Iran US Ceasefire: ईरान और अमेरिका के बीच 14 दिनों के युद्धविराम की अवधि 22 अप्रैल तक है. इस बीच पाकिस्तान में एक नए दौर की वार्ता की तैयारी चल रही है. लेकिन, होर्मुज स्ट्रेट के आसपास फिर से बढ़े तनाव के कारण यह सवाल उठने लगा है कि यह बैठक हो पाएगी या नहीं. हाल ही में अमेरिका ने एक ईरानी ध्वज वाले मालवाहक जहाज को रोककर जब्त कर लिया. अमेरिका का कहना है कि यह जहाज ईरानी बंदरगाहों पर उसकी नाकेबंदी से बचने की कोशिश कर रहा था. इस कार्रवाई से ईरान नाराज है. ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान की संयुक्त सैन्य कमान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है. वहीं विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री से बातचीत में कहा कि ईरानी जहाजों और बंदरगाहों पर अमेरिकी दबाव वार्ता से पहले अमेरिका की दोहरी नीति को दिखाता है.
फिलहाल अमेरिका के साथ वार्ता की कोई योजना नहीं- ईरानी विदेश मंत्रालय
अमेरिका से बातचीत को लेकर ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भी सोमवार को कहा कि तेहरान की फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी वार्ता में शामिल होने की कोई योजना नहीं है. उन्होंने वार्ता में ईरान की भागीदारी की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया. बघाई ने मीडिया से बात करते हुए कहा- अभी तक… जब मैं यहां हूं… हमारे पास बातचीत के अगले दौर के लिए कोई योजना नहीं है और इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया है.
ट्रंप ने दी चेतावनी
बीते दिन रविवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी डेलिगेशन पाकिस्तान जाएंगे और ईरान के साथ शांति वार्ता को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे. रविवार को ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान के सामने एक बेहतरीन सौदा पेश किया है. उन्होंने सीधे शब्दों में धमकी भी दी कि ईरान या तो डील करे नहीं तो तबाही के लिए तैयार रहे. ट्रंप ने अपने चिर परिचित अंदाज में ईरान के बिजली घरों (पावर प्लांट) और पुलों को तबाह करने की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि ईरान की किलिंग मशीन को खत्म करने का समय आ गया है, और उन्हें यह करके काफी खुशी भी होगी.
बातचीत के रास्ते में कहां अटक रहा है रोड़ा?
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालीबाफ, जिन्होंने पहले दौर की वार्ता में ईरान का नेतृत्व किया था, ने कहा है कि तेहरान अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखे हुए है, लेकिन नए सिरे से तनाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि अमेरिका कूटनीति को आगे बढ़ाने को लेकर गंभीर नहीं है और वह लगातार युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन कर रहा है. ईरान का कहना है कि ईरानी मालवाहक जहाज पर अमेरिकी हमला, ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी और लेबनान में युद्धविराम लागू करने में देरी जैसे कदमों के कारण तेहरान को यह लग रहा है कि अमेरिका शांति और बातचीत के लिए तैयार नहीं है. इसी बीच यूरेनियम हैंडओवर को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि संवर्धित यूरेनियम के हस्तांतरण को लेकर न तो इस वार्ता अवधि में और न ही इससे पहले अमेरिका के साथ कोई चर्चा हुई है.
पाकिस्तान में शांति वार्ता के लिए कूटनीतिक कोशिशें तेज
ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ बना पाकिस्तान सीजफायर कराने का सेहरा अपने सिर बांधने के लिए बेताब है. दूसरे दौर की बातचीत के लिए तैयारी जारी है. पाकिस्तान ने पिछले 24 घंटों में अमेरिका और ईरान दोनों से राजनयिक संपर्क तेज कर दिए हैं. पाकिस्तानी गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने ईरानी दूतावास का दौरा कर राजदूत रजा अमीरी मोघद्दाम से मुलाकात भी की. पाकिस्तान ईरान को बातचीत के लिए राजी करने में लगा है.
पहली मीटिंग रही थी बेनतीजा
अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के संघर्ष विराम के बाद 11 और 12 अप्रैल को इस्लामाबाद में सीधी बातचीत हुई थी. लेकिन, 21 घंटे की बैठक के बाद बैठक बेनतीजा रही. पहले दौर की बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गयी थी. अब सबकी निगाहे दूसरे दौर की संभावित बैठक पर टिकी है.
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