अफगानिस्तान में आधी रात कांपी धरती, 6.3 की तीव्रता के भूकंप ने फैलाई दहशत, कई लोगों के मौत की आशंका

Earthquake in Afghanistan: अफगानिस्तान में सोमवार 3 नवंबर को तड़के 6.3 की तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई है. उत्तरी अफगानिस्तान में आए इस भूकंप का केंद्र मजार ए शरीफ में है. इस अर्थक्वेक के झटके पड़ोसी देशो में भी महसूस किए गए, जिसमें काफी लोगों के मारे जाने की आशंका व्यक्त की गई है.

Earthquake in Afghanistan: सोमवार, 3 नवंबर को लगभग 2 बजे अफगानिस्तान में एक जोरदार भूकंप से धरती कांप उठी. राष्ट्रीय भूकंपीय विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार  6.3 तीव्रता का एक भूकंप आया. भूकंप 23 किलोमीटर की गहराई पर आया था. इस भूकंप में कई लोगों के मारे जाने की सूचना है, हालांकि हताहतों के बारे में अभी कोई सूचना सामने नहीं आई है. प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, भूकंप सोमवार तड़के उत्तरी अफगानिस्तान के मजार-ए-शरीफ शहर और खुल्म कस्बे के पास आया. मजार-ए-शरीफ, उत्तरी बाल्ख प्रांत की राजधानी है और उत्तरी अफगानिस्तान के सबसे अधिक आबादी वाले शहरों में से एक है.

भारत के भूकंप विज्ञान केंद्र ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, “भूकंप (EQ) की तीव्रता: 6.3, दिनांक: 03/11/2025, समय: 01:59:02 IST, अक्षांश: 36.51 N, देशांतर: 67.50 E, गहराई: 23 किमी, स्थान: अफगानिस्तान. वहीं संयुक्त राज्य भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के मॉडल के अनुसार, इस झटके से सैकड़ों लोगों की मौत हो सकती है. जबकि अफगानिस्तान राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एक बयान में कहा, “देश के कई प्रांतों को एक बार फिर रात करीब 1 बजे आए एक तेज भूकंप ने झकझोर दिया.” न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट्स के मुताबिक इस भूकंप के झटके काबुल तक भी महसूस किए गए. मजार-ए-शरीफ में आधी रात लोग अपने घरों से दहशत के मारे बाहर सड़क पर निकल आए.

पड़ोसी देशों में महसूस किए गए झटके

इस भूकंप के झटके ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान में भी महसूस किए गए, जो उत्तरी अफगानिस्तान की सीमाएं साझा करते हैं . मजार-ए-शरीफ की एक निवासी ने सीएनएन को बताया कि उनका परिवार “भयभीत होकर जाग गया” जब भूकंप आया, और उनके बच्चे “चिल्लाते हुए सीढ़ियों से नीचे भागे.” रहीमा नामक एक पूर्व स्कूल शिक्षिका ने नेटवर्क को बताया कि उन्होंने “पहले कभी इतना शक्तिशाली भूकंप अनुभव नहीं किया था.” उन्होंने बताया कि कई खिड़कियां टूट गईं और घर की दीवारों का प्लास्टर झड़ गया. भूकंप के कई वीडियो सामने आए हैं, जिन्हें सोशल मीडिया पर लोगों ने साझा किए हैं. इनमें लोगों में फैली दहशत को साफ-साफ देखा जा सकता है.

जारी किया गया ऑरेंज अलर्ट

USGS के PAGER सिस्टम ने एक ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जो भूकंप के बाद संभावित आर्थिक और मानव क्षति का पूर्वानुमान लगाता है. इसने कहा, “महत्वपूर्ण जनहानि की संभावना है और यह आपदा व्यापक हो सकती है. इस स्तर की चेतावनी वाले पिछले घटनाक्रमों में क्षेत्रीय या राष्ट्रीय स्तर की प्रतिक्रिया की आवश्यकता पड़ी थी.”

भूकंप ने कई बार बीते महीनों में अफगानिस्तान को दहलाया

इससे पहले दिन में, अफगानिस्तान में 3.9 तीव्रता का एक भूकंप 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर आया था, जिससे आफ्टरशॉक्स (झटकों) की संभावना बढ़ गई थी. अफगानिस्तान में भूकंप आने की फ्रीक्वेंसी काफी ज्यादा है. बीते अगस्त महीने की आखिरी तारीख को पाकिस्तान सीमा से लगे पूर्वी अफगानिस्तान में 6.0 की तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 2200 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई थी. वहीं 2 साल पहले 7 अक्टूबर 2023 को भी इसी क्षेत्र में आए भूकंप ने 4000 से अधिक लोगों की जान ले ली थी. इस क्षेत्र में बीते तीन महीने में कई बार धरती में झटके महसूस किए गए हैं.

अफगानिस्तान में बार-बार भूकंप क्यों आते हैं?

अफगानिस्तान हिंदुकुश पर्वत शृंखला में स्थित है, जो यूरेशियन और इंडियन टेक्टॉनिक प्लेटों के जंक्शन पर है, इसलिए यहां पर अक्सर धरती में कंपन होती है. यह भूकंप के सबसे सक्रिय स्थानों में से एक है. यह एक उथला क्षेत्र भी है, जिसके ऊपर पामीर का पठार भी है, ऐसे में उथले भूकंप आम तौर पर गहरे भूकंपों की तुलना में अधिक खतरनाक होते हैं, क्योंकि उथले भूकंप की भूकंपीय तरंगों को सतह तक पहुंचने में कम दूरी तय करनी पड़ती है. इससे जमीन पर झटके ज्यादा तीव्र महसूस होते हैं, जिसके परिणामस्वरूप इमारतों को अधिक नुकसान और जनहानि की संभावना बढ़ जाती है.

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