पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने देश में बढ़ते जनाक्रोश को लेकर बड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर लोगों, खासकर युवाओं का गुस्सा इसी तरह बढ़ता रहा, तो पाकिस्तान में भी CJP जैसे बड़े जन आंदोलन की शुरुआत हो सकती है. उनके इस बयान ने पाकिस्तान की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. गुरुवार (30 जुलाई) को इकोनॉमिक समिट में बोलते हुए मोहसिन नकवी ने देश की मौजूदा शासन व्यवस्था पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि वर्तमान सिस्टम अब पाकिस्तान की समस्याओं का समाधान करने में सक्षम नहीं है और इसमें बड़े बदलाव की जरूरत है.
जियो न्यूज के मुताबिक, मोहसिन नकवी ने कहा, "जिस व्यवस्था के तहत हम रह रहे हैं, वह पूरी तरह विफल हो चुकी है. इस सिस्टम से देश की समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता. अगर व्यापक सुधार नहीं किए गए, तो 10 साल बाद भी हम इन्हीं मुद्दों पर बहस करते रहेंगे."
मोहसिन नकवी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत में CJP के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा. वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान आर्थिक संकट, बढ़ती बेरोजगारी, राजनीतिक खींचतान और बलूचिस्तान, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) तथा खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है.
युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध हों : मोहसिन नकवी
मोहसिन नकवी ने कहा कि पाकिस्तान के आम लोगों को मुफ्त की मदद नहीं, बल्कि एक ऐसा सिस्टम चाहिए जो सबके साथ न्याय करे और योग्यता के आधार पर मौके दे. उन्होंने कहा, "आम लोगों की सबसे बड़ी मांग है कि उन्हें न्याय मिले, योग्यता को महत्व मिले और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध हों."
देश में बड़े प्रशासनिक सुधारों की जरूरत
मोहसिन नकवी ने देश में बड़े प्रशासनिक सुधारों की जरूरत बताते हुए नए प्रशासनिक यूनिट बनाने और स्थानीय सरकारों को अधिक अधिकार देने की वकालत की. उनका कहना था कि इससे शासन व्यवस्था बेहतर होगी. इसके बाद उन्होंने पाकिस्तान के नाराज और निराश युवाओं का जिक्र करते हुए 'कॉकरोच' का उदाहरण दिया.
समा टीवी के मुताबिक, मोहसिन नकवी ने कहा, "चाहे आप उस युवा को युवा कहें, कॉकरोच कहें या कुछ और... अगर ये 'कॉकरोच' एकजुट हो जाएं, तो सब कुछ पलट सकते हैं."
