Imran Khan: शीशा तोड़ा, PTI कार्यकर्ताओं को पीटा, फिर घसीटते हुए इमरान खान को ले गये रेंजर्स

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान तोशाखाना मामले में बुरी तरह से फंसे हैं. उनका पर सरकारी तोहफों की बिक्री से मिली रकम को कथित तौर पर छिपाने का आरोप लगा है. इस मामले में उनके खिलाफ पाकिस्तान के उच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है.

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) प्रमुख इमरान खान (Imran Khan) को रेंजर्स द्वारा इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) के बाहर से गिरफ्तार किया गया है. आईजी पुलिस ने बताया, इमरान खान को गिरफ्तार करने के बाद एनएबी ले जाया गया है. इधर इमरान की पार्टी ने अगवा करने का आरोप लगाया है.

पेशी के दौरान इमरान खान गिरफ्तार, हाईकोर्ट ने आईजी को किया तलब

बताया जा रहा है इमरान खान को कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था, लेकिन कोर्ट रूम से पाक रेंजर्स ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. इधर इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान खान की गिरफ्तारी पर संज्ञान लिया है. सीजे ने आईजी पुलिस और आंतरिक सचिव को तलब किया है.

गिरफ्तारी से पहले इमरान खान ने वीडियो मैसेज दिया

गिरफ्तारी से पहले पाकिस्तान के पूर्व पीएम और पीटीआई प्रमुख इमरान खान ने कहा, मुझ पर कोई केस नहीं है. वे मुझे जेल में डालना चाहते हैं, मैं इसके लिए तैयार हूं. गौरतलब है कि क्रिकेटर से नेता बने खान पर अभी राजद्रोह, आतंकवाद, हत्या, हत्या का प्रयास, ईशनिंदा तथा अन्य आरोपों के तहत 140 अधिक मामले दर्ज हैं.

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9 पीटीआई नेताओं को हिरासत में लिया गया, जमां पार्क के पास स्थिति तनावपूर्ण

इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद 9 पीटीआई नेताओं को हिरासत में लिया गया है. साथ ही कई समर्थक और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की जा रही है. इधर पीटीआई ने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को जमां पार्क पहुंचने की अपील की है. जमां पार्क के पास स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गयी है.

पीटीआई ने इमरान खान को अगवा करने का लगाया आरोप

इमरान की गिरफ्तारी के बाद पीटीआई का बड़ा बयान सामने आया है. शिरीन मजारी ने कहा, पाकिस्तान में जंगल का कानून चल रहा है. पीटीआई ने कहा, पाकिस्तानी रेंजर्स ने इमरान खान को अगवा किया.

तोशाखाना मामले में इमरान खान पर लगे गंभीर आरोप

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान तोशाखाना मामले में बुरी तरह से फंसे हैं. उनका पर सरकारी तोहफों की बिक्री से मिली रकम को कथित तौर पर छिपाने का आरोप लगा है. इस मामले में उनके खिलाफ पाकिस्तान के उच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है.

इमरान खान पर पिछले साल तोशाखाना मामले में याचिका दायर की गयी थी

पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने विदेशी गणमान्य लोगों से मिले तोहफों की बिक्री का विवरण साझा नहीं करने के कारण पिछले साल खान के खिलाफ तोशाखाना मामला दायर किया था.

क्या है तोशाखाना

वर्ष 1974 में स्थापित तोशाखाना, कैबिनेट डिवीजन के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक विभाग है. तोशाखाना में पाकिस्तानी शासकों, सांसदों, नौकरशाहों और अधिकारियों को अन्य देशों की सरकारों, राज्यों के प्रमुखों और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों से मिले कीमती उपहारों को संग्रहीत किया जाता है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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