Donald Trump Target Cuba Iran War: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच 28 फरवरी से युद्ध चल रहा है. यूएस ने इजरायल के साथ साझा हमले में 28 फरवरी को सुप्रीम लीडर अली खामेनेई समेत कई ईरानी शीर्ष नेतृत्व को मार दिया. इसके बाद से मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसा माहौल है. अमेरिका के हमले जारी हैं, तो वहीं ईरान भी ताबड़तोड़ जवाबी हमला कर रहा है. इस संघर्ष के नजदीकी समय में समाप्त होने की उम्मीद नहीं हैं, इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपित डोनाल्ड ट्रंप ने एक और देश को निशाने पर ले लिया.
व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान ईरान के साथ जारी युद्ध को समाप्त करने पर है. उन्होंने कहा, ‘हम सबसे पहले इस युद्ध को खत्म करना चाहते हैं.’ ट्रंप ने आगे कहा कि इसके बाद क्यूबा से जुड़े मुद्दों पर भी अमेरिका सक्रिय रूप से आगे बढ़ सकता है.
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि क्यूबा की सरकार अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए उत्सुक है. उन्होंने कहा, ‘क्यूबा समझौता करना बहुत चाहता है.’ ट्रंप ने यह भी कहा कि भविष्य में कई क्यूबाई-अमेरिकी दोबारा अपने देश लौट सकते हैं. ‘हम चाहते हैं कि आप वापस आएं और हम आपको खोना नहीं चाहते,’ उन्होंने कहा.
डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो सार्वजनिक रूप से हवाना में मौजूद कम्युनिस्ट शासन को बदलने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं, जिससे क्यूबा में संभावित अमेरिकी कदमों को लेकर आशंकाएं और बढ़ गई हैं. वहीं,क्यूबा में वेनेजुएला में हुए अमेरिकी ऑपरेशन के बाद तेल का संकट है. जनवरी के बाद से क्यूबा से देश के परिवहन और हवाई सेवाओं पर साफ दिख रहा है. वेनेजुएला ही क्यूबा का प्रमुख तेल सप्लायर रहा है.
ऐसे में ईंधन की कमी के कारण कई एयरलाइंस को द्वीप के लिए अपनी उड़ानों की संख्या कम करनी पड़ी है. पहले से ही आर्थिक संकट झेल रहे देश की स्थिति अब और ज्यादा कठिन हो गई है. मिडिल ईस्ट में हमलों के बाद क्यूबा में भी हमले की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई है; ऐसे में आने वाले समय में अमेरिकी कार्रवाई का अगला निशाना क्यूबा हो सकता है.
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ईरान युद्ध में प्रगति का दावा
कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर भी सकारात्मक आशा जताई. उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना अपने शानदार इजरायली साझेदारों के साथ मिलकर दुश्मन को पूरी तरह तबाह कर रही है और यह तय समय से काफी पहले हो रहा है. उनके मुताबिक, ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है.
उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास अब न तो प्रभावी वायुसेना बची है और न ही मजबूत वायु रक्षा प्रणाली. ट्रंप के अनुसार ईरान की नौसेना को भी बड़ा नुकसान हुआ है और अमेरिका ने ‘सिर्फ तीन दिनों में 24 जहाजों को खत्म कर दिया है.’ हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई है.
ईरान बातचीत को तैयार: ट्रंप
ट्रंप ने यह भी कहा कि अब ईरान के नेता युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत करना चाहते हैं. उन्होंने दावा किया कि ईरानी नेता उनसे संपर्क कर समझौते का रास्ता पूछ रहे हैं. ट्रंप के मुताबिक उन्होंने जवाब दिया कि आप थोड़े देर से आए हैं और अब हम उनसे ज्यादा लड़ना चाहते हैं. साथ ही उन्होंने ईरानी कूटनीतिज्ञों से अपने देश के राजनीतिक भविष्य को नया रूप देने में सहयोग करने की अपील भी की. हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर संघर्ष जारी रहा तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं.
तेल बाजार और आगे की रणनीति
ट्रंप ने कहा कि युद्ध के बावजूद वैश्विक तेल बाजार काफी हद तक स्थिर हो गया है. हालांकि उन्होंने माना कि इस संघर्ष के कारण अमेरिका को अपनी प्राथमिकताओं में कुछ समय के लिए बदलाव करना पड़ा. ट्रंप ने संकेत दिया कि ऊर्जा बाजार पर दबाव कम करने के लिए जल्द ही कुछ और कदमों की घोषणा की जा सकती है.
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फिलहाल व्हाइट हाउस का कहना है कि अमेरिका का मुख्य ध्यान ईरान के साथ जारी संघर्ष पर ही है. हालांकि ट्रंप के ताजा बयान से यह संकेत जरूर मिला है कि जैसे ही यह युद्ध खत्म होगा, अमेरिका की विदेश नीति का अगला बड़ा फोकस क्यूबा हो सकता है.
