इजरायल ने ईरान पर दागीं 5000+ मिसाइलें, शिया मुल्क में 1000+ मौतें, और आंकड़ें दिल दहला देंगे

Iran-Israel War: ईरान के ऊपर 28 फरवरी को हुआ हमला 6वें दिन में प्रवेश कर गया है. इस युद्ध में अब तक ईरान को काफी नुकसान हुआ है. इजरायल के मिसाइल हमलों की संख्या जहां 5000 को पार कर गई है, वहीं ईरान में मौतों का आंकड़ा 1000 को पार कर गया है, जबकि अपने मुल्क को छोड़कर जाने वाले ईरानियों की संख्या 1 लाख के पार कर गई है.

Iran-Israel War: अमेरिका और इजराइल के संयुक्त सैन्य अभियान के पांचवें दिन तक ईरान पर भीषण हमले हुए हैं. 28 फरवरी से शुरू हुई इस लड़ाई में इजराइल ने बुधवार को तेहरान, पवित्र शहर कोम, पश्चिमी ईरान और इस्फहान प्रांत के कई इलाकों में हवाई हमले किए. बुधवार की सबसे बड़ी अपडेट श्रीलंका के पास ईरानी वॉरशिप IRIS Dena पर हुआ हमला था, जिसमें 87 सैनिकों के मारे गए. इसके अलावा ईरान की तसनीम समाचार एजेंसी के मुताबिक इन हमलों में कई रिहायशी इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है. आंकड़ों में समझें इस युद्ध की कीमत ईरान कैसे अदा कर रहा है…

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार शनिवार से शुरू हुए अमेरिका-इजराइल के हमलों में अब तक 1,045 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग घायल हुए हैं. अल जजीरा के पत्रकार मोहम्मद वल ने तेहरान से रिपोर्टिंग करते हुए कहा कि इन हमलों का सबसे ज्यादा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है और देश के लगभग हर हिस्से को निशाना बनाया जा रहा है. उनके मुताबिक 300 से ज्यादा बच्चे और किशोर अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 6,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं.

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार 28 फरवरी से 1 मार्च के बीच लगभग एक लाख लोग तेहरान छोड़कर भाग चुके हैं.  28 फरवरी को हुए अटैक में एक मिसाइल तेहरान के एक स्कूल पर गिरी, जिसमें 165 के करीब लड़कियां मारी गईं. उन्हें एक साथ सामूहिक कब्र में दफन किया गया. 

सामूहिक रूप से दफन की गईं लड़कियां. फोटो- एक्स.

इजरायन ने गिराए 5000 से ज्यादा बम

ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान के बीच इजरायल ने दावा किया है कि संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक उसकी वायुसेना ने ईरान के विभिन्न ठिकानों पर 5,000 से अधिक बम गिराए हैं. इजरायली सेना के मुताबिक अभियान लगातार विस्तार कर रहा है और हवाई हमलों का खास फोकस तेहरान क्षेत्र पर बना हुआ है.

जून 2025 के 12 दिनी संघर्ष में गिराए थे इतने बम

इजरायल के अखबार ‘द जेरूसलम पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार तक IDF ने चार दिनों में लगभग 4,000 बम गिराए थे. यह संख्या जून 2025 में ईरान के साथ हुए पूरे 12 दिनों के संघर्ष के दौरान इस्तेमाल किए गए कुल बमों के बराबर थी. अब पांचवें दिन यह आंकड़ा 5,000 से पार पहुंच गया है, जिससे संकेत मिलता है कि इजरायल को अभी भी कई महत्वपूर्ण सैन्य लक्ष्य मिल रहे हैं और उसके हथियार भंडार में कमी नहीं आई है.

ईरान में हमले के बाद मौजूद राहतकर्मी. फोटो- pti.

इससे पहले IDF ने यह भी दावा किया था कि उसने ईरान के इस्फहान इलाके में गद्र-110 बैलिस्टिक मिसाइल और उनके लॉन्च प्लेटफॉर्म को नष्ट कर दिया है. गद्र-110 को इस श्रेणी की सबसे उन्नत मिसाइलों में गिना जाता है. यह दो चरणों वाली बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसमें ठोस ईंधन वाला इंजन होता है, जिससे इसे लॉन्च करने की तैयारी में कम समय लगता है.

