Chinese New Year 2023: चीन में धूमधाम से मनाया जाता है नये साल का जश्न, अनोखी है यहां की परंपरा

चीन में नये साल का जश्न एक-दो दिन नहीं बल्कि पूरे दो हफ्ते तक मनाया जाता है. इस दौरान यहां के कर्मचारियों को एक सप्ताह की छुट्टी भी दी जाती है. नये साल का जश्न चीनी समुदाय के लोग बेहद खास अंदाज में मनाते हैं.

चीन इस समय कोरोना की चपेट में है. हजारों की संख्या में लोग रोजाना कोरोना से मर रहे हैं, तो लाखों की संख्या में संक्रमित हो रहे हैं. कोरोना खतरे के बीच आज चीन में नये साल का जश्न मनाया जा रहा है.

22 जनवरी को धूमधाम से चीन में मनाया जाता है नये साल का जश्न

मालूम हो 22 जनवरी को हर साल चीन में नये साल का जश्न धूमधाम के साथ मनाया जाता है. इस दिन को दुनियाभर में मौजूद चीन के लोग खास अंदाज में सेलिब्रेट करते हैं.

दो हफ्तों तक मनाया जाता है चीन में नये साल का जश्न

चीन में नये साल का जश्न एक-दो दिन नहीं बल्कि पूरे दो हफ्ते तक मनाया जाता है. इस दौरान यहां के कर्मचारियों को एक सप्ताह की छुट्टी भी दी जाती है. नये साल का जश्न चीनी समुदाय के लोग बेहद खास अंदाज में मनाते हैं.

नये साल के जश्न में शामिल है घरों की साफ-सफाई

चीन के लोग नये साल के जश्न के मौके पर अपने घरों को अच्छी तरह से साफ-सफाई करते हैं. इस दौरान वे अपने पुराने सामान को फेंक देते हैं, इसके पीछे उनका मानना है कि इससे पुराने सामान के साथ बुरी किस्मत भी चली जाती है.

घरों के बाहर लालटेन और फू लटकाने की है परंपरा

नये साल के जश्न में चीन के लिए अपने घरों के बाहर लालटेन और फू जरूर लटकाते हैं. इसके पीछे भी उनके कई तर्क शामिल हैं. उनका ऐसा मानना है कि फू लटकाने से उनके घर में सुख-समृद्धि आती है. फू का अर्थ सौभाग्य बताया जाता है.

नये साल में चीनी लोग बताते हैं खास भोजन

चीनी लोग खाने के शौकीन माने जाते हैं. वहां के लोग फास्ट फूड अधिक खाना पसंद करते हैं. लेकिन नये साल के जश्न के मौके पर उनके खाने में और भी कई डिश शामिल हो जाते हैं. नये साल के मौके पर चीन के लोग अपने खाने में मछली, नूडल्स, सब्जियां, चावल और अलग-अलग तरीके के मीट भी शामिल होते हैं.

बच्चों को लिफाफे बांटने की है परंपरा

चीन में नये साल में बच्चों को लिफाफे बांटने की परंपरा होती है. चीनी लोग बच्चों को लाल और गोल्डन रंग के लिफाफे बांटते हैं. लिफाफे में बच्चों को पैसे दिये जाते हैं. पुरानी मान्यता के अनुसार लिफाफे में 8 सिक्के डाले जाते हैं, जिससे सुई नाम के दानव से उनकी रक्षा होती है.

सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा Chinese New Year

सोशल मीडिया पर इस समय तेजी से Chinese New Year ट्रेंड कर रहा है. इस हैस टैग के साथ लोग ट्विटर पर एक-दूसरे को बधाई संदेश भेज रहे हैं. सोशल मीडिया पर कई तरह के डिश भी शेयर किये जा रहे हैं.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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