hamas War : अस्पताल में 500 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन ? देखें भयावह तस्वीरें

Israel Hamas War : अमेरिका ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र के एक प्रस्ताव को वीटो कर दिया, जिसमें इजराइल पर हसास के हमलों, नागरिकों के खिलाफ हिंसा की निंदा करने और गाजा में फलस्तीनियों को मानवीय मदद पहुंचाने का आग्रह किया गया था. देखें इजराइल और हमास के बीच जंग की तस्वीर

Israel Hamas War : इजराइल और हमास के बीच जंग 13वें दिन भी जारी है. इस बीच आपको बता दें कि गाजा के अल-अहली अस्पताल पर हमले में पांच सौ लोगों की मौत से दुनिया स्तब्ध है. इसको लेकर इजराइल-हमास ने एक-दूसरे पर आरोप लगाये हैं. इजराइली सेना ने दावा किया है कि हमास के लिए काम करने वाले फिलीस्तीनी आतंकी समूह ‘इस्लामिक जिहाद’ इस हमले के लिए जिम्मेवार है. इस समूह द्वारा इजराइल की ओर दागे गये रॉकेट गलत दिशा में मुड़े और अस्पताल पर जा गिरे. सेना के मुख्य प्रवक्ता रियर एडमिरल डेनियल हगारी ने कहा कि रडार ने विस्फोट के समय दागे गये रॉकेट का पता लगाया है.

वहीं, इजराइली रक्षा बल ने ड्रोन फुटेज जारी कर बताया कि विस्फोट अस्पताल के पार्किंग स्थल में हुआ है. इसमें इस्तेमाल हथियार इजराइल के नहीं हैं. रक्षा बल ने एक ‘साउंडट्रैक’ भी जारी किया, जिसमें आतंकियों के बीच हुई बातचीत के अंश है. इसमें आतंकी गलत दिशा में रॉकेट दागे जाने के बारे में बात कर रहे हैं. बल ने दावा किया कि यह आवाज ‘इस्लामिक जिहाद’ के सदस्यों के हैं. यह एक छोटा, लेकिन अत्यंत कट्टर आतंकी संगठन है, जो हमास की मदद करता है. वहीं, हमास ने विस्फोट को नरसंहार करार देते हुए कहा कि यह इस्राइली हमले के कारण हुआ है.

अमेरिका ने कहा कि मौजूदा खुफिया आकलन से पता चला है कि गाजा के अस्पताल में हुए विस्फोट के लिए इजराइल जिम्मेदार नहीं है. तेल अवीव पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से कहा कि मैंने जो देखा है, उसके आधार पर ऐसा प्रतीत होता है कि यह काम दूसरी टीम ने किया है. बाइडेन ने कहा कि वह इस विस्फोट से बहुत दुखी हैं. हमास सभी फिलीस्तीनियों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है. इस दौरान नेतन्याहू ने कहा कि इस हमले को लेकर दुनिया का गुस्सा सही है, लेकिन यह आतंकियों के खिलाफ होनी चाहिए.

अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर किया वीटो : अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र के एक प्रस्ताव को वीटो कर दिया, जिसमें इजराइल पर हसास के हमलों, नागरिकों के खिलाफ हिंसा की निंदा करने और गाजा में फिलीस्तीनियों को मानवीय मदद पहुंचाने का आग्रह किया गया था.

दृश्य देख कांप जाती है रूह, अधिकांश शव बच्चों के : अल-अहली अस्पताल में हुए विस्फोट के बाद चारों ओर क्षत-विक्षत शव बिखरे दिख रहे हैं. इनमें अधिकांश शव बच्चों के हैं. वहीं, अस्पताल में घायल लोगों के इलाज करने में भी परेशानी हो रही है. दवाओं की कमी के कारण ‘एनेस्थीसिया’ के बिना अस्पताल के फर्श पर घायलों की सर्जरी करनी पड़ रही है. दरअसल, इस क्षेत्र में इस्राइल की बमबारी की वजह से अस्पताल के आसपास बड़ी संख्या में लोगों ने शरण ले रखी थी. इनमें से अधिकांश मारे गये.

मिस्र के रास्ते गाजा पहुंचेगी मानवीय सहायता: अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि इजराइल, मिस्र के रास्ते गाजा में मानवीय सहायता जाने देने की अनुमति देगा, बशर्ते ये यह जरूरतमंदों तक पहुंचे न कि हमास के आतंकियों तक. उन्होंने युद्धग्रस्त गाजा व वेस्ट बैंक के लिए 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर की मानवीय सहायता की भी घोषणा की. कहा कि उन्होंने इस्राइल की कैबिनेट से बात की है कि गाजा में जीवन रक्षक मानवीय सहायता की आपूर्ति के लिए सहमति जतायी जाए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाजा के अस्पताल पर हमले में बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने पर दुख व्यक्त किया है. कहा कि संघर्ष में आम नागरिकों का हताहत होना गंभीर चिंता का विषय है. इसमें शामिल लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए. पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की है.

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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