ट्रंप का ऐलान-ईरान के साथ सीजफायर डील खत्म, वे घटिया लोग हैं; उनसे बातचीत करना समय की बर्बादी थी

Trump on Ceasefire: पश्चिम एशिया में शांति के लिए अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून को डील हुई थी, लेकिन इस समझौते के एक महीना पूरे होने से पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसके समाप्त होने की घोषणा कर दी है. ट्रंप की इस घोषणा के साथ ही विश्व के प्रमुख समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट पर एक बार फिर खतरा मंडराने लगा है.

Trump on Ceasefire : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह घोषणा कर दी है कि ईरान के साथ सीजफायर डील खत्म हो गई है. ट्रंप ने तुर्की के अंकारा में NATO समिट 2026 में यह बयान दिया है. ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत करना समय की बर्बादी थी.

अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद ट्रंप ने दिया यह बयान


अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान मंगलवार देर रात अमेरिका के ईरान पर नए हमले करने के बाद आया है. इस हमले के बाद से पूरे पश्चिम एशिया में तनाव फिर से बढ़ गया है. अमेरिकी हमले के जवाब में, ईरान ने बहरीन, कुवैत और दूसरे खाड़ी देशों में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर नए हमले किए. ट्रंप ने सीजफायर खत्म होने की बात NATO चीफ मार्क रूट के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही. उनसे एक पत्रकार ने पूछा था कि क्या सीजफायर खत्म हो गया है, जिसके जवाब में ट्रंप ने लाइव ब्रॉडकास्ट में कहा कि मेरे लिए, मुझे लगता है कि यह खत्म हो गया है. मैं ईरानियों से डील नहीं करना चाहता. वे घटिया लोग हैं, वे बीमार लोग हैं. उन्हें बीमार लोग लीड कर रहे हैं और वे खतरनाक, हिंसक लोग हैं.

अमेरिका ने ईरान पर जोरदार हमला क्यों किया?

ट्रंप ने कहा कि हमने कल रात ईरान पर खतरनाक और जोरदार हमला किया है. हमने उन्हें समय दिया कि जाओ और अपना अंतिम संस्कार करो,लेकिन इसके बजाय, उन्होंने कल जहाजों पर रॉकेट दागना शुरू कर दिया. इसी वजह से हमने कल रात उन्हें बहुत जोरदार तरीके से मारा है.ट्रंप ने खामेनेई के अंतिम संस्कार को इस मुद्दे से जोड़ा, उनका छह दिवसीय अंतिम संस्कार का कार्यक्रम अभी जारी है. 9 जुलाई को उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. अमेरिका के अनुसार ईरान पर उनका हमला बदले की कार्रवाई थी, क्योंकि ईरान ने कथित तौर पर स्ट्रेट से गुजर रहे तीन कमर्शियल जहाजों - मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले M/T अल रेकयात, सऊदी अरब के झंडे वाले M/T वेडियन, और लाइबेरिया के झंडे वाले M/T साइप्रस प्रॉस्पेरिटी - को निशाना बनाया था.

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By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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