COVID-19 के खौफ में भी नहीं गया शाही अंदाज, जनता की फिक्र छोड़ 20 औरतों संग 'आइसोलेट' हुए थाईलैंड के राजा

कोरोनावायरस के कहर से पूरी दुनिया में खौफ की लहर है. इस घातक वायरस के कारण स्पेन की राजकुमारी की मौत हो गयी तो वहीं ब्रिटेन के राजकुमार और रानी चपेट में हैं. ऐसे माहौल में भी एक देश के राजा का शाही अंदाज नहीं गया है. इस वायरस के संक्रमण से बचने के लिए उसने जो तरीका अपनाया उस पर पूरी दुनिया रियेक्ट कर रही है.

कोरोनावायरस के कहर से पूरी दुनिया में खौफ की लहर है. इस घातक वायरस के कारण स्पेन की राजकुमारी की मौत हो गयी तो वहीं ब्रिटेन के राजकुमार और रानी चपेट में हैं. ऐसे माहौल में भी एक देश के राजा का शाही अंदाज नहीं गया है. इस वायरस के संक्रमण से बचने के लिए उसने जो तरीका अपनाया उस पर पूरी दुनिया रियेक्ट कर रही है. हम बात कर रहे हैं थाईलैंड के राजा की. वे दक्षिणी जर्मनी के शानदार और भव्य होटल में 20 औरतों और नौकर के साथ आइसोलेट हैं. थाईलैंड के राजा महा वजीरालोंगकोरन, जिन्हें रामा ‘दशम’ के नाम से भी जाना जाता है, ने अपने हरम ( वो 20 औरतें जिन्हें पत्नी के अधिकार नहीं होते) के साथ सेल्फ आइसोलेशन में जाने के लिए बवेरिया का पूरा शानदार होटल सोनेनबिचल बुक किया है. जर्मन टैब्लॉयड की रिपोर्ट के अनुसार 67 साल के थाई राजा ने स्थानीय जिला प्रशासन की आज्ञा लेने के बाद इस पूरे होटल को बुक कर लिया है.

बता दें, राजा महा वजीरालोंगकोरन की उम्र 67 साल है. राजा महा साल 2016 में अपने पिता की मौत के बाद गद्दी पर बैठे हैं. राजा की तीन पत्नियां थी, जिनसे उनके 7 बच्चे हैं. हालांकि उनकी तीनों पत्नियों से उनका तलाक हो चुका है इसके बाद उन्होंने चौथी शादी अपनी सिक्यॉरिटी कमांडर से की थी. अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि थाई राजा की चौथी पत्नी उनके साथ इस आइसोलेशन में हैं या नहीं. हालांकि थाई राजा ने कोरोना संक्रमण के डर से उनके साथ मौजूद शाही दल के 119 सदस्यों को वापस थाइलैंड भेज दिया है.

कोरोना महामारी के समय राजा के थाइलैंड छोड़कर जर्मनी भाग जाने के बाद से उनके देश के लोगों में नाराजगी है. बता दें कि थाइलैंड में राजा की आलोचना करने पर वहां 15 साल तक के लिए जेल हो सकती है फिर भी लोग सोशल मीडिया पर राजा की आलोचना कर रहे हैं. जिसकी वजह से थाईलैंड में ‘हमें राजा की क्या जरूरत’ ‘ट्रेंड कर रहा है. कोरोना वायरस के कहर को देखते हुए इस इलाके में होटलों और गेस्‍ट हाउस को बंद करने का आदेश दिया गया है. हालांकि डिस्ट्रिक काउंसिल ने कहा है कि चूंकि गेस्‍ट सिंगल हैं और एक ही समूह है, इसलिए उन्‍हें अनुमति दी गई है.

जनता की फिक्र नहीं

राजा महा ऐसे समय पर अपनी जनता को छोड़कर गए हैं जब पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है. थाइलैंड में कोरोना वायरस से संक्रमण के 1245 मामले सामने आए हैं. फ्रांस में निर्वासन में रह रहे मानवाधिकार कार्यकर्ता सोमसाक जेअमातीरसकुल ने फेसबुक पर लिखा कि अपनी ‘बोरियत’ मिटाने के लिए राजा महा पहले स्विटरजरलैंड गए और जर्मनी घूम रहे हैं. थाइलैंड के राजा फरवरी से अपने देश से बाहर हैं.

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By Utpal Kant

Utpal Kant is a contributor at Prabhat Khabar.

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