Tariff War: मेक्सिको ने निकाली डोनाल्ड ट्रंप की हेकड़ी, ‘टैरिफ वॉर’ महीने भर के लिए टला

Tariff War: मेक्सिको के विरोध के बाद अमेरिका के नये राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बैक फुट पर आना पड़ा. ट्रंप को ट्रैरिफ वार महीने भर के लिए टालना पड़ा है.

Tariff War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मेक्सिको पर लगाए गए टैरिफ को एक महीने के लिए रोक दिया है. मेक्सिको के राष्ट्रपति क्लॉउडिया शिनबाम ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया. ‘व्हाइट हाउस’ ने भी इसकी पुष्टि कर दी है. मालूम हो ट्रंप के टैरिफ लागू करने के फैसले के बाद मेक्सिको ने अमेरिका पर भी जवाबी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी.

मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए सैनिकों की तैनात करेगा मेक्सिको

मेक्सिको के राष्ट्रपति शिनबाम ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “मेक्सिको तुरंत 10000 सैनिकों की तैनाती के साथ उत्तरी सीमा को मजबूत करेगा, ताकि मेक्सिको से अमेरिका में फेंटेनाइल सहित मादक पदार्थों की तस्करी को रोका जा सके.”

अमेरिका भी हथियारों की तस्करी रोकने पर सहमत

अमेरिका भी मेक्सिको में शक्तिशाली हथियारों की तस्करी रोकने के लिए सहमति जताया है. मेक्सिको की राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देश सुरक्षा और व्यापार पर बातचीत जारी रखेंगे.

कनाडा और चीन को राहत नहीं

मेक्सिको को डोनाल्ड ट्रंप ने राहत दे दी है, लेकिन कनाडा और चीन के खिलाफ ट्रंप द्वारा घोषित शुल्क मंगलवार से लागू होने वाले हैं. ऐसे में वैश्विक व्यापार को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है कि क्या शुल्क एक व्यापक व्यापार युद्ध में बदल सकता है. कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने ट्रंप पर जवाबी कार्रवाई की थी. जिसमें कहा है, “उनका देश शराब और फलों सहित 155 अरब डॉलर तक के अमेरिकी आयात पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाएगा.”

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ट्रंप ने चीन, मेक्सिको और कनाडा पर टैरिफ लगाने का लिया था फैसला

डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से सभी आयात पर 10 प्रतिशत, मेक्सिको और कनाडा से आयात पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने के लिए आर्थिक आपातकाल की घोषणा की थी. कनाडा से आयातित ऊर्जा, जिसमें तेल, प्राकृतिक गैस और बिजली शामिल है, पर 10 प्रतिशत की दर से कर लगाए जाने का फैसला लिया था.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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