US के साथ कोई डील फाइनल नहीं, सब अटकलें… ईरान ने ट्रंप के दावे को नकारा, कहा- होर्मुज का लुटेरा बना अमेरिका

US Iran Deal: ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी अंतिम समझौते की खबरों को खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि समझौता अंतिम चरण में है और जल्द हस्ताक्षर हो सकते हैं.

Iran US Deal: अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर अटकलें तेज हैं, लेकिन तेहरान ने साफ कर दिया है कि अभी किसी अंतिम करार पर मुहर नहीं लगी है. गुरुवार को ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ डील हो  गई है, जिस पर यूरोप में इस वीकेंड हस्ताक्षर किए जा सकते हैं. ईरान का कहना है कि बातचीत जरूर आगे बढ़ी है, लेकिन समझौते को लेकर अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है. इसके साथ ही ईरान ने भारतीय शिप पर अमेरिकी हमले में मारे गए भारतीय नाविकों की मौत पर संवेदना प्रकट करते हुए, उसने अमेरिकी नीति को ‘स्टेट स्पांसर्ड समुद्री डकैती’ और ‘सशस्त्र लूट’ बताया. 

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका के साथ समझौता तय हो जाने संबंधी खबरों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी रिपोर्टें केवल अटकलों पर आधारित हैं. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए से बातचीत में बघाई ने कहा कि तेहरान ने अभी तक किसी भी समझौते पर अंतिम फैसला नहीं किया है. उन्होंने बताया कि कतर और पाकिस्तान मध्यस्थ के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. हालांकि उनका आरोप था कि अमेरिकी कदम कूटनीतिक प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं.

बघाई ने कहा,

‘शुरुआत से ही हमें वार्ता की स्थिति स्पष्ट थी और समझौते के मसौदे का बड़ा हिस्सा पहले ही तैयार किया जा चुका था. लेकिन अमेरिकी पक्ष लगातार अपना रुख बदलता रहा.’ उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान अपनी तय की गई ‘रेड लाइन्स’ पर कोई समझौता नहीं करेगा. बघाई के शब्दों में, ‘ईरान पहले ही साबित कर चुका है कि वह अपने निर्धारित लाल रेखाओं से पीछे नहीं हटता. अभी तक किसी भी समझौते पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है.’

होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर भी जताई चिंता

ईरानी प्रवक्ता ने क्षेत्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अमेरिकी गतिविधियों के कारण होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पहले की तुलना में कम सुरक्षित हो गई है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग की सुरक्षा पर अमेरिकी कदमों का असर पड़ा है. दुनिया के तेल व्यापार के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.

ट्रंप ने कहा था- समझौता अंतिम चरण में, जल्द हो सकते हैं हस्ताक्षर

इससे पहले गुरुवार (स्थानीय समयानुसार) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के साथ एक ‘बेहतरीन समझौता’ हो गया है, जिससे दोनों देशों के बीच चल रहा विवाद समाप्त हो सकता है.

ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा,

‘हमने ईरान के साथ युद्ध जैसी स्थिति को खत्म करने वाला एक शानदार समझौता किया है. अब सिर्फ दस्तावेजों को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है. अगले कुछ दिनों में यह प्रक्रिया पूरी हो सकती है. संभव है कि हस्ताक्षर यूरोप में हों. जब तेल की कीमतें कम होंगी तो बाकी चीजों की कीमतें भी घटेंगी.’ 

ट्रंप ने आगे कहा कि इस समझौते का सबसे अहम उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सके. उन्होंने कहा, ‘सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारे पास ऐसा समझौता है जो सुनिश्चित करेगा कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा. यही पूरा मकसद था जिसके लिए हमें यह सब करना पड़ा. दस्तावेज लगभग तैयार हैं और जल्द ही हस्ताक्षर हो सकते हैं.’

ट्रंप का दावा इस वीकेंड हो सकते हैं साइन

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट आधिकारिक तौर पर खोल दिया जाएगा. उनके मुताबिक, यह प्रक्रिया संभवतः इसी वीकेंड यूरोप में पूरी हो सकती है और उनकी ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इसमें शामिल हो सकते हैं. हालांकि, ट्रंप के इन दावों के कुछ ही समय बाद ईरान ने स्पष्ट कर दिया कि वार्ता पर बातचीत जारी है, लेकिन किसी अंतिम समझौते को लेकर अभी निर्णय नहीं लिया गया है. 

ये भी पढ़ें:- इंडियन आर्मी का बड़ा प्लान, ₹23000 करोड़ से 300 K-9 वज्र तोप खरीदने की तैयारी; चीन-पाकिस्तान सीमा पर होंगे तैनात

ये भी पढ़ें:- भारत के दोस्त रूस ने पाकिस्तान के साथ किए दो बड़े समझौते, SCO में बनी सहमति; मिलकर करेंगे कार्रवाई

भारतीय जहाज पर हमले के बाद अमेरिका को लताड़ा

ओमान के तट के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं. इस बीच ईरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भारतीय नागरिकों की जान लेने वाली यह कार्रवाई ‘राज्य प्रायोजित समुद्री डकैती’ और ‘सशस्त्र लूट’ का उदाहरण है.

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि भारतीय वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने और कम से कम तीन भारतीय नागरिकों की मौत की घटना अमेरिका की उस नीति को उजागर करती है, जिसे उन्होंने ‘सशस्त्र लूट और राज्य स्तर की समुद्री डकैती’ बताया.

भारतीय नाविकों की मौत पर जताया दुख

बघाई ने अपने संदेश में कहा, ‘भारतीय वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिका के क्रूर हमले, जिनमें कम से कम तीन भारतीय नागरिकों की जान गई है, अमेरिका की लगातार जारी सशस्त्र लूट और राज्य प्रायोजित समुद्री डकैती की नीति का स्पष्ट प्रमाण हैं. हम मारे गए भारतीय नाविकों के परिवारों और उनके मित्रों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं तथा भारत की जनता और सरकार के प्रति अपनी हार्दिक शोक संवेदनाएं प्रकट करते हैं.’

उन्होंने आगे कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अमेरिका के इस गैरकानूनी आचरण के लिए उसे जवाबदेह ठहराना चाहिए. ऐसी गतिविधियां वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रही हैं और समुद्री मार्गों पर सुरक्षित आवाजाही की स्वतंत्रता को भी जोखिम में डाल रही हैं.’

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >