Trump Grabs PM Modi Wrist: फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात चर्चा का विषय बन गई है. प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप की यह पहली प्रत्यक्ष मुलाकात करीब 16 महीने बाद हुई. इससे पहले दोनों नेताओं की आमने-सामने बातचीत फरवरी 2025 में व्हाइट हाउस में हुई थी, जब ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत की थी. दोनों नेताओं का एक छोटा सा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे अन्य विश्व नेताओं के साथ फोटो सेशन के लिए जाते हुए दिखाई दे रहे हैं.
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही दोनों नेता एक छोटी सी सीढ़ी की ओर बढ़ते हैं, डोनाल्ड ट्रंप प्रधानमंत्री मोदी की कलाई पकड़ते हुए उनके साथ आगे बढ़ते नजर आते हैं. इसी वीडियो में फ्रेंच राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पत्नी भी आती हैं, वह ट्रंप के बगल में खड़ी होने की कोशिश करती हैं, लेकिन खड़े होने में मुश्किल होने की वजह से वह ट्रंप का हाथ पकड़ लेती हैं. इसी के बाद फ्रेंच प्रेसिडेंट कहते हैं, रेडी एवरीबड़ी यानी क्या सभी तैयार हैं. इस पर पीएम मोदी बोल- वी आर आलवेज रेडी यानी हम हमेशा तैयार रहते हैं. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. देखें-
जी7 शिखर सम्मेलन में हाथ मिलाने के बाद दोनों नेताओं- पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप को कुछ देर बातचीत करते भी देखा गया. यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब भारत और अमेरिका के संबंध कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के दौर से गुजर रहे हैं.
हाल के महीनों में कई मुद्दों पर बढ़ी थी चुनौती
नई दिल्ली और वॉशिंगटन के संबंधों को हाल के महीनों में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. ट्रंप प्रशासन ने भारतीय प्रोडक्ट्स पर काउंटर टैरिफ लगाए थे. इसके अलावा ओमान तट के पास एक व्यापारी जहाज पर अमेरिकी कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भी दोनों देशों के संबंधों पर सवाल उठे थे. हालांकि इन चुनौतियों के बावजूद नई दिल्ली और वॉशिंगटन लगातार संवाद और सहयोग बढ़ाने की दिशा में प्रयासरत हैं.
भारत दौरे पर मार्को रुबियो ने दिया था ट्रंप का संदेश
दोनों देशों के बीच बढ़ते संपर्क का संकेत पिछले महीने उस समय भी मिला था, जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत दौरे पर आए थे. इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को निकट भविष्य में व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण दिया था. मार्को रुबियो ने भारत को अमेरिका की इंडो-पैसिफिक रणनीति का ‘आधार स्तंभ’ बताते हुए दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया था.
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जी7 मंच से मोदी ने उठाया समुद्री सुरक्षा का मुद्दा
जी7 शिखर सम्मेलन में मोदी और ट्रंप की मुलाकात को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है जब व्यापार, रणनीतिक सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है. जी7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने समुद्री व्यापार मार्गों और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. ‘नई साझेदारियां और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का पुनर्निर्माण’ विषय पर आयोजित सत्र में उन्होंने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता व्यक्त की.
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हम पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं. इस संघर्ष के कारण क्षेत्र के मित्र देशों में जान-माल का नुकसान हुआ है.’ उन्होंने आगे कहा कि समुद्री व्यापार में आई बाधाओं का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है. साथ ही कई भारतीय नागरिकों ने भी अपनी जान गंवाई है.
मोदी ने कहा, ‘वैश्विक समुद्री व्यापार के जरिए देशों को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है. हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें और नाविक बिना किसी भय के अपना कर्तव्य निभा सकें.’
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ओमान की खाड़ी में तीन भारतीय नाविकों की हुई थी मौत
प्रधानमंत्री का यह बयान उस घटना के कुछ दिनों बाद आया है जिसमें ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, अमेरिकी बलों ने 8 जून को ‘मारिवेक्स’, 9 जून को ‘सेटेबेलो’ और 11 जून को ‘जलवीर’ नामक जहाजों के खिलाफ अभियान चलाया था. अमेरिका का आरोप था कि ये जहाज ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों और नाकेबंदी का उल्लंघन करने की कोशिश कर रहे थे.