ईरान और अमेरिका में कितनी मौतें हुईं?

वहीं इजरायल की आपातकालीन सेवा मैगन डेविड एडोम के अनुसार ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों के कारण इजरायल में कम से कम 10 लोगों की जान गई है. वहीं अमेरिका के अब तक 6 सैनिकों की मौत हुई है, जो कुवैत में ईरानी मिसाइल का शिकार बने. हालांकि ईरान का दावा है कि अब तक अमेरिका के आईआरजीसी ने खाड़ी क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर बड़े हमले किए हैं और दुबई में किए गए एक हमले में 100 से अधिक अमेरिकी सैनिक मारे गए. लेकिन अमेरिका ने इससे इनकार किया है.

नजफ, इराक में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के सिंबॉलिक अंतिम संस्कार के दौरान इराकी शिया ताबूत की कॉपी ले जाते हुए. फोटो- pti.

अन्य देशों में कितने लोग मारे गए?

इसके अलावा इजरायली हमले में लेबनान में 50 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं. वहीं ईरान के हमले की वजह से जॉर्डन में 5, कुवैत में 4, यूएई में 3, बहरीन और ओमान में एक-एक मौतें हुई हैं. ईरान ने सऊदी अरब में भी हमला किया था, लेकिन राहत की बात है कि वहां किसी की मौत नहीं हुई है.

IRGC के सैन्य मुख्यालय खातम अल-अनबिया हेडक्वार्टर की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उसके बलों ने दुबई में मौजूद अमेरिकी पैदल सेना को निशाना बनाया. बयान के अनुसार, ‘हमने दुबई में मौजूद 160 अमेरिकी पैदल सैनिकों को निशाना बनाया और उनमें से 100 को मार गिराया.’

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लंबा चलेगा मिडिल ईस्ट का क्राइसिस

अमेरिका और इजरायल का संयुक्त सैन्य अभियान अब पांचवें दिन में पहुंच चुका है. इसने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव को काफी बढ़ा दिया है. लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के कारण क्षेत्र में सुरक्षा और राजनीतिक हालात तेजी से जटिल होते जा रहे हैं. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि तेहरान की नेतृत्व व्यवस्था इस समय बिखरती नजर आ रही है और जो भी नेता बनने की कोशिश करता है, वह मारा जा रहा है. ट्रंप और उनके प्रशासन  ने पहले कहा था कि यह युद्ध 3-4 हफ्तों तक चल सकता है, लेकिन अब उन्होंने संकेत दिया कि यह संघर्ष और लंबा चल सकता है. इजरायल ने धमकी दी है कि जो भी ईरान में नेतृत्व संभालेगा उसे मार दिया जाएगा. 

इजरायल में हुए अटैक के बाद घटनास्थल पर मौजूद लोग. फोटो- pti.

ईरान की टॉप लीडरशिप समाप्त हुई

इजराइल के 28 फरवरी के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह अली खामेनेई, उनकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों की मौत हो गई. रक्षा मंत्री नासिरजादेह और आईआरजीसी के कमांडर भी इसी अटैक में मारे गए. इसके बाद भी इजरायल और यूएस के अटैक रुके नहीं हैं. इजरायल का कहना है कि उसने  बसिज फोर्स के ठिकानों को निशाना बनाया गया, जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ा एक स्वयंसेवी अर्धसैनिक बल है. इसके अलावा ईरान की आंतरिक सुरक्षा कमान से जुड़े कुछ भवनों को भी निशाना बनाया गया.

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लगातार हो रहे हमलों के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम भी फिलहाल टाल दिया गया है. रसद संबंधी समस्याओं को इसका कारण बताया गया है. उधर ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज करते हुए इजराइल और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए हैं. हालांकि इजराइल, अमेरिका और खाड़ी देशों ने इनमें से अधिकतर मिसाइलों को रोक लिया, लेकिन कुछ हमलों में सैन्य और नागरिक ढांचे को नुकसान पहुंचा है.

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By Anant narayan shukla

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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