BTS ने 2027 Grammy से बनाई दूरी: ‘Asian Pop’ की नई कैटेगरी पर क्यों उठे सवाल?

क्या एशिया के संगीत को सिर्फ एक कैटेगरी में समेटा जा सकता है? क्या K-pop, J-pop, C-pop और भारत समेत दक्षिण एशिया की अलग-अलग संगीत परंपराओं को एक ही नाम से समझना सही है? 2027 Grammy Awards को लेकर BTS के एक फैसले ने इन सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है.

K-pop सुपरग्रुप BTS ने घोषणा की है कि वे 2027 के ग्रैमी अवॉर्ड्स के लिए अपना music नहीं भेजेंगे.

समूह के सातों सदस्यों ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि वे चाहते हैं कि संगीत को उसकी भाषा या क्षेत्र के आधार पर बांटने के बजाय उसके संगीत के लिए सुना और पसंद किया जाए.

मामला सिर्फ BTS का Grammy से दूर रहने का नहीं है.

इसके पीछे Grammy Awards में 2027 से जोड़ी गई एक नई कैटेगरी ‘Best Asian Pop Music Performance’ को लेकर बहस है.

Grammy की नई कैटेगरी क्या कहती है?

Grammy के नियमों के मुताबिक Asian pop को एक ऐसे लोकप्रिय संगीत के रूप में परिभाषित किया गया है, जिसकी अपनी अलग और वैश्विक पहचान है.

इस कैटेगरी में ऐसे संगीत को जगह देने की बात कही गई है, जिसमें एक या उससे अधिक एशियाई भाषाओं का महत्वपूर्ण इस्तेमाल हो.

नियमों में K-pop, J-pop और C-pop को इसके उदाहरण के तौर पर रखा गया है.

यहीं से बहस शुरू होती है.

क्योंकि एशिया सिर्फ इन तीन संगीत शैलियों तक सीमित नहीं है.

एशिया में भारत का फिल्म संगीत और स्वतंत्र संगीत, दक्षिण कोरिया का K-pop, जापान के अलग-अलग पॉप और रॉक प्रयोग, चीन के कई भाषाई संगीत रूप, दक्षिण-पूर्व एशिया का पॉप, हिप-हॉप और लोक प्रभाव- सबकी अपनी अलग पहचान है.

तो फिर सवाल है- ‘Asian pop’ आखिर है क्या?

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K-pop को समझने के लिए ‘Idol’ सिस्टम समझना जरूरी

नई Grammy कैटेगरी में integrated approach यानी संगीत, प्रदर्शन और प्रस्तुति को एक साथ देखने की बात कही गई है. इसे समझने के लिए एशिया के idol culture को समझना जरूरी है.

Idol व्यवस्था की शुरुआत युद्ध के बाद के जापान में हुई. इसमें कलाकारों को कम उम्र से ही गायन, नृत्य, अभिनय, भाषा और सार्वजनिक प्रदर्शन जैसी चीजों की ट्रेनिंग दी जाती है.

अक्सर एक ही एजेंसी कलाकार की ट्रेनिंग, संगीत, मार्केटिंग, कार्यक्रम और सार्वजनिक छवि तक संभालती है.

दक्षिण कोरिया में यही मॉडल K-pop की वैश्विक सफलता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना.

लेकिन समस्या यह है कि Asian pop को केवल idol production के चश्मे से देखना एशिया के संगीत की पूरी तस्वीर नहीं दिखाता.

जापान में ऐसे कई बड़े कलाकार हैं जो idol system का हिस्सा नहीं हैं. उदाहरण के लिए singer-songwriter Kenshi Yonezu को संभावित दावेदारों में देखा जा रहा है, लेकिन उनका संगीत पारंपरिक idol production से काफी अलग है.

इसी तरह C-pop भी एक एकल शैली नहीं है. चीन और उसके आसपास अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रों में पॉप संगीत की अपनी विविध परंपराएं हैं.

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सवाल सिर्फ Grammy का नहीं, ‘Asia’ को देखने के तरीके का है

इस विवाद की एक दिलचस्प परत यह भी है कि Grammy Awards अमेरिका में दिए जाते हैं. इसलिए Asian Pop की परिभाषा में एशियाई मूल के अमेरिकी समुदायों की पहचान का सवाल भी जुड़ सकता है.

BTS पहले भी अमेरिका में Asian communities के खिलाफ नस्लीय हिंसा और hate crimes के मुद्दे पर अपनी एकजुटता जाहिर कर चुका है.

लेकिन आलोचना करने वालों का कहना है कि समस्या यह है कि अमेरिका की एक संगीत संस्था पूरे एशिया के लोकप्रिय संगीत की परिभाषा तय कर रही है.

यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एशिया का संगीत पश्चिमी बाजार के हिसाब से ही नहीं चलता.

जापान और चीन दुनिया के सबसे बड़े संगीत बाजारों में शामिल हैं. एशियाई देशों के बीच लंबे समय से कलाकारों, संगीत शैलियों और लोकप्रिय संस्कृति का आदान-प्रदान होता रहा है.

सांस्कृतिक अध्ययन के विद्वान Koichi Iwabuchi ने इसे inter-Asian referencing की अवधारणा से समझाया है. इसका मतलब है कि एशियाई लोकप्रिय संस्कृति सिर्फ पश्चिम से प्रभावित होकर विकसित नहीं होती, एशिया के देश भी एक-दूसरे से सीखते और प्रभावित होते हैं.

‘Asian State of Mind’: जब एशिया ने अपनी आवाज खुद तय की

इसका एक अच्छा उदाहरण जापानी संगीतकार Awich का अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट ASIAN STATE OF MIND है.

इसमें कोरिया, चीन, भारत और कंबोडिया के कलाकारों ने साथ काम किया. अलग-अलग कलाकारों ने अपने संगीत और उन जगहों के बारे में बात की, जहां से वे आते हैं.

यानी यहां Asian music की कोई एक तय परिभाषा नहीं थी.

हर कलाकार अपनी भाषा, अनुभव और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि लेकर आया.

यही शायद एशियाई पॉप की सबसे बड़ी ताकत है- इसमें विविधता ही इसकी पहचान है.

Grammy अब क्या करेगा?

Recording Academy के CEO Harvey Mason Jr. ने कहा है कि संस्था वैश्विक संगीत समुदाय की बात सुनती रहेगी और दुनिया को प्रभावित करने वाले कलाकारों का सम्मान करने की कोशिश करेगी.

लेकिन BTS के फैसले के बाद एक सीधा सवाल सामने है-

नई Asian pop कैटेगरी बनाते समय आखिर किन कलाकारों, संगीतकारों और एशियाई संगीत विशेषज्ञों से सलाह ली गई?

अफ्रीकी संगीत की Grammy कैटेगरी बनाते समय Recording Academy ने अफ्रीका जाकर कलाकारों और संगीत समुदाय से बातचीत करने की बात कही थी. ऐसे में एशिया के मामले में भी व्यापक और विविध प्रतिनिधित्व की अपेक्षा स्वाभाविक है.

क्योंकि एशिया कोई एक संगीत बाजार नहीं है.

यह भाषाओं, संस्कृतियों, इतिहासों और संगीत परंपराओं का एक विशाल संसार है.

और शायद BTS के इस फैसले की सबसे बड़ी दिलचस्प बात यही है.

उन्होंने Grammy की एक कैटेगरी को चुनौती दी है, लेकिन इसके साथ एक बड़ा सवाल भी सामने रख दिया है- क्या दुनिया एशियाई संगीत को उसकी अपनी विविधता में सुनने के लिए तैयार है, या अभी भी उसे पश्चिमी नजरिए से वर्गीकृत करना चाहती है?

BTS ने Grammy में अपना संगीत न भेजने का फैसला किया है. लेकिन विडंबना यह है कि उनके इस फैसले ने शायद पहली बार दुनिया का ध्यान और ज्यादा मजबूती से एशिया के संगीत की विविधता की ओर खींच दिया है.

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लेखक के बारे में

By अचल प्रियदर्शी

अचल प्रियदर्शी (Achal Priyadarshy) अंतरराष्ट्रीय संबंधों, इंडिक एवं इंडीजीनस अध्ययन के जानकार, शिक्षाविद् और 33 पुस्तकों के लेखक हैं.

उन्होंने केंद्रीय मंत्री के राजनीतिक सहायक के तौर पर काम किया है, तथा ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट (TRI)- रांची और झारखंड सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग (DoFECC) के साथ भी कार्य किया है.

उन्होंने सैकड़ों UPSC अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन किया है, और अंतरराष्ट्रीय संबंधों व समसामयिक विषयों पर उनके विश्लेषणात्मक लेख नियमित रूप से UPSC-केंद्रित पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे हैं.

साहित्य और जनजातीय इतिहास में उनके योगदान को मान्यता देते हुए उन्हें वर्ष 2025 में आयोजित जमशेदपुर लिटरेचर फेस्टिवल के उद्घाटन संस्करण में उनकी पुस्तक Tribal Bravehearts के लिए शब्द-शिल्पी सम्मान से सम्मानित किया गया. शैक्षणिक रूप से, उन्होंने हार्वर्ड डिविनिटी स्कूल से Religion, Peace and Conflict विषय में अध्ययन किया है.

ये उनकी कुछ लोकप्रिय किताबें हैं;

  1. Pakistan State, Armed Influenconomy (प्रभात प्रकाशन) (2026)

  2. Winning Bengal: Inside West Bengal’s Electoral War of 2026 (प्रभात प्रकाशन) (2026)

  3. बिहार जनादेश 2025 (प्रभात प्रकाशन) (2026)

  4. International Relations: UPSC & State Civil Services Examinations (Oakbridge Publishing) (2026)

  5. ब्रांड हेमंत (स्वतंत्र प्रकाशन) (2025)

  6. झारखण्ड की जनजाति समाज और समय का संकट (प्रकाशन संसथान) (2026)

  7. जनजातीय शूरवीर (प्रभात प्रकाशन) (2026)

  8. Know Your State: Jharkhand (अरिहंत प्रकाशन) (2025)

  9. उत्तर प्रदेश सामान्य ज्ञान (क्राउन पुब्लिकेशन्स) (2024)

  10. बिहार सामान्य ज्ञान (उपकार प्रकाशन) (2024)

  11. International Relations for UPSC Mains (Pratiyogita Darpan) (2024)

  12. Internal Security & Disaster Management for UPSC Mains (Pratiyogita Darpan) (2024)

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