अमेरिका के सबसे प्रभावशाली उपराष्ट्रपति का निधन, माने जाते थे ईराक युद्ध के मास्टरमाइंड, ट्रंप को बताया था ‘खतरा’

Dick Cheney: अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति डिक चेनी का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया. वे अमेरिका के इतिहास के सबसे शक्तिशाली उपराष्ट्रपति माने जाते थे. उन्होंने ही अमेरिका में हुए 9/11 हमले के बाद ईराक पर चढ़ाई करने की योजना बनाई थी. वे डोनाल्ड ट्रंप के सबसे बड़े आलोचकों में से थे.

Dick Cheney: अमेरिका के सख्त रूढ़िवादी और सबसे प्रभावशाली उपराष्ट्रपतियों में शुमार डिक चेनी का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया. वह लंबे समय से निमोनिया और दिल व रक्त संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे. उनके परिवार ने एक बयान में बताया कि सोमवार रात उन्होंने अंतिम सांस ली. बयान में कहा गया, “दशकों तक डिक चेनी ने देश की सेवा की. उन्होंने व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ, वायोमिंग से कांग्रेस सदस्य, रक्षा मंत्री और उपराष्ट्रपति के रूप में कार्य किया. वह एक महान और उदार व्यक्ति थे जिन्होंने अपने बच्चों को देशभक्ति और सेवा की भावना सिखाई.”

शांत स्वभाव के बावजूद बेहद प्रभावशाली माने जाने वाले चेनी ने दो अमेरिकी राष्ट्रपतियों जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश और उनके बेटे जॉर्ज डब्ल्यू. बुश दोनों के साथ काम किया. उन्होंने खाड़ी युद्ध के दौरान रक्षा मंत्री के रूप में अमेरिकी सेना का नेतृत्व किया. बाद में बुश जूनियर के कार्यकाल में उपराष्ट्रपति बने. चेनी ने ही अमेरिका पर सितंबर 2001 के हमले के बाद ईराक युद्ध की योजना बनाई और वह 2003 में इराक पर अमेरिकी हमले के प्रमुख समर्थक रहे और उनकी नीतियों ने अमेरिकी विदेश नीति की दिशा तय की. हालांकि इराक युद्ध से जुड़ी कई बातें गलत साबित हुईं, लेकिन चेनी ने कभी अपनी सोच को गलत नहीं माना.

ट्रंप के सबसे बड़े आलोचक रहे

राष्ट्रपति पद से हटने के कुछ साल बाद चेनी उस समय विवादों में आए जब पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें और उनकी बेटी लिज चेनी को निशाने पर लिया. लिज ने ट्रंप के 2020 चुनाव हारने के बाद भी सत्ता में बने रहने के प्रयासों और 6 जनवरी, 2021 को अमेरिकी संसद पर हुए हमले की खुलकर आलोचना की थी. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चेनी ने कहा था, “हमारे देश के 246 साल के इतिहास में डोनाल्ड ट्रंप से बड़ा खतरा हमारे गणराज्य के लिए कोई और व्यक्ति नहीं रहा.”

कैसा रहा चेनी का सफर?

डिक चेनी का राजनीतिक सफर 1968 में कांग्रेसनल फेलो बनने से शुरू हुआ. 34 वर्ष की उम्र में उन्हें राष्ट्रपति गेराल्ड फोर्ड का चीफ ऑफ स्टाफ बनाया गया, जिससे वह इस पद पर नियुक्त होने वाले सबसे युवा व्यक्ति बने. 1989 में राष्ट्रपति जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश ने उन्हें रक्षा मंत्री नियुक्त किया और 1990-91 के खाड़ी युद्ध के दौरान उन्होंने इराकी सेना को कुवैत से बाहर निकालने का नेतृत्व किया. लिंकन, नेब्रास्का में जन्मे चेनी के पिता कृषि विभाग में कार्यरत थे. उन्होंने 1964 में अपनी स्कूल के दिनों की मित्र लिन ऐन विंसेंट से विवाह किया. उनके परिवार में पत्नी लिन और बेटियां लिज व मैरी हैं.

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लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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