'एक तो कोरोना, दूसरा पैसे का संकट', अब क्या करेंगे पाकिस्तानी पीएम इमरान खान

Coronavirus: अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए पाकिस्तान को दिये जाने वाले कुल 6 अरब डॉलर के कर्ज की तीसरी किस्त जारी करने में विलम्ब कर सकता है.

इस्लामाबाद : अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए पाकिस्तान को दिये जाने वाले कुल 6 अरब डॉलर के कर्ज की तीसरी किस्त जारी करने में विलम्ब कर सकता है. पाकिस्तान को यह कर्ज आईएमएफ की विस्तारित कोष सुविधा (ईईएफ) के तहत दिया जा रहा है. इसके तहत कर्ज तब मिलता है जब संरचनात्मक बाधाओं के कारण किसी देश में भुगतान संतुलन की समस्या उत्पन्न होती है.

नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को 45.4 करोड़ डॉलर की दूसरी किस्त पिछले साल दिसंबर में मिली थी. अखबर द न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार 45 करोड़ डॉलर की तीसरी किस्त जारी होने में देरी का कारण संभवत: कोरोना वायरस महामारी के कारण वृहत आर्थिक मोर्चे पर नयी वास्तविकताओं का सामने आाना है. इसमें कहा गया है कि मौजूदा व्यवस्था के तहत ईईएफ के अंतर्गत 6 अरब डॉलर के कर्ज की तीसरी किस्त की मंजूरी में कुछ समय की देरी हो सकती है क्योंकि सभी वृहत आर्थिक लक्ष्यों में चूक है. इससे वृहत आर्थिक लक्ष्यों को फिर से निर्धारित करने की जरूरत है.

आईएमएफ ने पिछले साल जुलाई में पाकिस्तान को तीन साल में 6 अरब डॉलर की सहायता देने को मंजूरी दी थी. इसका मकसद बस इतना था कि देश की नाजुक अर्थव्यवस्था को सतत वृद्धि के रास्ते पर और लोगों के जीवन स्तर में सुधार आये. सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि दो संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है. पहला, 2020-21 के बजट के बाद दूसरी समीक्षा पूरी होने के बाद राशि दी जा सकती है. इसके अलावा ईएफएफ की दूसरी और तीसरी समीक्षा को एक साथ कर तीसरी तथा चौथी किस्त एक साथ जुलाई में दे दी जाए. आईएमएफ की अगली समीक्षा बैठक अप्रैल के आखिर या मई की शुरूआत में हो सकती है.

हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आईएमएफ ने पाकिस्तान के कोरोना वायरस की रोकथाम के लिये त्वरित वित्त उत्पाद (आरएफआई) के तहत 1.4 अरब डॉलर के उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है. रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में कोरोना वायरस के 2,880 मामले सामने आये हैं जबकि 45 लोगों की मौत हुई है.

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Author: Amitabh Kumar

Published by: Prabhat Khabar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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