Sher Bahadur Deuba : नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा करीब 6 महीने बाद गुरुवार को नेपाल लौटे हैं. पिछले साल हुए जेन-जी आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने उनके घर पर हमला कर दिया था. इस दौरान देउबा और उनकी पत्नी आरजू राणा देउबा घायल हो गए थे और जान बचाकर नेपाल से बाहर चले गए थे. इसके बाद दोनों इलाज के लिए विदेश में ही रहे. नेपाल लौटने के बाद 80 वर्षीय पूर्व पीएम का पार्टी नेताओं ने जोरदार स्वागत किया.
इलाज के लिए सिंगापुर गए थे देउबा
देउबा 25 फरवरी को अपनी पत्नी के साथ इलाज के लिए सिंगापुर गए थे. बाद में दोनों को हांगकांग में भी देखा गया था. हालांकि उन्होंने अपनी बीमारी या इलाज के बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है. गुरुवार को देउबा अकेले काठमांडू लौटे हैं. त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनके स्वागत के लिए बड़ी संख्या में नेपाली कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता पहुंचे. वहां बैंड-बाजे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ उनका स्वागत किया गया.
वापसी के साथ फिर सक्रिय होगी राजनीति
देउबा की नेपाल वापसी ऐसे समय हुई है, जब नेपाली कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और संगठन को लेकर खींचतान चल रही है. पार्टी के एक धड़े की राष्ट्रीय बैठक 14 से 16 अगस्त तक काठमांडू में होनी है, जिसमें देउबा शुक्रवार को मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे.
पार्टी नेता बिमलेंद्र निधि ने कहा कि देउबा के लंबे राजनीतिक अनुभव से पार्टी को एकजुट करने में मदद मिल सकती है. देउबा पांच बार नेपाल के प्रधानमंत्री रह चुके हैं.
बोले- सत्ता के लिए नहीं, एकता मजबूत करने लौटा हूं
नेपाल लौटने के बाद देउबा ने कहा कि वह सत्ता हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए वापस आए हैं. उन्होंने Gen-Z आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी की जायज मांगों को संबोधित किया जाना चाहिए, लेकिन बदलाव का मतलब यह नहीं है कि पिछली पीढ़ियों के संघर्ष और योगदान को गलत बताया जाए. उन्होंने नेपाली कांग्रेस में मतभेद खत्म करने, युवाओं को नेतृत्व में ज्यादा मौका देने और सभी राजनीतिक दलों के साथ मिलकर लोकतंत्र को मजबूत करने की अपील की.
नेपाल का जेन-जी आंदोलन
नेपाल का जेन-जी आंदोलन सितंबर 2025 में शुरू हुआ था. सोशल मीडिया पर सरकार की नीतियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं का विरोध बड़े आंदोलन में बदल गया. प्रदर्शन के दौरान कई जगह हिंसा और आगजनी की घटनाएं हुईं. इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने शेर बहादुर देउबा के घर पर भी हमला किया, जिसमें देउबा और उनकी पत्नी आरजू राणा देउबा घायल हो गए थे.
Also read : ट्रंप बोले- ‘मुझे फिर चुनाव लड़ना पसंद होगा, लेकिन...’, 2028 को लेकर खुद बताया क्यों नहीं लड़ सकते
