पूर्व PM इमरान खान की दाईं आंख की रोशनी पर संकट, सिर्फ 15% विजन बचा

Imran Khan Eye Vision Loss: जेल में इमरान खान की आंखों की रोशनी पर बड़ा संकट आ गया है. उनके वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पूर्व PM की दाहिनी आंख में सिर्फ 15 प्रतिशत रोशनी बची है. उनके बेटे कासिम ने इसे जान-बूझकर की गई साजिश और मेडिकल लापरवाही बताया. कोर्ट ने अब एक स्पेशल मेडिकल बोर्ड बनाया है और 16 फरवरी तक रिपोर्ट मांगी है.

Imran Khan Eye Vision Loss: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर एक डराने वाली खबर सामने आई है. साल 2023 से जेल में बंद इमरान खान की दाईं आंख (राइट आई) की रोशनी अब नाममात्र की बची है. उनके वकील सलमान सफदर ने देश की सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि इमरान की दाईं आंख में अब केवल 15% विजन ही बचा है. परिवार का आरोप है कि जेल प्रशासन की लापरवाही की वजह से उनकी यह हालत हुई है.

3-4 महीने पहले शुरू हुई थी धुंधलेपन की शिकायत

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान के वकील सलमान सफदर को हाल ही में जेल में उनसे मिलने की अनुमति मिली थी. सफदर ने बताया कि इमरान खान को करीब 3-4 महीने पहले आंखों में धुंधलापन महसूस होने लगा था. उन्होंने इसकी जानकारी जेल सुपरिटेंडेंट को भी दी थी, लेकिन आरोप है कि प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया. उन्हें इलाज के नाम पर सिर्फ आई ड्रॉप्स (आंखों में डालने वाली दवा) दी गईं, जिससे कोई सुधार नहीं हुआ.

दाईं आंख में खून का थक्का बनने से हुआ नुकसान

वकील सलमान सफदर के अनुसार, जब स्थिति ज्यादा खराब हुई तब जांच में पता चला कि इमरान खान की दाईं आंख में खून का थक्का (ब्लड क्लॉट) जम गया है. इस क्लॉट की वजह से उनकी आंख को गहरा नुकसान पहुंचा है. 73 साल के इमरान खान इस बात से काफी परेशान और तनाव में नजर आए. मीटिंग के दौरान उनकी आंखों से बार-बार पानी गिर रहा था जिसे वे टिश्यू से पोंछ रहे थे.

बेटे का आरोप- पिता को जानबूझकर नहीं दिया गया इलाज

इमरान खान के बेटे कासिम खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (एक्स) पर अपनी चिंता जाहिर की है. कासिम के अनुसार, उनके पिता पिछले 922 दिनों से अकेले कैद में हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जेल में उनके पिता के ब्लड टेस्ट तक नहीं होने दिए गए और सही इलाज देने से जानबूझकर मना किया गया. कासिम ने इस पूरी स्थिति के लिए पाकिस्तान की मौजूदा सरकार और सेना प्रमुख को जिम्मेदार ठहराया है.

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश-  मेडिकल बोर्ड करेगा जांच

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पाकिस्तान के चीफ जस्टिस याह्या अफरीदी की बेंच ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि:

  • इमरान खान की सेहत की जांच के लिए तुरंत एक स्पेशल मेडिकल बोर्ड बनाया जाए.
  • बोर्ड को 16 फरवरी से पहले इमरान की आंखों का पूरा चेकअप करके रिपोर्ट देनी होगी.
  • इमरान खान को उनके बेटों से फोन पर बात करने की सुविधा दी जाए, जो इस समय ब्रिटेन में अपनी मां जेमिमा गोल्डस्मिथ के साथ रहते हैं.

सरकार का दावा- इमरान पूरी तरह ‘फिट और हेल्दी’

एक तरफ जहां वकील और परिवार मेडिकल लापरवाही की बात कर रहे हैं, वहीं पाकिस्तान सरकार के मंत्री अता तरार ने कुछ समय पहले कहा था कि इमरान खान पूरी तरह ‘स्वस्थ’ हैं. सरकार के मुताबिक, 24 जनवरी को इस्लामाबाद के PIMS अस्पताल में इमरान का 20 मिनट का एक छोटा सा मेडिकल प्रोसीजर किया गया था. हालांकि, खान के परिवार का कहना है कि उन्हें इस इलाज की जानकारी तक नहीं दी गई थी.

इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और उन पर सरकारी तोहफे बेचने और सरकारी राज लीक करने जैसे 100 से ज्यादा मामले चल रहे हैं.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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