बेकहम बने ‘सर डेविड बेकहम’, किंग चार्ल्स ने नाइटहुड से किया सम्मानित, घुटने पर बैठकर स्वीकारा

David Beckham knighted with Sir: खेल जगत में वर्षों की मेहनत, अद्भुत सामाजिक योगदान योगदान और ढेर सारे चैरिटेबल कार्यों की मान्यता के रूप में इंग्लैंड के फुटबॉल स्टार डेविड बेकहम को किंग चार्ल्स तृतीय ने सर की उपाधि से सम्मानित किया.

David Beckham knighted with Sir: फुटबॉल की दुनिया के लीजेंड डेविड बेकहम को आखिरकार नाइटहुड मिल ही गया. किंग चार्ल्स III ने विंडसर कैसल में औपचारिक रूप से सर की उपाधि से सम्मानित किया. इसे उन्होंने अपने पेशेवर जीवन का सबसे गर्व भरा लम्हा बताया. यह सम्मान खेल जगत में वर्षों की मेहनत, उनके अद्भुत सामाजिक योगदान योगदान और ढेर सारे चैरिटेबल कार्यों की मान्यता के रूप में दिया गया है. हालांकि उनका यह नाइटहुड का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा. 2017 में लीक हुए कुछ ईमेल्स में बेकहम ने ऑनर्स कमिटी के प्रति नाराजगी जताई थी, जिसके कारण उनके सम्मान में देरी हुई थी. लेकिन विवादों से भरी बेकहम की विरासत एक खेल आइकन और ब्रिटिश समाज में प्रभावशाली हस्ती के रूप में अब और भी मजबूत हो गई है.

पूर्व इंग्लैंड फुटबॉल कप्तान डेविड बेकहम को मंगलवार, 4 नवंबर 2025 को विंडसर कैसल में आयोजित एक समारोह में किंग चार्ल्स III ने नाइटहुड की उपाधि से सम्मानित किया. समारोह के दौरान डेविड बेकहम बेहद भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि यह सम्मान न केवल उनके लिए, बल्कि उनके पूरे परिवार के लिए बहुत मायने रखता है. मजाकिया लहजे में उन्होंने कहा कि अब उनके बच्चे उन्हें “सर डैड” बुला सकते हैं.

50 वर्षीय फुटबॉल आइकन ने इंग्लैंड के लिए 115 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और छह वर्षों तक टीम की कप्तानी की. 2013 में उन्होंने खेल से संन्यास लिया और उसके बाद से वे अपने चैरिटेबल कार्यों में व्यस्त रहे हैं. वह लंबे समय से यूनीसेफ गुडविल एंबेसडर हैं और “7 फंड” के संस्थापक हैं, जो जरूरतमंद बच्चों की मदद के लिए काम करता है. इसके अलावा वे द किंग्स फाउंडेशन के एंबेसडर भी हैं और ब्रिटिश समाज तथा युवाओं की शिक्षा से जुड़े कई अभियानों का हिस्सा हैं.

एक फुटबॉलर से ग्लोबल ब्रांड बनने तक

डेविड बेकहम की नाइटहुड उनके उस परिवर्तन की भी कहानी है जिसमें वे सिर्फ एक फुटबॉलर से आगे बढ़कर एक ग्लोबल ब्रांड और सांस्कृतिक प्रतीक बन गए. बेकहम कभी मेसी की तरह सबसे चमकदार खिलाड़ी नहीं थे और न ही रोनाल्डो की तरह आक्रामक, लेकिन उनकी सटीकता खासकर फ्री किक और क्रॉसिंग ने उन्हें एक लीजेंड बना दिया. 

गोल्डनबॉल्स और मैनचेस्टर यूनाइटेड का गौरवशाली अध्याय

ईस्ट लंदन के लेटनस्टोन में एक साधारण परिवार में जन्मे बेकहम ने मैनचेस्टर यूनाइटेड की मशहूर क्लास ऑफ 92 से करियर की शुरुआत की. उनकी मेहनत और सेट पीस पर कमाल की पकड़ ने उन्हें यूनाइटेड की ट्रेबल-विनिंग टीम (1998-99) का अहम हिस्सा बना दिया, जिसने प्रीमियर लीग, एफए कप और यूईएफए चैंपियंस लीग तीनों ट्रॉफियां जीतीं. बेकहम ने रियल मैड्रिड, पेरिस सेंट जर्मन और एलए गैलेक्सी के लिए खेल दिखाया है. इन सबके साथ उन्होंने ट्रॉफियां जीती है.  

उनका उपनाम ही गोल्डनबॉल्स रखा गया था, जो उनके गेमिंग स्किल्स का प्रतीक था. यह नाम उनकी पत्नी ने 2008 में उनके लिए इस्तेमाल किया था, जिसे इस सम्मान समारोह में बड़े मजाकिया अंदाज में इस्तेमाल किया गया. इसने उनके ब्रांड वैल्यू को भी खूब बड़ा किया. सोशल मीडिया युग आने से पहले ही बेकहम ने यह दिखा दिया था कि एक खिलाड़ी सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि फैशन, परफ्यूम, विज्ञापन और सामाजिक अभियानों के ज़रिए भी दुनिया को प्रभावित कर सकता है. उन्होंने अपनी पत्नी के नाम पर परफ्यूम लांच किया था, जो काफी लोकप्रिय है. उनके हेयरस्टाइल और टैटू भी उनके स्टाइल में चार चांद लगाते हैं. 

स्टाइल के ब्रिटिश राजा भी हुए थे फैन

इस साल की शुरुआत में उन्हें किंग चार्ल्स के बर्थडे ऑनर्स लिस्ट में शामिल किया गया था, जहां बेकहम ने समारोह में ग्रे मॉर्निंग सूट में अपनी पत्नी विक्टोरिया बेकहम के साथ शिरकत की. बेकहम ने बताया कि यह सूट किंग चार्ल्स की युवावस्था की स्टाइल से प्रेरित था, जिसे देखकर राजा भी प्रभावित हुए. अब विक्टोरिया को लेडी बेकहम कहा जाएगा. उन्होंने ही इस परंपरागत ब्रिटिश आकर्षण से भरे पहनावे को तैयार किया था. उन्होंने बताया कि इसकी तारीफ खुद राजा चार्ल्स ने की.

उनके स्टाइल पर एक फिल्म भी बनी. 2002 में बेंड इट लाइक बेकहम नाम की पंजाबी फिल्म आई थी, जिसमें कॉमेडी और फुटबॉल की भरमार थी. यह सिर्फ एक फिल्म का नाम नहीं, बल्कि उनकी खेल कला का प्रतीक भी था. उन्होंने न केवल फैन्स का दिल अपने खेल से खुश किया बल्कि भावी खिलाड़ियों को भी प्रेरित किया.

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