भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर साल के अंत तक लग सकती है मुहर, जी7 में बनी सहमति

India-EU FTA: जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय संघ (EU) के शीर्ष नेताओं के बीच हुई बैठक में मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर बात हुई. यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ इस साल के अंत तक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कर देंगे.

India EU FTA: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है. दोनों पक्षों का लक्ष्य इस साल के अंत तक इस बेहद खास समझौते पर हस्ताक्षर करना है. इस समझौते को सभी समझौतों की जननी भी कहा जा रहा है क्योंकि इससे दुनिया के सबसे बड़े आर्थिक साझेदारी क्षेत्रों में से एक का निर्माण होगा. यह समझौता वस्तुओं, सेवाओं और डिजिटल बिजनेस को कवर करेगा. इसके लागू होने से करीब दो अरब लोगों और वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक बड़े हिस्से को फायदा मिलेगा. साथ ही व्यापार, निवेश और टेक्नोलॉजी सहयोग के नए अवसर बनेंगे.

जी7 शिखर सम्मेलन में हुई महत्वपूर्ण बैठक

फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से बुधवार (17 जून) को मुलाकात की. इस दौरान दोनों पक्षों ने मुक्त व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने पर चर्चा हुई. यूरोपीय नेताओं ने कहा कि समझौते को अंतिम रूप देने के बाद अब इसे लागू करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है और साल के अंत तक इस पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं. वॉन डेर लेयेन ने कहा कि दोनों पक्ष समझौते को अंतिम रूप देने के बाद अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि एफटीए के अलावा निवेश समझौते पर भी तेजी से काम आगे बढ़ाया जाएगा.

पीएम मोदी ने जताया भरोसा

बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के संबंधों के लिए यह बेहद खास समय है. उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ का बढ़ता सहयोग वैश्विक स्तर पर शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा सकता है. यूरोपीय संघ के नेताओं ने कहा कि व्यापार के अलावा सिक्युरिटी, डिफेंस और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाया जाएगा. भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर (IMEC) को आगे बढ़ाने पर भी दोनों पक्षों ने सहमति जताई है.

निर्यात पर शुल्क में आएगी कमी

भारत और यूरोपीय संघ ने जनवरी में नई दिल्ली में आयोजित शिखर सम्मेलन के दौरान इस व्यापार समझौते पर वार्ता पूरी होने की घोषणा की थी. अधिकारियों ने बताया कि यह समझौता वैश्विक जीडीपी के लगभग एक-चौथाई हिस्से को कवर करेगा. इसके तहत यूरोपीय संघ को होने वाले भारत के 99 प्रतिशत निर्यात और भारत में आने वाले 97 प्रतिशत से अधिक यूरोपीय निर्यात शुल्क (Export Duty) में कमी आएगी.

भारत-जर्मनी संबंधों को मिलेगी मजबूती

जी7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ से भी मुलाकात की. दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और हरित अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की. भारत और जर्मनी ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को जल्द लागू करने के महत्व पर भी जोर दिया.

कई देशों के नेताओं से की मुलाकात

जी7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कनाडा, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, केन्या, मिस्र, जापान और दक्षिण कोरिया के नेताओं से भी मुलाकात की. इन बैठकों में व्यापार, निवेश, रणनीतिक सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई. भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता लागू होने से भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, विदेशी निवेश में वृद्धि होगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. साथ ही भारत की वैश्विक आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी.

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By Pritish Sahay

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