पुरुष और महिला मस्तिष्क में अलग तरीके से काम करते हैं जीन, मेल ब्रेन में दिखती है ज्यादा सक्रियता; रिसर्च का खुलासा

Genes Study in male and female brains: जैविक रूप से पुरुष और महिला के मस्तिष्क में सैकड़ों जीन अलग-अलग ढंग से सक्रिय रहते हैं. कई दशकों के शोध से यह पुष्टि हुई है कि पुरुषों और महिलाओं में मस्तिष्क की संरचना, कार्यप्रणाली और मानसिक रोगों की प्रवृत्ति में अंतर है.

Genes Study in male and female brains: दशकों से पुरुषों और महिलाओं में बुद्धिमत्ता तथा व्यवहार के अंतर को लेकर बहस होती रही है, लेकिन अब वैज्ञानिक साक्ष्य यह दर्शाते हैं कि जैविक रूप से पुरुष और महिला के मस्तिष्क में सैकड़ों जीन अलग-अलग ढंग से सक्रिय रहते हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि इन जीनों का अलग-अलग तरीके से सक्रिय होना मस्तिष्क विकारों, जैसे अल्जाइमर और पार्किंसन जैसी बीमारियों से जुड़ा हो सकता है. शोधकर्ताओं के अनुसार, पुरुष और महिला मस्तिष्कों के बीच ये आनुवंशिक अंतर शारीरिक विकास की प्रारंभिक अवस्था में ही स्थापित हो जाते हैं और संभवतः मस्तिष्क के विकास को आकार देने में भूमिका निभाते हैं. यह प्रवृत्ति न केवल मनुष्यों में, बल्कि अन्य प्राइमेट (वनमानुष) प्रजातियों में भी पाई गई है, जिससे संकेत मिलता है कि ये अंतर बहुत प्राचीन हैं.

जीन गतिविधि में अंतर कई दशकों के शोध से यह पुष्टि हुई है कि पुरुषों और महिलाओं में मस्तिष्क की संरचना, कार्यप्रणाली और मानसिक रोगों की प्रवृत्ति में अंतर है. लेकिन यह स्पष्ट नहीं था कि इन अंतरों में कितना योगदान जीन का है और कितना पर्यावरण का. 2017 में किए गए एक अध्ययन में सैकड़ों पुरुषों और महिलाओं के मरणोपरांत मस्तिष्क ऊतक का विश्लेषण किया गया था. इसमें पाया गया कि करीब एक-तिहाई जीनों की सक्रियता एक से दूसरे की तुलना में अधिक थी. इस वर्ष प्रकाशित एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि पुरुष मस्तिष्क में 610 जीन अधिक सक्रिय थे, जबकि महिला मस्तिष्क में 316 जीन.

कौन से जीन लिंग-आधारित हैं? 

वैज्ञानिकों का कहना है कि हालांकि कुछ जीन एक्स और वाई क्रोमोसोम पर स्थित हैं, लेकिन लगभग 90 प्रतिशत लिंग-आधारित जीन सामान्य क्रोमोसोम पर पाए गए हैं. इससे संकेत मिलता है कि सेक्स हार्मोन, जैसे- टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन इन जीनों की सक्रियता को नियंत्रित कर सकते हैं. 

अंतर भ्रूण अवस्था में ही बनते हैं

 2025 में प्रकाशित एक अध्ययन में 266 भ्रूणों के मस्तिष्क के नमूनों की जांच की गई, जिसमें पाया गया कि भ्रूण अवस्था में ही 1,800 जीन पुरुष भ्रूणों में और 1,300 जीन महिला भ्रूणों में अधिक सक्रिय थे. इन जीनों में से कई वयस्क मस्तिष्कों में पाए जाने वाले लिंग-आधारित जीनों से मेल खाते हैं.

क्या पुरुष और महिला मस्तिष्क अलग तरह से काम करते हैं? 

वैज्ञानिकों का कहना है कि इतने अधिक जीनों की गतिविधि में अंतर किसी न किसी रूप में मस्तिष्क की कार्यप्रणाली में भी झलक सकता है, हालांकि इसका सटीक प्रभाव अभी स्पष्ट नहीं है. प्रारंभिक अध्ययनों से संकेत मिलता है कि महिलाओं में अधिक सक्रिय जीन न्यूरॉन संबंधी कार्यों से जुड़े होते हैं, जबकि पुरुषों में अधिक सक्रिय जीन झिल्ली (मेम्ब्रेन) और नाभिकीय संरचनाओं से संबंधित हैं. 

मस्तिष्क स्वास्थ्य और रोग शोध में पाया गया है कि कई महिला-प्रधान जीन अल्जाइमर रोग से जुड़े हैं, जिससे महिलाओं में इस रोग की दोहरी दर को आंशिक रूप से समझाया जा सकता है. वहीं, पशु अध्ययनों में यह संकेत मिला है कि पुरुषों के मस्तिष्क में पाए जाने वाला एसआरवाई जीन पार्किंसन रोग की गंभीरता को बढ़ा सकता है. 

विकास की दृष्टि से प्राचीन हैं ये अंतर 

लैंगिकता-आधारित जीन अंतर केवल मनुष्यों में ही नहीं, बल्कि चूहे, बंदर और अन्य स्तनधारियों में भी देखे गए हैं. मनुष्यों और बंदरों में पाए गए जीन पैटर्न काफी हद तक समान हैं, जिससे संकेत मिलता है कि ये अंतर लगभग सात करोड़ वर्ष पहले के साझा पूर्वजों में उत्पन्न हुए होंगे. शोधकर्ताओं का कहना है कि प्राकृतिक चयन ने संभवतः ऐसे जीनों को बढ़ावा दिया, जिन्होंने नर और मादा प्राणियों में थोड़े-बहुत व्यवहारिक अंतर विकसित किए. यह प्रवृत्ति संभवतः सभी स्तनधारियों, यहां तक कि सभी कशेरुकी जीवों में भी मौजूद है.

ये भी पढ़ें:-

अजूबा! बच्चे को जन्म देने वाली महिला की कांख से निकलने लगा दूध, रेयर मामले में सामने आई अनोखी जानकारी

यूरोप में मिला दुनिया का सबसे बड़ा मकड़ी जाल, एक ही जगह 111000 से ज्यादा मकड़ियां!

वो बदनसीब कुत्ता जो अंतरिक्ष में ही मर गया, धरती नहीं हुई नसीब, बना था इतिहास का पहला स्पेस डॉग

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >