जलवायु परिवर्तन के प्रकोप से कोई अछूता नहीं, ग्लासगो में बोले पीएम मोदी, सभी देशों के लिए ये बड़ा खतरा

PM Modi in Glasgow: ग्लासगो में आयोजित वर्ल्ड लीडर समिट ऑफ कोप-26 में पीएम मोदी ने भारत का पक्ष दुनिया के सामने रखा है. क्लाइमेट चेंज पर इस वैश्विक मंथन के दौरान पीएम मोदी ने कहा है कि यानि आइरिस (इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर रेसिलिएंट आइलैंड स्टेट्स ) की लांचिंग एक नई आशा जगाता है.

PM Modi in Glasgow: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिटेन दौरे पर हैं. उनके दौरे का ये दूसरा दिन है. यहां पीएम मोदी अंतरराष्ट्रीय जलवायु शिखर सम्मेलन सीओपी-26 में ले रहे हैं. सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा है कि, पिछले कुछ दशकों में यह सिद्ध हो गया है कि जलवायु परिवर्तन के प्रकोप से कोई भी अछूता नहीं है. विकसित देश हों या फिर प्राकृतिक संसाधनों से धनी देश, यह सभी के लिए ये बहुत बड़ा खतरा है. कोई भी इससे बच हुआ नहीं है.

पीएम मोदी ने सम्मेलन में ये भी कहा कि, जलवायु परिवर्तन से सब से ज्यादा खतरा छोटे आईलैंड और विकासशील देशों को हैं. उन्होंने कहा कि, भारत की स्पेस एजेंसी इसरो, सिड्स के लिए एक स्पेशल डेटा विंडो का निर्माण करेगी. इससे सिड्स को सैटेलाइट के माध्यम से सायक्लोन, कोरल-रीफ मॉनीटरिंग, कोस्ट-लाइन मॉनीटरिंग आदि के बारे में समय रहते जानकारी मिलती रहेगी.

पीएम मोदी ने कहा कि IRIS के लॉन्च को बहुत अहम मानता हूं. IRIS के माध्यम से सिड्स को टेक्‍नोलॉजी, फायनेंस, जरूरी जानकारी तेजी से मोबलाइज करने में आसानी होगी. स्‍मॉल आइलैंड्स स्‍टेट्स में क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रोत्साहन मिलने से वहां जीवन और आजीविका दोनों को लाभ मिलेगा.

गौरतलब है कि ग्लासगो में आयोजित वर्ल्ड लीडर समिट ऑफ कोप-26 में पीएम मोदी ने भारत का पक्ष दुनिया के सामने रखा है. क्लाइमेट चेंज पर इस वैश्विक मंथन के दौरान पीएम मोदी ने कहा है कि यानि आइरिस (इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर रेसिलिएंट आइलैंड स्टेट्स ) की लांचिंग एक नई आशा जगाता है.

Posted by: Pritish Sahay

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >