सीजफायर की अवधि बढ़ी, कुछ ही घंटे बाद होर्मुज स्ट्रेट पार कर रहे 2 जहाजों पर ईरान ने किया हमला

Iran attacks two Ships : मिडिल ईस्ट में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव बना हुआ है. सीजफायर की अवधि बढ़ाए जाने के बाद भी अमेरिका ने यहां नाकेबंदी जारी रखी है, जिसकी वजह से ईरान नाराज है और इसे युद्ध जारी रखने के समान मान रहा है.

Iran attacks two Ships : अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा सीजफायर की अवधि को बढ़ाए जाने के बाद भी ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट क्राॅस कर रहे, दो कार्गो जहाजों पर गोलीबारी की और उन्हें जब्त कर लिया है. ईरान की नेवी ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट में दो कार्गो जहाजों को ज़ब्त कर लिया है और उन्हें ईरान के तट पर ले गई है. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति यह उम्मीद कर रहे हैं कि बातचीत की संभावना बनी हुई है, जिसकी वजह से सीजफायर अभी जारी रहेगा.

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने सोशल मीडिया पोस्ट किया

IRGC के नेवल कमांड ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है कि ज़ब्त किए गए दोनों जहाज़ों – एपामिनोड्स और फ्रांसेस्का – ने ज़रूरी परमिट के बिना ऑपरेट करके समुद्री सुरक्षा को खतरे में डाला था. उन्होंने ईरानी सेना की चेतावनियों को भी नजरअंदाज किया, जिसके बाद इनपर गोलीबारी की गई और उन्हें जब्त कर ईरान की तट पर ले जाया गया है.

जहाजों के डॉक्यूमेंट्स की हो रही है जांच

ईरानी सरकारी टेलीविज़न के अनुसार दोनों जहाजों के कार्गो और डॉक्यूमेंट्स की जांच की जाएगी.उसके बाद ही यह तय किया जाएगा कि उन जहाजों का क्या होगा. ईरान ने सीजफायर की अवधि बढ़ाए जाने के कुछ घंटे बाद ही होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे जहाजों पर हमला किया है. ट्रंप ने सीजफायर की अवधि बढ़ाने की तो घोषणा की, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के पोर्ट्स पर अमेरिका की नाकाबंदी जारी रहेगी. अमेरिका का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी की वजह से इस्लामिक रिपब्लिक फाइनेंशियली टूट रहा है.

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Published by: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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