Nepal Flood: कुदरत का करिश्मा...11वें दिन सुरंग से जिंदा निकला चीनी नागरिक, मलबे के बीच ऐसे बची जिंदगी

नेपाल में बाढ़ और तबाही के बीच एक चमत्कार हुआ है. 11 दिनों तक सुरंग में फंसे एक चीनी नागरिक को जिंदा बाहर निकाला गया. रेस्क्यू टीम की कड़ी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बचाया गया.

नेपाल में भीषण बाढ़ और तबाही मची है. ऐसे में एक राहत भरी खबर सामने आई है. 11 दिनों तक सुरंग में फंसे एक चीनी नागरिक को आखिरकार जिंदा बाहर निकाल लिया गया है. उसे अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से सुरक्षित निकाला गया. लंबे समय तक मलबे और मुश्किल हालात के बीच फंसे रहने के बाद उसका जिंदा निकलना एक बड़ी राहत की बात है.

11 दिन बाद मिली जिंदगी की खबर

कई दिनों तक रास्ता साफ न होने से उसके सुरक्षित होने की चिंता बढ़ रही थी. लेकिन रेस्क्यू टीम की लगातार कोशिशों के बाद आखिरकार सुरंग तक पहुंच बनाई गई. चीनी नागरिक को बाहर निकालने में सफलता मिली. 11 दिन तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद उसका बाहर आना एक बड़ी राहत और उम्मीद की तस्वीर है.

नेपाल में बाढ़-भूस्खलन से मची भारी तबाही

नेपाल में हालिया बाढ़ और भूस्खलन ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है. जगह-जगह मलबा, पानी और कीचड़ जमा हो गया है. इससे राहत और बचाव अभियानों में मुश्किलें आ रही हैं. कई इलाकों का संपर्क भी कट गया है.

रेस्क्यू ऑपरेशन ने जगाई उम्मीद

सुरंग से चीनी नागरिक को जिंदा निकालने की खबर ऐसे समय आई है, जब नेपाल में बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चल रहा है. 11 दिनों बाद मिली यह कामयाबी बताती है कि मलबे और तबाही के बीच भी जिंदगी की उम्मीद बाकी रहती है.

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लेखक के बारे में

By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

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