Iran-US Tensions: ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालीबाफ ने सरकारी टीवी को दिए इंटरव्यू में बताया है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत तो चल रही है, लेकिन किसी समझौते तक पहुंचना अभी बहुत दूर की बात है. गालीबाफ के मुताबिक दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर अभी भी बड़ी दूरियां बनी हुई हैं. यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच चल रहा दो हफ्ते का सीजफायर इसी बुधवार को खत्म होने वाला है और इसे आगे बढ़ाने को लेकर काफी अनिश्चितता बनी हुई है.
इस्लामाबाद में आमने-सामने आए दोनों देश
‘अल जजीरा’ की रिपोर्ट के अनुसार, गालीबाफ ने इस्लामाबाद में हुई पर्दे के पीछे की बातचीत का खुलासा करते हुए बताया कि वहां अमेरिकी डेलिगेशन के साथ तीखी बहस हुई थी. उन्होंने बताया कि जब एक अमेरिकी ‘माइन्सवीपर’ (सुरंग हटाने वाला जहाज) आगे बढ़ा, तो ईरान ने उसे सीधे उड़ा देने की चेतावनी दी थी. इसके बाद अमेरिकी टीम ने 15 मिनट का समय मांगा और अपने जहाज को पीछे हटने का आदेश दिया. गालीबाफ ने अमेरिका की घेराबंदी के फैसले को बचकाना बताया है.
होर्मुज जलसंधि पर बढ़ा तनाव
ईरान ने शनिवार (18 अप्रैल) को फिर से ‘होर्मुज जलसंधि’ को बंद करने का एलान कर दिया है. ईरान का कहना है कि अमेरिका ने उसके बंदरगाहों की घेराबंदी करके भरोसे को तोड़ा है. इससे पहले ईरान ने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से सुरक्षा के बदले फीस मांगी थी. ‘सीएनएन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों का कहना है कि जो जहाज फीस देंगे, उन्हें निकलने में प्राथमिकता दी जाएगी. गालीबाफ ने इसे ईरान की रणनीतिक जीत बताया है.
यूरेनियम भेजने से ईरान का साफ इनकार
‘अल जजीरा’ ने ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ के हवाले से बताया कि ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने अमेरिका के साथ फिलहाल किसी भी सीधी बातचीत से मना कर दिया है. उन्होंने साफ कहा है कि ईरान अपना संवर्धित यूरेनियम अमेरिका को किसी भी कीमत पर नहीं भेजेगा. खतीबजादेह के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संदेशों के बाद भी वॉशिंगटन अपनी पुरानी और बड़ी मांगों पर अड़ा हुआ है, जो ईरान को मंजूर नहीं हैं.
ये भी पढ़ें: ‘क्यूबा को छीन लूंगा’: ट्रंप की धमकी के बाद मेक्सिको, ब्राजील और स्पेन ने मिलकर दिया करारा जवाब
हमलों में अब तक 3468 लोगों की मौत
ईरान की सरकारी संस्था ‘फाउंडेशन ऑफ मार्टियर्स एंड वेटरन्स अफेयर्स’ ने हमलों में हुई मौतों का डेटा जारी किया है. ‘आईएसएनए’ न्यूज एजेंसी के मुताबिक, संघर्ष की शुरुआत से अब तक अमेरिकी-इजरायली हमलों में 3,468 लोग मारे गए हैं. इससे पहले ‘ईरानी लीगल मेडिसिन ऑर्गेनाइजेशन’ ने 12 अप्रैल तक यह आंकड़ा 3,375 बताया था. फिलहाल खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की मार्केट और तेल सप्लाई की चिंता बढ़ा दी है.
ये भी पढ़ें: नॉर्थ कोरिया का 7वां मिसाइल टेस्ट: क्या ईरान की जंग का फायदा उठा रहे किम जोंग? समुद्र में दागीं कई बैलिस्टिक मिसाइलें