डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ एक और बड़े सैन्य अभियान से पीछे हटते नजर आ रहे हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत अब भी अटकी हुई है. ऐसे में वॉशिंगटन सैन्य कार्रवाई के बजाय ईरान पर इकोनॉमिक प्रेशर बढ़ाने की कोशिश में लगा हुआ है. रविवार (9 अगस्त) को ‘Axios’ को दिए एक फोन इंटरव्यू में ट्रंप का रुख पहले के मुकाबले काफी नरम नजर आया. पिछले कई हफ्तों से ईरान के खिलाफ बड़े हमले की चेतावनी देने वाले ट्रंप ने इस बार संयमित रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि अमेरिका फिलहाल कम आक्रामक तरीके से आगे बढ़ रहा है और ईरान की बिगड़ती आर्थिक स्थिति पर नजर रख रहा है.
ट्रंप ने कहा, “हम इसे फिलहाल धीमे और सीमित तरीके से आगे बढ़ा रहे हैं. हम ईरान से केवल आधी-अधूरी बातचीत कर रहे हैं. हम बस ईरान पर नजर रख रहे हैं, जहां महंगाई बहुत ज्यादा है और उसके पास पैसे नहीं हैं.”
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ईरान पर आर्थिक और कूटनीतिक दबाव बढ़ाने का रास्ता चुना अमेरिका ने
डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक ईरान की आर्थिक हालत बेहद खराब है और उसके पास सैनिकों को वेतन देने तक के पैसे नहीं हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी ने तेहरान पर इकोनॉमिक प्रेशर और बढ़ा दिया है. ट्रंप ने बार-बार कहा है कि उनके खाड़ी सहयोगियों ने उन्हें ईरान के खिलाफ एक और बड़े सैन्य अभियान से बचने की सलाह दी. इसके बाद उन्होंने फिलहाल सैन्य कार्रवाई के बजाय ईरान पर आर्थिक और कूटनीतिक दबाव बढ़ाने का रास्ता चुना है.
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इस बार अमेरिका ने नहीं दी ईरान को धमकी
ट्रंप के बदले रुख का असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी दिखा है. ईरान ने शनिवार (8 अगस्त) को इस अहम समुद्री रास्ते से जहाजों की आवाजाही की अनुमति के लिए कुछ नई शर्तें रखीं. इसके बावजूद अमेरिका की प्रतिक्रिया इस बार काफी संयमित रही और उसने तुरंत किसी सैन्य कार्रवाई की धमकी नहीं दी.
